मानव स्मृति | Class 11 Psychology Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

मानव स्मृति – this guide gives you a concise, exam-ready overview of मानव स्मृति from Class 11 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
परिचय
स्मृति मानव जीवन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जटिल संज्ञानात्मक प्रक्रिया है, जो हमारे अनुभवों, ज्ञान और सूचनाओं को संग्रहित, संरक्षित और पुनः प्राप्त करने की क्षमता प्रदान करती है। यह हमारे व्यक्तित्व, निर्णय लेने, समस्या समाधान, और सामाजिक संबंधों के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाती है। स्मृति के बिना हमारा अस्तित्व और अनुभव संभव नहीं है। स्मृति के अध्ययन का इतिहास लगभग सौ वर्षों पुराना है, जिसकी शुरुआत हर्मन एबिन्गहास (Hermann Ebbinghaus) ने की, जिन्होंने स्वयं पर प्रयोग कर स्मृति की गति और विस्मरण की प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। स्मृति की प्रक्रिया में तीन मुख्य अवस्थाएँ होती हैं: कूट संकेतन (encoding), भंडारण (storage), और पुनरुद्धार (retrieval)। कूट संकेतन वह प्रक्रिया है जिसमें सूचना को स्मृति तंत्र में पहली बार पंजीकृत किया जाता है। भंडारण में इस सूचना को एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रखा जाता है। पुनरुद्धार वह प्रक्रिया है जिसमें संग्रहित सूचना को आवश्यकतानुसार स्मृति से वापस प्राप्त किया जाता है। स्मृति की विफलता किसी भी एक या अधिक अवस्थाओं में हो सकती है। इस अध्याय में हम स्मृति के स्वरूप, प्रकार, विस्मरण के कारण, और स्मृति सुधार के उपायों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
🔗 Connection: यह परिचय स्मृति की प्रक्रिया और उसके स्वरूप को समझने के लिए आधार प्रदान करता है, जो अगले अनुभाग 'स्मृति का स्वरूप' में विस्तार से समझाया गया है।
Table on page 5 (6×2)
| सूची | अंक |
|---|---|
| 1 (6 अंक) | 2-6-3-8-3-4 |
| 2 (7 अंक) | 7-4-8-2-4-1-2 |
| 3 (8 अंक) | 4-3-7-2-9-0-3-6 |
| 4 (10 अंक) | 9-2-4-1-7-8-2-6-5-3 |
| 5 (12 अंक) | 8-2-5-4-7-4-7-7-3-9-1-6 |
Table on page 11 (7×4)
| तालिका 6.1 पूर्वलक्षी तथा अग्रलक्षी अवरोध के लिए प्रायोगिक अभिकल्प | |||
|---|---|---|---|
| पूर्वलक्षी अवरोध | चरण 1 | चरण 2 | परीक्षण चरण |
| प्रायोगिक प्रतिभागी/समूह | अधिगम A | अधिगम B | प्रत्याहान A |
| नियंत्रित प्रतिभागी/समूह | अधिगम A | आराम (कोई अधिगम नहीं) | प्रत्याहान A |
| अग्रलक्षी अवरोध | |||
| प्रायोगिक प्रतिभागी/समूह | अधिगम A | अधिगम B | प्रत्याहान B |
| नियंत्रित प्रतिभागी/समूह | आराम (कोई अधिगम नहीं) | अधिगम B | प्रत्याहान B |
Table on page 12 (5×3)
| बकरी | भेड़ | तेंदुआ |
|---|---|---|
| सियार | बंदर | ऊँट |
| खच्चर | हिरन | गिलहरी |
| घोड़ा | चौंता | भेड़िया |
| साँप | खरगोश | तोता |
Table on page 12 (5×3)
| सूअर | हाथी | गधा |
|---|---|---|
| कबूतर | कोबरा | बाघ |
| मैना | शेर | बछड़ा |
| भालू | लोमड़ी | कौआ |
| भैंस | चूहा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
