Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
6.1 भूमिका (Introduction)
व्याख्या6.1 भूमिका (Introduction)
इस अनुभाग में क्रमचय और संचय की आवश्यकता को एक वास्तविक जीवन की समस्या के माध्यम से समझाया गया है। उदाहरण के लिए, एक सूटकेस के ताले में चार चक्र होते हैं, जिनमें प्रत्येक चक्र पर 0 से 9 तक अंक होते हैं। ताले को खोलने के लिए चार अंकों का एक निश्चित क्रम आवश्यक होता है। यदि पहला अंक ज्ञात है, लेकिन शेष तीन अंकों का क्रम ज्ञात नहीं है, तो हमें कितने संभावित क्रमों की जांच करनी होगी? इस समस्या को हल करने के लिए क्रमचय और संचय की गणितीय तकनीकों की आवश्यकता होती है। ये तकनीकें वस्तुओं के चयन और क्रमबद्धता के विभिन्न तरीकों की संख्या निर्धारित करने में सहायक होती हैं। इस प्रकार, यह अध्याय वस्तुओं के चयन और व्यवस्था की गणना के लिए मौलिक सिद्धांतों को प्रस्तुत करता है।
- क्रमचय और संचय वस्तुओं के चयन और व्यवस्था से संबंधित गणितीय शाखाएँ हैं।
- सूटकेस के ताले के उदाहरण से समस्या की व्यावहारिकता को समझाया गया।
- संभावित क्रमों की संख्या ज्ञात करने के लिए गणितीय तकनीकों की आवश्यकता होती है।
- यह अध्याय वस्तुओं के चयन और क्रमबद्धता के तरीकों की संख्या निर्धारित करने के लिए सिद्धांत प्रदान करता है।
- 📌 क्रमचय (Permutation): वस्तुओं को क्रमबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना।
- 📌 संचय (Combination): वस्तुओं का चयन करना जहाँ क्रम महत्वपूर्ण नहीं होता।
6.2 गणना का आधारभूत सिद्धांत (Fundamental Principle of Counting)
व्याख्या6.2 गणना का आधारभूत सिद्धांत (Fundamental Principle of Counting)
इस अनुभाग में गणना के आधारभूत सिद्धांत को समझाया गया है, जो वस्तुओं के चयन और व्यवस्था की संख्या ज्ञात करने के लिए मूलभूत है। उदाहरण के लिए, मोहन के पास 3 पैंट (P1, P2, P3) और 2 कमीजें (S1, S2) हैं। पैंट और कमीज के जोड़े बनाने के कुल तरीके 3 × 2 = 6 हैं। इसी प्रकार, शबनम के पास 2 बस्ते, 3 खाने के डिब्बे और 2 पानी की बोतलें हैं। इन वस्तुओं को एक-एक करके चुनने के कुल तरीके 2 × 3 × 2 = 12 हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, यदि एक घटना m तरीकों से और दूसरी घटना n तरीकों से घट सकती है, तो दोनों घटनाओं के क्रम में घटित होने के कुल तरीके m × n होंगे। यह सिद्धांत कई घटनाओं के लिए भी लागू होता है, जहाँ कुल तरीकों की संख्या सभी घटनाओं के तरीकों के गुणनफल के बराबर होती है। इस सिद्धांत का उपयोग विभिन्न वस्तुओं के चयन और व्यवस्था की समस्याओं को सरलता से हल करने में किया जाता है।
- गणना का आधारभूत सिद्धांत वस्तुओं के चयन और व्यवस्था की संख्या ज्ञात करने का मूल सिद्धांत है।
- यदि एक घटना m तरीकों से और दूसरी n तरीकों से घट सकती है, तो दोनों के क्रम में घटित होने के तरीके m × n होंगे।
- यह सिद्धांत कई घटनाओं के लिए भी गुणनफल के रूप में लागू होता है।
- वस्तुओं के चयन और व्यवस्था की समस्याओं को इस सिद्धांत से सरलता से हल किया जा सकता है।
- 📌 गुणन सिद्धांत (Multiplication Principle): घटनाओं के क्रम में घटित होने के कुल तरीकों का गुणनफल।
6.3 क्रमचय (Permutations)
अवधारणा6.3 क्रमचय (Permutations)
क्रमचय का अर्थ है वस्तुओं को इस प्रकार व्यवस्थित करना कि उनकी क्रमबद्धता महत्वपूर्ण हो। उदाहरण के लिए, शब्द ROSE के अक्षरों के विभिन्न विन्यास क्रमचय कहलाते हैं। यदि हमारे पास n विभिन्न वस्तुएं हैं और हमें उनमें से r वस्तुओं को क्रमबद्ध करना है, तो क
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. अंक 1, 2, 3, 4 और 5 से कितनी 3 अंकीय संख्याएँ बनाई जा सकती हैं, यदि (i) अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति हो ? (ii) अंकों की पुनरावृत्ति की अनुमति नहीं हो ?
