Sangeetकक्षा 11ध्वनिहिंदी

ध्वनि | Class 11 Sangeet Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 8 मिनट का पठन

ध्वनि | Class 11 Sangeet Notes

ध्वनि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ध्वनि from Class 11 Sangeet, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

लय और ताल

लय संगीत की वह व्यवस्था है जो समय और गति को नियंत्रित करती है। यह प्रकृति में व्याप्त है, जैसे सूर्य और चंद्रमा की गति, मनुष्य की नाड़ी और हृदय की धड़कन। लय के तीन प्रकार होते हैं: विलंबित लय (धीमी गति), मध्य लय (सामान्य गति), और ट्टुत लय (तेज गति)। विलंबित लय में संगीत धीमी गति से चलता है, जैसे झूमरा, तिलवाड़ा ताल। मध्य लय सामान्य गति है, जिसमें अधिकतर संगीत होता है, जैसे त्रिताल, एकताल। ट्टुत लय दोगुनी गति होती है, जिसमें तराने और झटपट गतियाँ होती हैं।

ताल संगीत में समय को मापने का आधार है। ताल में मात्राएँ होती हैं, जो ताली और खाली के माध्यम से विभाजित होती हैं। प्रत्येक ताल के विभाग होते हैं, जिन्हें ताली और खाली से पहचाना जाता है। ताल की सबसे छोटी इकाई मात्रा होती है। ताल के प्रमुख उदाहरण हैं: एकताल (12 मात्रा), तीव्रा ताल (7 मात्रा), चारताल (12 मात्रा)। ताल की प्रथम मात्रा को सम कहा जाता है, जिस पर विशेष जोर दिया जाता है। ठेका ताल का मूल बोल होता है, जो ताल की पहचान करवाता है।

📊 Diagram: Tables on pages 16, 17, and 18 showing एकताल, तीव्रा ताल, चारताल, रूपक ताल, और झपताल के बोल और चिह्न।

🧪 Activity: ताल के विभिन्न प्रकारों के बोल और चिह्न समझें; सम की महत्ता पर चर्चा करें।

🔗 Connection: ताल के बाद आवर्तन की अवधारणा आती है, जो ताल के पुनरावृत्ति से संबंधित है।

Table on page 16 (3×13)

मात्रा123456789101112
बोलधिंधिंधागेतिरकिटतूनात्ताधागेतिरकिटधीना
चिह्नx02034

Table on page 16 (3×8)

मात्रा1234567
बोलधादिंतातिटकृतगदिगुन
चिह्न×23

Table on page 17 (3×13)

मात्रा123456789101112
बोलधाधादिंताकिटधादिंतातिटकृतगदिगन
चिह्न×02034

Table on page 17 (3×17)

मात्रा12345678910111213141516
बोलधाधिंधिंधाधाधिंधिंधाधातिंतिंताताधिंधिंधा
चिह्न×203

Table on page 18 (3×8)

मात्रा1234567
बोलतीतीनाधीनाधीना
चिह्न023

Table on page 18 (3×11)

मात्रा12345678910
बोलधीनाधीधीनातीनाधीधीना
चिह्न×203

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. संगीत कला का माध्यम है इसकी पुष्टिकरण करें। 2. नाद किसे कहते हैं? 3. श्रुति को परिभाषित करते हुए श्रुतियों की संख्या बताइए। 4. मूच्छना किसे कहते हैं? 5. लय को परिभाषित करते हुए लय के प्रकार बताइए। 6. भातखण्डे ताललिपि के अनुसार सम को परिभाषित करते हुए, उसका चिह्न लिखिए। 7. वर्ण से आप क्या समझते हैं? 8. शार्डगदेव ने संगीत रत्नाकर में राग की क्या परिभाषा दी है? 9. मतांग मुनि ने रागों के कितने भेद बताए हैं? 10. अष्टक किसे कहते हैं? 11. नाद की जाति अथवा गुण से आप क्या समझते हैं। उदाहरण सहित समझाइए। 12. 22 श्रुतियों के नाम व उनकी आंदोलन संख्या लिखिए। 13. आधुनिक काल के स्वर-स्थापना के अनुसार, 22 श्रुतियों में सात स्वर का स्केल बनाकर दिखाइए। 14. संगीत रत्नाकर में वर्ण को किस तरह परिभाषित किया गया है? 15. राग के सभी लक्षणों की उदाहरण सहित विवेचना कीजिए। 16. औड़व-संपूर्ण जाति का राग बताएँ एवं उसका विवरण कीजिए। 17. ग्राम को परिभाषित करते हुए ग्राम के प्रकारों को समझाइए। 18. मूच्छना एवं मूच्छना के प्रकारों को विस्तार से समझाइए। 19. मतांग कृत बृहद्देशी में वर्णित विषयों एवं सिद्धांतों को विस्तार से समझाइए। 20. हिंदुस्तानी संगीत में ताल के महत्व को समझाएँ। किसी एक ताल का विवरण देते हुए उसका ठेका लिखिए।