I. नीचे लिखे गए अंकों की सूची (प्रत्येक अंक) को याद करने का प्रयत्न कीजिए : 19254981121 अब इन्हें निम्न समूहों में याद करने का प्रयास कीजिए : 19254981121 अंत में इन्हें निम्नलिखित तरीके से याद कीजिए : 1² 3² 5² 7² 9² 11² आपने इनमें क्या अंतर पाया? II. नीचे की पंक्ति में दी गई सूची का एक-एक अंक प्रति सेकण्ड की गति से पढ़िए तथा अपने मित्र को उसी क्रम में अंकों को दोहराने के लिए कहिए : | सूची | अंक | | --- | --- | | 1 (6 अंक) | 2-6-3-8-3-4 | | 2 (7 अंक) | 7-4-8-2-4-1-2 | | 3 (8 अंक) | 4-3-7-2-9-0-3-6 | | 4 (10 अंक) | 9-2-4-1-7-8-2-6-5-3 | | 5 (12 अंक) | 8-2-5-4-7-4-7-7-3-9-1-6 | याद रखिए कि आपके द्वारा एक पंक्ति के सभी अंकों को पढ़ लेने के बाद आपका मित्र प्रत्याहान करेगा। आपके मित्र द्वारा प्रत्याहान की गई अंकों की सही मात
I. जब आप अंकों को बिना समूह बनाए याद करने की कोशिश करते हैं, तो याद रखना कठिन होता है क्योंकि अल्पकालिक स्मृति की क्षमता सीमित होती है। समूह बनाकर याद करने (chunking) से स्मृति की क्षमता बढ़ जाती है क्योंकि आप बड़ी संख्या को छोटे-छोटे अर्थपूर्ण समूहों में बाँट देते हैं, जिससे याद रखना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए, 19254981121 को 1² 3² 5² 7² 9² 11² के रूप में याद करना अधिक सरल होता है क्योंकि ये संख्याएँ गणितीय पैटर्न (वर्ग संख्याएँ) दर्शाती हैं।
II. जैसे-जैसे अंक की संख्या बढ़ती है (6 से 12 त
1. कूट संकेतन, भंडारण और पुनरुद्धार का क्या तात्पर्य है? 2. संवेदी, अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक स्मृति तंत्र से सूचना का प्रक्रमण किस प्रकार होता है? 3. अनुरक्षण एवं विस्तृत पूर्वाभ्यास में क्या अंतर है? 4. घोषणात्मक एवं प्रक्रियामूलक स्मृतियों में क्या अंतर है? 5. विस्मरण क्यों होता है? 6. अवरोध के कारण विस्मरण, पुनरुद्धार से संबंधित विस्मरण से किस प्रकार भिन्न है? 7. स्मृति-सहायक संकेत क्या हैं? अपनी स्मृति सुधार के लिए एक योजना के बारे में सुझाव दीजिए?
1. कूट संकेतन का तात्पर्य सूचना को इस प्रकार पंजीकृत करना है कि वह स्मृति तंत्र के अनुरूप हो। भंडारण का अर्थ है सूचना को एक समय तक स्मृति में रखना। पुनरुद्धार का तात्पर्य है स्मृति में रखी गई सूचना को पुनः चेतना में लाना।
2. संवेदी स्मृति में सूचना संवेदी अंगों द्वारा ग्रहण की जाती है और कुछ समय के लिए रखी जाती है। अल्पकालिक स्मृति में सूचना थोड़े समय के लिए रखी जाती है और सक्रिय रूप से प्रक्रमित होती है। दीर्घकालिक स्मृति में सूचना स्थायी रूप से संग्रहित होती है।
3. अनुरक्षण पूर्वाभ्यास में स
1. अपने जीवन की कोई घटना जो बहुत स्पष्ट रूप से आपको याद हो उसे पुनःस्मरण करें और लिखें। उस घटना में जो अन्य लोग सम्मिलित थे, यथा, भाई/बहन, माता-पिता/रिश्तेदार, उन्हें भी लिखने को कहें। दोनों के प्रत्याहान की तुलना कीजिए तथा समानता और भिन्नता ढूँढ़ने का प्रयास कीजिए।
यह परियोजना विचार है जिसमें विद्यार्थी को अपने जीवन की एक स्पष्ट घटना का चयन करना है और उसे विस्तार से लिखना है। फिर उस घटना में शामिल अन्य लोगों से भी उनके दृष्टिकोण में लिखवाना है। इसके बाद दोनों स्मृतियों की तुलना कर समानताएँ और भिन्नताएँ निकालनी हैं। यह अभ्यास स्मृति की प्रकृति और व्यक्तिगत अनुभवों के भिन्न-भिन्न प्रभावों को समझने में मदद करता है।
स्मृति की प्रक्रिया में कौन-कौन सी तीन मुख्य अवस्थाएँ होती हैं?
कूट संकेतन, भंडारण, पुनरुद्धार
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