उत्तर:
हल: (i) पुनरावृत्ति की अनुमति हो तो प्रत्येक स्थान पर 5 विकल्प होंगे। अतः कुल 3 अंकीय संख्याएँ = 5 × 5 × 5 = 125 (ii) पुनरावृत्ति की अनुमति नहीं हो तो पहले स्थान पर 5 विकल्प, दूसरे स्थान पर 4 विकल्प, तीसरे स्थान पर 3 विकल्प होंगे। अतः कुल संख्याएँ = 5 × 4 × 3 = 60
व्याख्या:
3 अंकीय संख्या के प्रत्येक स्थान पर उपलब्ध विकल्पों की संख्या को गुणा कर कुल संख्या प्राप्त करते हैं। पुनरावृत्ति की अनुमति होने पर प्रत्येक स्थान पर समान विकल्प, नहीं होने पर घटते विकल्प।
Q2.2. अंक 1, 2, 3, 4, 5, 6 से कितनी 3 अंकीय सम संख्याएँ बनाई जा सकती हैं, यदि अंकों की पुनरावृत्ति की जा सकती है ?
उत्तर:
हल: 3 अंकीय सम संख्या का अंतिम अंक सम होना चाहिए। उपलब्ध अंक: 1,2,3,4,5,6 अंतिम अंक (3rd digit) के लिए सम अंक: 2,4,6 → 3 विकल्प पहले और दूसरे अंक के लिए पुनरावृत्ति की अनुमति है, अतः प्रत्येक के लिए 6 विकल्प कुल संख्या = 6 × 6 × 3 = 108
व्याख्या:
3 अंकीय संख्या में अंतिम अंक सम होना आवश्यक है। पुनरावृत्ति की अनुमति होने पर पहले दो अंकों के लिए सभी 6 विकल्प उपलब्ध। अंतिम अंक के लिए केवल सम अंक।
Q3.3. अंग्रेजी वर्णमाला के प्रथम 10 अक्षरों से कितने 4 अक्षर के कोड बनाए जा सकते हैं, यदि किसी भी अक्षर की पुनरावृत्ति नहीं की जा सकती है?
उत्तर:
हल: प्रथम 10 अक्षर: A, B, C, D, E, F, G, H, I, J कोड की लंबाई = 4 पुनरावृत्ति नहीं होगी, अतः क्रमचय की संख्या = P(10,4) = 10 × 9 × 8 × 7 = 5040
व्याख्या:
कोड में अक्षरों की पुनरावृत्ति नहीं होने पर क्रमचय सूत्र का प्रयोग करते हैं।
Q4.4. 0 से 9 तक के अंकों का प्रयोग करके कितने 5 अंकीय टेलीफोन नंबर बनाए जा सकते हैं, यदि प्रत्येक नंबर 67 से प्रारंभ होता है और कोई अंक एक बार से अधिक नहीं आता है?
उत्तर:
हल: पहले दो अंक निश्चित: 6, 7 बाकी 3 अंक 0-9 के अंकों में से होंगे, पर 6 और 7 पुनः नहीं आ सकते। शेष अंक: 0,1,2,3,4,5,8,9 → कुल 8 अंक तीन स्थानों के लिए क्रमचय: P(8,3) = 8 × 7 × 6 = 336 अतः कुल 5 अंकीय नंबर = 336
व्याख्या:
पहले दो अंक निश्चित हैं, शेष तीन अंक बिना पुनरावृत्ति के चुने जाते हैं। क्रमचय सूत्र से संख्या ज्ञात होती है।
Q5.5. एक सिक्का तीन बार उछाला जाता है और परिणाम अंकित कर लिए जाते हैं। परिणामों की संभव संख्या क्या है?
उत्तर:
हल: प्रत्येक बार सिक्का के दो परिणाम हो सकते हैं: हेड (H) या टेल (T) तीन बार उछालने पर कुल परिणाम = 2 × 2 × 2 = 8
व्याख्या:
गुणन सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक स्वतंत्र घटना के परिणामों की संख्या का गुणा कुल परिणाम देता है।
Q6.6. भिन्न-भिन्न रंगों के 5 झंडे दिए हुए हैं। इनसे कितने विभिन्न संकेत बनाए जा सकते हैं, यदि प्रत्येक संकेत में 2 झंडों, एक के नीचे दूसरे, के प्रयोग की आवश्यकता पड़ती है?
उत्तर:
हल: 5 भिन्न झंडों में से 2 झंडे चुनकर क्रम में लगाने हैं। क्रमचय की संख्या = P(5,2) = 5 × 4 = 20
व्याख्या:
2 झंडों का क्रम महत्वपूर्ण है, अतः क्रमचय सूत्र का प्रयोग किया गया।
Q7.मान निकालिए: (i) $8!$ (ii) $4! - 3!$
उत्तर:
(i) $8! = 8 imes 7 imes 6 imes 5 imes 4 imes 3 imes 2 imes 1 = 40320$ (ii) $4! - 3! = (4 imes 3 imes 2 imes 1) - (3 imes 2 imes 1) = 24 - 6 = 18$
व्याख्या:
8! का अर्थ है 8 से 1 तक के सभी पूर्णांकों का गुणनफल। इसी प्रकार 4! और 3! का मान निकालकर उनका अंतर लिया गया।
Q8.क्या $3! + 4! = 7!$?
उत्तर:
नहीं, $3! + 4! = 6 + 24 = 30$ जबकि $7! = 5040$। अतः $3! + 4! eq 7!$।
व्याख्या:
3! और 4! का मान निकालकर जोड़ा गया और 7! के मान से तुलना की गई। दोनों बराबर नहीं हैं।
Ganit के सभी 14 अध्याय
Mathematics · Class 11