1. संगीत कला का माध्यम ध्वनि है क्योंकि संगीत ध्वनि की विभिन्नताओं से उत्पन्न होता है। ध्वनि के माध्यम से भाव, लय, स्वर आदि प्रकट होते हैं। 2. नाद वह ध्वनि है जो किसी वस्तु के कम्पन से उत्पन्न होती है। 3. श्रुति वह सूक्ष्मतम ध्वनि अंतर है जिसे कान सुन सकता है। श्रुतियों की संख्या 22 मानी जाती है। 4. मूच्छना वह प्रक्रिया है जिसमें स्वर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक खींचा जाता है। 5. लय वह क्रमबद्धता है जिसमें ध्वनि की मात्राएँ नियमित अंतराल पर आती हैं। लय के प्रकार- स्थायी लय, चल लय, विलंबित लय।

सही या गलत बताइए— 1. आहत तथा अनाहत नाद के भेद हैं। (सही/गलत) 2. विद्वानों ने श्रुतियों की संख्या 24 बताई है। (सही/गलत) 3. भरतमुनि के अनुसार रे-ध की चार श्रुतियाँ मानी गयी हैं। (सही/गलत) 4. मंद्र, मध्य तथा तार सप्तक के प्रकार हैं। (सही/गलत) 5. राग यमन की जाति औड्व-संपूर्ण है। (सही/गलत) 6. खाली को दक्षिण भारतीय ताल पद्धति में विसर्जितम कहते हैं। (सही/गलत) 7. किसी भी ताल की प्रथम तथा अंतिम मात्रा को सम कहते हैं। (सही/गलत) 8. चारताल में 12 मात्राएँ होती हैं। (सही/गलत) 9. विद्वानों ने श्रुतियों की संख्या 26 निर्धारित की है। (सही/गलत) 10. नाद की जाति के आधार पर वाद्य या व्यक्ति को बिना देखे उसकी आवाज़ सुनकर हम यह आसानी से पहचान जाते हैं कि आवाज़ किसकी है। (सही/गलत) 11. किसी भी राग में षड्ज स्वर कभी वर्जित नहीं होता। (सही/गलत) 12. जब एक ही स्वर बार-बार उच्चारित होता है, तो उसे संचारी वर्ण कहते हैं। (सही/गलत)

1. सही 2. गलत (श्रुतियों की संख्या 22 मानी जाती है) 3. सही 4. सही 5. सही 6. सही 7. गलत (सिर्फ प्रथम मात्रा को सम कहते हैं) 8. गलत (चारताल में 16 मात्राएँ होती हैं) 9. गलत 10. सही 11. सही 12. सही

रिवत्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 1. संगीत का आधार __________ है, नाद से __________ , श्रुति से __________ तथा स्वर से __________ की उत्पत्ति होती है। 2. जब आघात अथवा घर्षण से ध्वनि उत्पन्न होती है उसे __________ नाद कहते हैं। 3. सात स्वरों के समूह को __________ कहते हैं। 4. योऽसौ ध्वनि __________ , __________ विभूषित। 5. जिस राग में छह स्वर गाये जाते हैं वह __________ जाति का राग होता है। 6. मतंग __________ वीणा के अविष्कारक माने जाते हैं। 7. वर्तमान काल में पंडित भातखण्डे द्वारा स्वर की स्थापना श्रुतियों में से __________ श्रुति पर की गई। 8. सात स्वरों को क्रमानुसार आरोह तथा अवरोह में प्रयोग करने को __________ कहते हैं। 9. षड्ज ग्राम का आरंभिक एवं प्रधान स्वर __________ है। 10. भीमपलासी __________ जाति का राग है। 11. तीव्रा ताल में __________ मात्राएँ होती हैं।

1. ध्वनि, स्वर, वर्ण, राग 2. आहत 3. सप्तक 4. नाद, रस 5. औड़व 6. मतांग मुनि 7. 10वीं 8. राग 9. षड्ज 10. खमाज 11. 7

विभाग 'अ' के शब्दों का 'आ' विभाग में दिए गए शब्दों से मिलान करें— (क) आहत (ख) रौद्धी (ग) औड्व (घ) उरमंदा (ङ) विलंबित (च) सशब्द क्रिया (छ) अद्भुत (ज) राग बागेश्री (झ) झपताल (ञ) एकताल आ विभाग के शब्द: 1. 12 मात्रा 2. जाति 3. लय 4. नाद 5. ताली 6. रस 7. श्रुति 8. 2323 9. प्रथम मूच्छना 10. काफी थाट

{'(क) आहत': '4. नाद', '(ख) रौद्धी': '7. श्रुति', '(ग) औड्व': '2. जाति', '(घ) उरमंदा': '3. लय', '(ङ) विलंबित': '10. काफी थाट', '(च) सशब्द क्रिया': '9. प्रथम मूच्छना', '(छ) अद्भुत': '6. रस', '(ज) राग बागेश्री': '8. 2323', '(झ) झपताल': '1. 12 मात्रा', '(ञ) एकताल': '5. ताली'}

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