मानव स्मृति | Class 11 Psychology Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

मानव स्मृति – this guide gives you a concise, exam-ready overview of मानव स्मृति from Class 11 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
दीर्घकालिक स्मृति के प्रकार
दीर्घकालिक स्मृति एक एकीकृत भंडार नहीं है, बल्कि इसमें विभिन्न प्रकार की स्मृतियाँ होती हैं। मुख्य वर्गीकरण घोषणात्मक (declarative) और प्रक्रियामूलक (procedural) स्मृतियाँ हैं। घोषणात्मक स्मृति में तथ्य, नाम, तिथि आदि शामिल होते हैं, जिन्हें शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है, जैसे भारत की स्वतंत्रता तिथि। प्रक्रियामूलक स्मृति कौशल और क्रियाओं से संबंधित होती है, जैसे साइकिल चलाना या चाय बनाना, जिन्हें सहजता से शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। टलविंग (Tulving) ने घोषणात्मक स्मृति को और विभाजित किया है: (1) घटनापरक (episodic) स्मृति – जो व्यक्तिगत जीवन की घटनाओं से संबंधित होती है और सामान्यतः सांवेगिक होती है, जैसे स्कूल में पहली बार आने की याद। (2) आर्थी (semantic) स्मृति – जो सामान्य ज्ञान, तथ्य और अवधारणाओं से संबंधित होती है, जैसे 'मेंढक उभयचर है'। इसके अतिरिक्त क्षणदीप स्मृतियाँ, जीवनचरित स्मृतियाँ, और निहित स्मृतियाँ भी दीर्घकालिक स्मृति के अन्य रूप हैं। क्षणदीप स्मृतियाँ तीव्र और स्पष्ट होती हैं, जीवनचरित स्मृतियाँ व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़ी होती हैं, और निहित स्मृतियाँ चेतन अभिज्ञा से बाहर होती हैं लेकिन व्यवहार को प्रभावित करती हैं। इस प्रकार दीर्घकालिक स्मृति जटिल और बहुआयामी है।
🧪 Activity: क्रियाकलाप 6.2 में विद्यार्थियों को अपने जीवन की घटनाओं को याद कर लिखने और उनकी तुलना करने का अभ्यास कराया गया है।
🔗 Connection: दीर्घकालिक स्मृति के प्रकारों के बाद हम विस्मरण के स्वरूप और कारणों का अध्ययन करेंगे, जो स्मृति की विफलता को समझने में मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
I. नीचे लिखे गए अंकों की सूची (प्रत्येक अंक) को याद करने का प्रयत्न कीजिए : 19254981121 अब इन्हें निम्न समूहों में याद करने का प्रयास कीजिए : 19254981121 अंत में इन्हें निम्नलिखित तरीके से याद कीजिए : 1² 3² 5² 7² 9² 11² आपने इनमें क्या अंतर पाया? II. नीचे की पंक्ति में दी गई सूची का एक-एक अंक प्रति सेकण्ड की गति से पढ़िए तथा अपने मित्र को उसी क्रम में अंकों को दोहराने के लिए कहिए : | सूची | अंक | | --- | --- | | 1 (6 अंक) | 2-6-3-8-3-4 | | 2 (7 अंक) | 7-4-8-2-4-1-2 | | 3 (8 अंक) | 4-3-7-2-9-0-3-6 | | 4 (10 अंक) | 9-2-4-1-7-8-2-6-5-3 | | 5 (12 अंक) | 8-2-5-4-7-4-7-7-3-9-1-6 | याद रखिए कि आपके द्वारा एक पंक्ति के सभी अंकों को पढ़ लेने के बाद आपका मित्र प्रत्याहान करेगा। आपके मित्र द्वारा प्रत्याहान की गई अंकों की सही मात
I. जब आप अंकों को बिना समूह बनाए याद करने की कोशिश करते हैं, तो याद रखना कठिन होता है क्योंकि अल्पकालिक स्मृति की क्षमता सीमित होती है। समूह बनाकर याद करने (chunking) से स्मृति की क्षमता बढ़ जाती है क्योंकि आप बड़ी संख्या को छोटे-छोटे अर्थपूर्ण समूहों में बाँट देते हैं, जिससे याद रखना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए, 19254981121 को 1² 3² 5² 7² 9² 11² के रूप में याद करना अधिक सरल होता है क्योंकि ये संख्याएँ गणितीय पैटर्न (वर्ग संख्याएँ) दर्शाती हैं।
II. जैसे-जैसे अंक की संख्या बढ़ती है (6 से 12 त
1. कूट संकेतन, भंडारण और पुनरुद्धार का क्या तात्पर्य है? 2. संवेदी, अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक स्मृति तंत्र से सूचना का प्रक्रमण किस प्रकार होता है? 3. अनुरक्षण एवं विस्तृत पूर्वाभ्यास में क्या अंतर है? 4. घोषणात्मक एवं प्रक्रियामूलक स्मृतियों में क्या अंतर है? 5. विस्मरण क्यों होता है? 6. अवरोध के कारण विस्मरण, पुनरुद्धार से संबंधित विस्मरण से किस प्रकार भिन्न है? 7. स्मृति-सहायक संकेत क्या हैं? अपनी स्मृति सुधार के लिए एक योजना के बारे में सुझाव दीजिए?
1. कूट संकेतन का तात्पर्य सूचना को इस प्रकार पंजीकृत करना है कि वह स्मृति तंत्र के अनुरूप हो। भंडारण का अर्थ है सूचना को एक समय तक स्मृति में रखना। पुनरुद्धार का तात्पर्य है स्मृति में रखी गई सूचना को पुनः चेतना में लाना।
2. संवेदी स्मृति में सूचना संवेदी अंगों द्वारा ग्रहण की जाती है और कुछ समय के लिए रखी जाती है। अल्पकालिक स्मृति में सूचना थोड़े समय के लिए रखी जाती है और सक्रिय रूप से प्रक्रमित होती है। दीर्घकालिक स्मृति में सूचना स्थायी रूप से संग्रहित होती है।
3. अनुरक्षण पूर्वाभ्यास में स
1. अपने जीवन की कोई घटना जो बहुत स्पष्ट रूप से आपको याद हो उसे पुनःस्मरण करें और लिखें। उस घटना में जो अन्य लोग सम्मिलित थे, यथा, भाई/बहन, माता-पिता/रिश्तेदार, उन्हें भी लिखने को कहें। दोनों के प्रत्याहान की तुलना कीजिए तथा समानता और भिन्नता ढूँढ़ने का प्रयास कीजिए।
यह परियोजना विचार है जिसमें विद्यार्थी को अपने जीवन की एक स्पष्ट घटना का चयन करना है और उसे विस्तार से लिखना है। फिर उस घटना में शामिल अन्य लोगों से भी उनके दृष्टिकोण में लिखवाना है। इसके बाद दोनों स्मृतियों की तुलना कर समानताएँ और भिन्नताएँ निकालनी हैं। यह अभ्यास स्मृति की प्रकृति और व्यक्तिगत अनुभवों के भिन्न-भिन्न प्रभावों को समझने में मदद करता है।
स्मृति की प्रक्रिया में कौन-कौन सी तीन मुख्य अवस्थाएँ होती हैं?
कूट संकेतन, भंडारण, पुनरुद्धार
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