कैसे दिखते हैं तबला एवं पखावज वाद्य? | Class 11 Sangeet Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

कैसे दिखते हैं तबला एवं पखावज वाद्य? – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कैसे दिखते हैं तबला एवं पखावज वाद्य? from Class 11 Sangeet, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
पखावज
पखावज उत्तर भारतीय संगीत का एक प्रमुख अवनद्ध वाद्य है, जो मुख्यतः धूपद और धमार गायकी में संगति के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त एकल वादन भी बहुत लोकप्रिय है। पखावज दो मुखी वाद्य है जिसे लिटाकर बजाया जाता है। इसका मूल भाग शीशाम, बीजा या आम की लकड़ी से बनाया जाता है। इसकी लंबाई लगभग 75 से 80 सेंटीमीटर होती है। पखावज का दायाँ मुख छोटा और बायाँ मुख बड़ा होता है। दायें मुख का व्यास लगभग 16 से 18 सेंटीमीटर होता है, जबकि बायें मुख का व्यास लगभग 24 से 25 सेंटीमीटर होता है। पखावज के दोनों मुखों का व्यास उसकी लंबाई के अनुपात के अनुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
पखावज के बायें मुख पर गीला आटा लगाया जाता है, जिससे इसका स्वर नीचा और गंभीर होता है। दायें मुख पर स्याही का लेप होता है, जो इसे ऊँचे स्वर में रखता है। पखावज के दोनों मुखों पर बकरे के चमड़े की पूड़ी लगी होती है, जो गजरे और बद्धियों द्वारा कसकर एक साथ जोड़ी जाती है। बद्धियाँ भैंस या ऊँट के चमड़े से बनाई जाती हैं। पखावज के गजरे पर 16 घर होते हैं, जिनकी सहायता से स्वर को चढ़ाया या उतारा जाता है। बद्धियों में लकड़ी के आठ गड्ढे फंसे होते हैं, जो वाद्य को मिलाने में मदद करते हैं।
पखावज की ध्वनि अधिक जोरदार, गूँजमय और आँसदार होती है। इसका स्वर मुख्यतः लकड़ी के खोल पर निर्भर करता है। पखावज और दक्षिण के मृदंगम् में आकार का बड़ा अंतर होता है, पखावज मृदंगम् से बड़ा होता है। पखावज में मुख्य रूप से चौताल, धमार, सूलताल, आदिताल, तीव्रा, बसंत, लक्ष्मी आदि तालों का प्रयोग होता है।
प्राचीन काल में मृदंगम् या पखावज का प्रयोग भक्ति संगीत के लिए किया जाता था। रामायण और महाभारत काल में इसके प्रयोग का उल्लेख मिलता है। पारंपरिक मंदिरों में आज भी इसका उपयोग होता है।
📊 Diagram: चित्र 2.3– पखावज वाद्य की बनावट; चित्र 2.4– पखावज बजाते हुए पंडित मोहन श्याम शर्मा व अन्य कलाकार
🧪 Activity: पखावज के मुखों के आकार और उनके स्वर की तुलना करें।
🔗 Connection: यह अनुभाग तबला और पखावज के तालों के अध्ययन से जुड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तबला भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रमुख ताल वाद्य है, जिसमें दो ड्रम होते हैं। इनमें दायाँ ड्रम को क्या कहा जाता है?
ध्यान
तबला के बायाँ ड्रम की बनावट कैसी होती है?
बड़ा और घड़ा जैसा
तबला की सतह पर काले रंग का धब्बा किस नाम से जाना जाता है?
सियाही
तबला वादक किस अंग का मुख्य रूप से प्रयोग करता है?
उंगलियाँ और हथेलियाँ
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