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मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ | Class 11 Psychology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ | Class 11 Psychology Notes

मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ from Class 11 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

मनोवैज्ञानिक प्रदत्त का स्वरूप

मनोवैज्ञानिक प्रदत्त (डेटा) वे सूचनाएँ होती हैं जो व्यवहार, अनुभव, मानसिक प्रक्रियाओं से संबंधित होती हैं। ये प्रदत्त विभिन्न संदर्भों, सिद्धांतों और विधियों से जुड़े होते हैं और स्वतंत्र नहीं होते। उदाहरण के लिए, व्यक्ति का व्यवहार समूह में और अकेले अलग हो सकता है। प्रदत्त संग्रह की विधि और स्रोत प्रदत्त की गुणवत्ता और स्वरूप को प्रभावित करते हैं।

मनोवैज्ञानिक प्रदत्तों के प्रकार:

1. जनांकिकीय सूचनाएँ: व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, परिवार की आय आदि।

2. भौतिक सूचनाएँ: पर्यावरणीय और आवास संबंधी जानकारी जैसे आवास की स्थिति, परिवहन के साधन आदि।

3. दैहिक प्रदत्त: शारीरिक माप जैसे लंबाई, वजन, हृदय गति, निद्रा की अवधि, प्रतिक्रिया काल आदि।

4. मनोवैज्ञानिक सूचना: बुद्धि, व्यक्तित्व, रुचि, संवेग, अभिप्रेरणा, मानसिक विकार आदि।

प्रदत्त मापन की दृष्टि से विभिन्न रूपों में हो सकते हैं, जैसे श्रेणियाँ, कोटियाँ, लक्ष्यांक आदि। गुणात्मक सूचनाएँ भी प्राप्त होती हैं, जैसे वाचिक आख्याएँ, प्रेक्षण अभिलेख, क्षेत्र टिप्पणियाँ। प्रदत्तों का अर्थ संदर्भ और सिद्धांत के आधार पर लगाया जाता है।

🔗 Connection: यह खंड मनोविज्ञान की जाँच विधियों की विस्तृत चर्चा के लिए आधार बनता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोविज्ञान में जाँच के मुख्य पाँच लक्ष्य कौन-कौन से हैं? प्रत्येक का संक्षिप्त अर्थ लिखिए।

मनोविज्ञान में जाँच के पाँच मुख्य लक्ष्य हैं: वर्णन (किसी व्यवहार या घटना का यथासंभव सही विवरण), पूर्वकथन (भविष्य में व्यवहार घटित होने की संभावना का अनुमान), व्याख्या (व्यवहार के कारणों को समझना), नियंत्रण (व्यवहार को बढ़ाना या कम करना), और अनुप्रयोग (प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करना)।

वैज्ञानिक अनुसंधान के चार मुख्य चरण कौन-कौन से हैं? प्रत्येक चरण का संक्षिप्त विवरण दीजिए।

वैज्ञानिक अनुसंधान के चार चरण हैं: (1) समस्या का संप्रत्ययन - अध्ययन का विषय चुनना और समस्या निर्धारित करना; (2) प्रदत्त संग्रह - सूचनाएँ एकत्रित करना; (3) निष्कर्ष निकालना - संग्रहित डेटा का विश्लेषण करना; (4) शोध निष्कर्षों का पुनरीक्षण - निष्कर्षों की पुष्टि या वैकल्पिक परिकल्पना बनाना।

निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक जाँच का लक्ष्य नहीं है? A) वर्णन B) पूर्वकथन C) मनोरंजन D) नियंत्रण

मनोरंजन

वैज्ञानिक अनुसंधान में वस्तुनिष्ठता का क्या अर्थ है? उदाहरण सहित समझाइए।

वस्तुनिष्ठता का अर्थ है कि अनुसंधान में निष्कर्ष स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जिससे दो या अधिक व्यक्ति एक ही परिणाम पर पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, यदि दो व्यक्ति एक मेज की लंबाई मापते हैं और दोनों को लगभग समान परिणाम मिलता है, तो वह वस्तुनिष्ठता है।

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