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अधिगम | Class 11 Psychology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

अधिगम | Class 11 Psychology Notes

अधिगम – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अधिगम from Class 11 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

अधिगम में शब्दांश अधिगम

शब्दांश अधिगम भाषा अधिगम का एक महत्वपूर्ण भाग है जिसमें व्यक्ति नए शब्दों और उनके अर्थों को सीखता है। यह प्रक्रिया विशेष रूप से बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि भाषा विकास के प्रारंभिक चरण में वे शब्दांशों को पहचानकर भाषा सीखते हैं। अध्याय में दी गई तालिका में निरर्थक शब्दांश, अपरिचित शब्द, और परिचित शब्दों का उदाहरण दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कैसे व्यक्ति शब्दांशों को जोड़कर अर्थपूर्ण शब्द सीखता है। शब्दांश अधिगम में व्यक्ति शब्दों के ध्वन्यात्मक और अर्थगत पहलुओं को समझता है, जिससे भाषा की समझ और संचार कौशल विकसित होते हैं। यह अधिगम भाषा शिक्षण, पढ़ने-लिखने की क्षमता, और संचार कौशल के विकास में सहायक होता है।

📊 Diagram: Table on page 13 (16×3)

🧪 Activity: निरर्थक और परिचित शब्दांशों को पहचानने और उनके अर्थ समझने की गतिविधि।

🔗 Connection: यह शब्दांश-अनुक्रिया अधिगम की प्रक्रिया की ओर ले जाता है।

Table on page 13 (16×3)

निरर्थक शब्दांशअपरिचित शब्दपरिचित शब्द
क इ मगवाधकमल
च ओ पतितिक्षामहेश
ग अ खयोगपद्यनयन
प उ यतुक्तकदिवस
ट ए घचतुष्पदगणेश
ख ऐ ज्ञविषणणउद्योग
न अ डकुलिशप्रसाद
य उ घसुतक्षणीयसमीर
ज्ञ ओ गकाकलअर्जुन
घ इ कसंकुलसुवर्ण
ल ए पकर्मीदलमलय
र ओ यजम्बुमणिकपाल
ड ए कआप्लावनरमण
त अ गदाड़िमविक्रम
न उ यहुतात्मानिगम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिगम (Learning) का मनोविज्ञान में क्या अर्थ है और यह व्यक्ति के जीवन में किस प्रकार महत्वपूर्ण है?

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अनुभवों के आधार पर नए ज्ञान, कौशल, व्यवहार या मूल्यों को प्राप्त करता है या उनमें स्थायी परिवर्तन लाता है। यह व्यक्ति को अपने पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित होने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, बच्चे स्कूल में पढ़ाई के माध्यम से नई जानकारियाँ सीखते हैं।

क्लासिकल कंडीशनिंग की प्रक्रिया क्या है? इसे इवान पावलव के प्रयोग के संदर्भ में समझाइए।

क्लासिकल कंडीशनिंग वह अधिगम प्रक्रिया है जिसमें एक तटस्थ उत्तेजना (जैसे घंटी की ध्वनि) को अप्राकृतिक उत्तेजना (जैसे भोजन) के साथ जोड़ा जाता है, जिससे तटस्थ उत्तेजना पर भी अप्राकृतिक प्रतिक्रिया (जैसे लार निकलना) उत्पन्न होती है। पावलव ने कुत्तों पर प्रयोग कर यह दिखाया कि भोजन के साथ घंटी की ध्वनि जोड़ने पर अंततः केवल घंटी की आवाज सुनते ही कुत्ते लार निकालने लगते हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा क्लासिकल कंडीशनिंग के तटस्थ उत्तेजना (Neutral Stimulus) का उदाहरण है?

घंटी की ध्वनि

चित्र 5.1 : पावलव के शिकंजे में अनुबंधन के लिए कुत्ता के बारे में बताइए। इस चित्र में कुत्ते के व्यवहार और अनुबंधन की प्रक्रिया को समझाते हुए वर्णन करें। चित्र में एक कुत्ता दिखाया गया है जो भोजन के लिए लार निकाल रहा है। इसके साथ एक घंटी की ध्वनि का प्रतीक भी है, जो भोजन के साथ जोड़ी जा रही है।

यह चित्र पावलव के क्लासिकल कंडीशनिंग प्रयोग को दर्शाता है जिसमें कुत्ते को भोजन (US) दिया जाता है जिससे लार (UR) निकलती है। घंटी की ध्वनि (NS) को भोजन के साथ बार-बार जोड़ा जाता है। अंततः घंटी की ध्वनि सशर्त उत्तेजना (CS) बन जाती है और कुत्ता केवल घंटी सुनकर भी लार (CR) निकालने लगता है।

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