Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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2.1 भूमिका (Introduction)
व्याख्या2.1 भूमिका (Introduction)
गणित का अधिकांश भाग पैटर्न अर्थात् परिवर्तनशील राशियों के बीच अभिज्ञेय (पहचान योग्य) कड़ियों को जानने के बारे में है। हमारे दैनिक जीवन में हम अनेक संबंधों को देखते हैं, जैसे भाई-बहन, पिता-पुत्र, अध्यापक-विद्यार्थी आदि। गणित में भी विभिन्न प्रकार के संबंध होते हैं, जैसे संख्या m, संख्या n से छोटी है, रेखा l, रेखा m के समांतर है, समुच्चय A, समुच्चय B का उपसमुच्चय है। इन सभी में हम देखते हैं कि किसी संबंध में ऐसे युग्म सम्मिलित होते हैं जिनके घटक एक निश्चित क्रम में होते हैं। इस अध्याय में हम सीखेंगे कि किस प्रकार दो समुच्चयों के सदस्यों के युग्म बनाए जा सकते हैं और उन युग्मों में आने वाले दोनों सदस्यों के बीच बनने वाले संबंधों को स्पष्ट करेंगे। अंत में, हम ऐसे विशेष संबंधों के बारे में जानेंगे, जो फलन बनने के योग्य हैं। फलन की परिकल्पना गणित में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक वस्तु से दूसरी वस्तु के बीच गणितानुसार यथातथ्य संगतता के विचार का अभिग्रहण करती है।
- गणित में परिवर्तनशील राशियों के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाता है।
- दैनिक जीवन के अनेक संबंध गणितीय संबंधों के समान होते हैं।
- संबंधों में क्रमित युग्मों का महत्व होता है।
- इस अध्याय में संबंध और फलन की अवधारणा को समझाया जाएगा।
- फलन वस्तुओं के बीच गणितीय संगतता को निरूपित करता है।
- 📌 संबंध: दो समुच्चयों के सदस्यों के बीच जुड़ाव।
- 📌 क्रमित युग्म: अवयवों का ऐसा युग्म जिसमें अवयवों का क्रम महत्वपूर्ण होता है।
- 📌 फलन: एक विशेष प्रकार का संबंध जिसमें प्रत्येक तत्व का एक और केवल एक प्रतिबिंब होता है।
2.2 समुच्चयों का कार्तीय गुणन (Cartesian Product of Sets)
व्याख्या2.2 समुच्चयों का कार्तीय गुणन (Cartesian Product of Sets)
कार्तीय गुणन दो समुच्चयों A और B के सभी संभव क्रमित युग्मों का समुच्चय होता है, जहाँ प्रत्येक युग्म का प्रथम घटक A का सदस्य और द्वितीय घटक B का सदस्य होता है। उदाहरण के लिए, यदि A = {लाल, नीला} और B = {b, c, s} जहाँ b, c, s किसी विशेष वस्तु को निरूपित करते हैं, तो A × B में 6 युग्म होंगे: (लाल, b), (लाल, c), (लाल, s), (नीला, b), (नीला, c), (नीला, s)। कार्तीय गुणन का क्रम महत्वपूर्ण होता है, अर्थात् (a, b) और (b, a) अलग-अलग युग्म होते हैं। यदि A में p अवयव और B में q अवयव हैं, तो A × B में p × q अवयव होंगे। यदि A या B रिक्त समुच्चय हो, तो A × B भी रिक्त होगा। कार्तीय गुणन का प्रयोग वास्तविक संख्याओं के समुच्चय के उपसमुच्चयों के लिए भी किया जाता है, जिससे द्वि-आयामी या त्रि-आयामी निर्देशांक तल के बिंदु निरूपित होते हैं।
- कार्तीय गुणन A × B, A और B के सभी क्रमित युग्मों का समुच्चय है।
- क्रमित युग्म में अवयवों का क्रम महत्वपूर्ण होता है।
- यदि n(A) = p और n(B) = q, तो n(A × B) = p × q होता है।
- यदि A या B रिक्त हो, तो A × B भी रिक्त होता है।
- कार्तीय गुणन का प्रयोग निर्देशांक तल के बिंदु निरूपित करने में होता है।
- 📌 कार्तीय गुणन: दो समुच्चयों के सभी क्रमित युग्मों का समुच्चय।
- 📌 क्रमित युग्म: अवयवों का ऐसा युग्म जिसमें क्रम महत्वपूर्ण होता है।
- 📌 रिक्त समुच्चय: ऐसा समुच्चय जिसमें कोई अवयव नहीं होता।
2.3 संबंध (Relation)
व्याख्या2.3 संबंध (Relation)
दो समुच्चयों P और Q के कार्तीय गुणन P × Q के किसी उपसमुच्चय को संबंध कहते हैं। संबंध में प्रत्येक क्रमित युग्म के प्रथम घटक और द्वितीय घटक के बीच कोई विशेष नियम या गुण होता है। उदाहरण के लिए, यदि P = {a, b, c} और Q = {Ali, Bhanu, Binoy, Chandra, Divy
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.√64/√(-8) को a +ib के रूप मे व्यक्त करें ।
उत्तर:
-√8 ⅈ
Q2.(ⅈ^15+(1/ⅈ)^24 )^2 का मान ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
-2i
Q3.सम्मिश्र संख्या [(3-2ⅈ)^2/(-2+3ⅈ)] का मापांक ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
√13
Q4.यदि ((2+ⅈ)/(1-2ⅈ))^m=-1 तो m का न्यूनतम पूर्णांक मान ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
2
Q5.सम्मिश्र संख्या -3i का मापांक और कोणांक ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
3,-Π/2
Q6.यदि सम्मिश्र संख्या Z का मापांक 4 और कोणांक -Π/3 है तो Z को x + iy के रूप मे लिखिए ।
उत्तर:
2-2√3 ⅈ
Q7.सम्मिश्र संख्या -2+5ⅈ का गुणात्मक प्रतिलोम ज्ञात कीजिए ।
उत्तर:
(-2-5ⅈ)/√29
Q8.अधिक स्थिर मूल्य वही होता है जिसका
उत्तर:
विचरण गुणांक कम हो
Ganit के सभी 14 अध्याय
Mathematics · Class 11