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अधिगम | Class 11 Psychology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

अधिगम | Class 11 Psychology Notes

अधिगम – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अधिगम from Class 11 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

क्लासिकल कंडीशनिंग

क्लासिकल कंडीशनिंग अधिगम की वह प्रक्रिया है जिसमें एक तटस्थ उत्तेजना (Neutral Stimulus) को एक अप्राकृतिक उत्तेजना (Unconditioned Stimulus) के साथ जोड़ा जाता है, जिससे तटस्थ उत्तेजना पर भी अप्राकृतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया का अध्ययन सबसे पहले इवान पावलव ने किया था। पावलव ने अपने प्रयोगों में कुत्तों को भोजन (US) देने पर उनकी लार (UR) निकलती देखी। जब भोजन के साथ घंटी की ध्वनि (NS) को बार-बार जोड़ा गया, तो अंततः केवल घंटी की ध्वनि सुनते ही कुत्ते की लार निकलने लगी, जिसे सशर्त प्रतिक्रिया (CR) कहा गया। इस प्रकार, तटस्थ उत्तेजना (घंटी की ध्वनि) अप्राकृतिक उत्तेजना (भोजन) के साथ जुड़कर सशर्त उत्तेजना (CS) बन गई। क्लासिकल कंडीशनिंग में तीन मुख्य तत्व होते हैं: अप्राकृतिक उत्तेजना (US), अप्राकृतिक प्रतिक्रिया (UR), और तटस्थ उत्तेजना (NS) जो बाद में सशर्त उत्तेजना (CS) बन जाती है। यह अधिगम स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं को नए उत्तेजकों से जोड़ने की प्रक्रिया है। क्लासिकल कंडीशनिंग का उपयोग व्यवहार संशोधन, फोबिया के उपचार, और विज्ञापन में किया जाता है।

📊 Diagram: चित्र 5.1 : पावलव के शिकंजे में अनुबंधन के लिए कुत्ता

🧪 Activity: पावलव के प्रयोग का अवलोकन और अनुबंधन के चरणों को समझने के लिए कुत्ते के व्यवहार का अध्ययन।

🔗 Connection: यह क्लासिकल कंडीशनिंग के अनुबंधन के चरणों के अध्ययन की ओर ले जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिगम (Learning) का मनोविज्ञान में क्या अर्थ है और यह व्यक्ति के जीवन में किस प्रकार महत्वपूर्ण है?

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अनुभवों के आधार पर नए ज्ञान, कौशल, व्यवहार या मूल्यों को प्राप्त करता है या उनमें स्थायी परिवर्तन लाता है। यह व्यक्ति को अपने पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित होने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, बच्चे स्कूल में पढ़ाई के माध्यम से नई जानकारियाँ सीखते हैं।

क्लासिकल कंडीशनिंग की प्रक्रिया क्या है? इसे इवान पावलव के प्रयोग के संदर्भ में समझाइए।

क्लासिकल कंडीशनिंग वह अधिगम प्रक्रिया है जिसमें एक तटस्थ उत्तेजना (जैसे घंटी की ध्वनि) को अप्राकृतिक उत्तेजना (जैसे भोजन) के साथ जोड़ा जाता है, जिससे तटस्थ उत्तेजना पर भी अप्राकृतिक प्रतिक्रिया (जैसे लार निकलना) उत्पन्न होती है। पावलव ने कुत्तों पर प्रयोग कर यह दिखाया कि भोजन के साथ घंटी की ध्वनि जोड़ने पर अंततः केवल घंटी की आवाज सुनते ही कुत्ते लार निकालने लगते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा क्लासिकल कंडीशनिंग के तटस्थ उत्तेजना (Neutral Stimulus) का उदाहरण है?

घंटी की ध्वनि

चित्र 5.1 : पावलव के शिकंजे में अनुबंधन के लिए कुत्ता के बारे में बताइए। इस चित्र में कुत्ते के व्यवहार और अनुबंधन की प्रक्रिया को समझाते हुए वर्णन करें। चित्र में एक कुत्ता दिखाया गया है जो भोजन के लिए लार निकाल रहा है। इसके साथ एक घंटी की ध्वनि का प्रतीक भी है, जो भोजन के साथ जोड़ी जा रही है।

यह चित्र पावलव के क्लासिकल कंडीशनिंग प्रयोग को दर्शाता है जिसमें कुत्ते को भोजन (US) दिया जाता है जिससे लार (UR) निकलती है। घंटी की ध्वनि (NS) को भोजन के साथ बार-बार जोड़ा जाता है। अंततः घंटी की ध्वनि सशर्त उत्तेजना (CS) बन जाती है और कुत्ता केवल घंटी सुनकर भी लार (CR) निकालने लगता है।

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