स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ | Class 11 Sangeet Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ from Class 11 Sangeet, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ का परिचय
भारतीय संगीत में स्वर और ताल की लिपि पद्धतियाँ संगीत की संरचना और प्रस्तुति को व्यवस्थित रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम हैं। स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ संगीत के विभिन्न तत्वों जैसे स्वर (संगीत के मूल ध्वनि तत्व) और ताल (लयबद्धता) को लिखित रूप में प्रस्तुत करती हैं। संगीत के क्रियात्मक पक्ष को स्वर और ताल सहित लिखने की विधि को स्वरलिपि कहा जाता है। इसका मूल उद्देश्य संगीत के क्रियात्मक पक्ष का प्रलेखन एवं संरक्षण करना है ताकि संगीत की रचनाएँ और प्रदर्शन स्थायी रूप से संरक्षित हो सकें। प्राचीन काल से ही स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ विद्यमान थीं, किन्तु वे पूर्ण नहीं थीं। आधुनिक युग में पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे और पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर ने इन पद्धतियों का वैज्ञानिक और प्रामाणिक रूप से विकास किया। आज उत्तर भारत में भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति विशेष रूप से प्रचलित है। स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ संगीत के स्वर और ताल को स्पष्ट, व्यवस्थित और स्थायी रूप में अभिव्यक्त करती हैं, जिससे संगीत शिक्षा, रचना और प्रस्तुति में सहायता मिलती है।
📊 Diagram: 11154CH87; 11154CH87
🧪 Activity: स्वरलिपि में लिखी गई रचना को समझना और उसमें प्रयुक्त स्वर-ताल चिह्नों की पहचान करना।
🔗 Connection: यह परिचय स्वर-ताल लिपि पद्धतियों के इतिहास और विकास की चर्चा से जुड़ता है, जहाँ इन पद्धतियों के उद्भव और प्रगति पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
Table on page 1 (3×12)
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नी | - | सं | नी | - | प | नी | ग | - | प | नी | - |
| हीं | s | s | ग | s | ई | s | सुं | s | द | र | s |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति में अपने पाठ्यक्रम के किसी राग के द्रुत ख्याल की बंदिश लिखिए।
भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति में द्रुत ख्याल की बंदिश लिखने के लिए पहले उस राग की स्वर संरचना को समझना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, राग भैरव के द्रुत ख्याल की बंदिश इस प्रकार लिखी जा सकती है:
सा रे ग म प ध नि सां, सां नि ध प म ग रे सा
यह बंदिश भातखण्डे स्वरलिपि के अनुसार सरल और स्पष्ट रूप में लिखी जाती है। द्रुत ख्याल में गति तेज होती है, इसलिए मात्रा और ताल का ध्यान रखते हुए बंदिश लिखनी चाहिए।
2. अपने पाठ्यक्रम के किन्ही दो रागों के द्रुत ख्याल में आठ मात्रा की चार तानें लिखिए।
द्रुत ख्याल में तानें लिखने के लिए राग के स्वर और ताल की समझ आवश्यक है। उदाहरण के लिए:
राग यमन की तानें (8 मात्रा की): 1) सा रे ग म प ध नि सां 2) सां नि ध प म ग रे सा 3) ग म प ध नि सां ध प 4) म प ध नि सां ध प म
राग भैरव की तानें (8 मात्रा की): 1) सा रे ग म प ध नि सां 2) सां नि ध प म ग रे सा 3) प ध नि सां ध प म ग 4) ध नि सां ध प म ग रे
इन तानों को भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति के अनुसार लिखना चाहिए, जिसमें स्वर अक्षरों द्वारा और ताल चिह्नों द्वारा दर्शाए जाते हैं।
3. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर ताल-लिपि पद्धति के प्रमुख चिह्नों को समझाइए।
विष्णु दिगम्बर पलुस्कर ताल-लिपि पद्धति में ताल के विभिन्न भागों को दर्शाने के लिए विशेष चिह्नों का प्रयोग किया जाता है। प्रमुख चिह्न निम्नलिखित हैं:
1) ०० - ताल की शुरुआत या सम 2) + - ताल के विभाजन को दर्शाता है 3) 9 - ताल की एक विशेष मात्रा या जोड़ 4) × - ताल में ठहराव या विराम
इन चिह्नों का प्रयोग ताल की लयबद्धता और संरचना को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए किया जाता है। यह पद्धति ताल की जटिलताओं को सरलता से समझने और लिखने में सहायक होती है।
4. भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति में शुद्ध व विकृत स्वरों को लिखने की विधि उदाहरण सहित समझाइए।
भातखण्डे स्वरलिपि पद्धति में शुद्ध स्वर और विकृत स्वर को अलग-अलग चिह्नों और संकेतों द्वारा लिखा जाता है।
शुद्ध स्वर: ये वे स्वर होते हैं जो राग के मूल स्वर होते हैं, जैसे सा, रे, ग, म, प, ध, नि। इन्हें सामान्य अक्षरों से लिखा जाता है।
विकृत स्वर: ये वे स्वर होते हैं जो राग में अलंकार या विशेष प्रभाव के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे रे का कमाल, ग का तिरछा स्वर आदि। इन्हें अक्षरों के ऊपर या नीचे विशेष चिह्न लगाकर लिखा जाता है।
उदाहरण: शुद्ध स्वर - सा, रे, ग विकृत स्वर - रे (कमाल स्वर) को रे के
इस अध्याय में महारत हासिल करें
पूरा स्वर-ताल लिपि पद्धतियाँ अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।
ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें
रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।
मुफ़्त सीखना शुरू करेंऔर पढ़ें
- तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन | Class 11 Sangeet Notes
Clear NCERT-aligned notes on तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन for Class 11 Sangeet.
- तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन | Class 11 Sangeet Notes
Clear NCERT-aligned notes on तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन for Class 11 Sangeet.
- तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन | Class 11 Sangeet Notes
Clear NCERT-aligned notes on तबला एवं पखावज वाद्यों के घरानों का वर्णन for Class 11 Sangeet.