NCERTCh 10निःशुल्क

Chapter 10

🎓 Class 11📖 Ganit📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 14Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 भूमिका (Introduction)

व्याख्या

10.1 भूमिका (Introduction)

इस अनुभाग में शंकु परिच्छेदों का परिचय दिया गया है। पिछले अध्याय में रेखा के समीकरणों का अध्ययन किया गया था, जबकि इस अध्याय में हम वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और अतिपरवलय जैसे वक्रों का अध्ययन करेंगे। ये वक्र शंकु परिच्छेद कहलाते हैं क्योंकि इन्हें एक लंब वृत्तीय द्विशंकु और एक समतल के परिच्छेदन से प्राप्त किया जाता है। Apollonius ने इन वक्रों के नामकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये वक्र भौतिक और तकनीकी क्षेत्रों जैसे ग्रहों के घूर्णन, दूरदर्शीयन, एंटीना, ऑटोमोबाइल्स की हेडलाइट आदि में व्यापक उपयोगी हैं। इस अनुभाग में बताया गया है कि किस प्रकार एक लंब वृत्तीय द्विशंकु और एक तल के परिच्छेदन से विभिन्न प्रकार के वक्र प्राप्त होते हैं।

  • शंकु परिच्छेद वे वक्र हैं जो एक लंब वृत्तीय द्विशंकु और एक समतल के परिच्छेदन से बनते हैं।
  • Apollonius ने परवलय और अतिपरवलय के नाम दिए।
  • ये वक्र भौतिक विज्ञान और तकनीकी अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण हैं।
  • अध्याय में वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और अतिपरवलय का अध्ययन किया जाएगा।
  • 📌 शंकु परिच्छेद: लंब वृत्तीय द्विशंकु और एक तल के परिच्छेदन से प्राप्त वक्र।
  • 📌 Apollonius: प्राचीन यूनानी ज्यामितिविद जिन्होंने शंकु परिच्छेदों का अध्ययन किया।

10.2 शंकु के परिच्छेद

व्याख्या

10.2 शंकु के परिच्छेद

इस अनुभाग में शंकु के परिच्छेदों की परिभाषा और उनके प्रकारों का वर्णन किया गया है। एक स्थिर ऊर्ध्वाधर रेखा m और दूसरी रेखा l के घुमाव से लंब वृत्तीय द्विशंकु बनता है, जिसका शीर्ष V होता है। शंकु की जनक रेखा m होती है जो शीर्ष V से होकर गुजरती है। शंकु को शीर्ष द्वारा दो भागों में विभाजित किया जाता है जिन्हें नापे (Nappes) कहते हैं। जब कोई तल शंकु को काटता है, तो परिच्छेद वक्र प्राप्त होते हैं जिन्हें शंकु परिच्छेद कहते हैं। तल और शंकु के अक्ष के बीच β कोण के आधार पर परिच्छेद के प्रकार निर्धारित होते हैं।

  • शंकु की जनक रेखा वह रेखा है जो शीर्ष से होकर गुजरती है।
  • शंकु को शीर्ष द्वारा दो नापों में विभाजित किया जाता है।
  • परिच्छेदी तल और शंकु के अक्ष के बीच β कोण परिच्छेद के प्रकार को निर्धारित करता है।
  • परिच्छेद वक्रों में वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय और अतिपरवलय शामिल हैं।
  • 📌 शंकु का शीर्ष (Vertex): शंकु का वह स्थिर बिंदु जहाँ जनक रेखाएँ मिलती हैं।
  • 📌 नापे (Nappes): शंकु के शीर्ष द्वारा विभाजित दो भाग।
  • 📌 परिच्छेदी तल (Cutting plane): वह तल जो शंकु को काटता है।

10.2.2 अपभ्रष्ट शंकु परिच्छेद (Degenerated conic sections)

व्याख्या

10.2.2 अपभ्रष्ट शंकु परिच्छेद (Degenerated conic sections)

जब परिच्छेदी तल शंकु के शीर्ष पर काटता है, तो शंकु परिच्छेद अपभ्रष्ट हो जाते हैं। इस स्थिति में परिच्छेद या तो एक बिंदु, एक सरल रेखा, या प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाएँ हो सकती हैं। यदि α < β ≤ 90°, तो परिच्छेद एक बिंदु होता है। जब β = α, तो परिच्छेद

अभ्यास प्रश्नChapter 10

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.lcls yack rkj 30 ehVj vkSj lcls NksVk rkj 6 ehVj gSA eè; ls 18 ehVj nwj lM+d iFk ls tqM+s leFkZd (supporting) rkj dh yackbZ Kkr dhft,A

उत्तर:

दी गई जानकारी के अनुसार: सबसे बड़ा रेखा = 30 सेमी सबसे छोटी रेखा = 6 सेमी बीच से 18 सेमी दूर सड़क पथ से जुड़ी सहायक रेखा की लंबाई ज्ञात करनी है। मान लीजिए कि सबसे बड़ी रेखा और सबसे छोटी रेखा एक वृत्त के दो समान्तर जीवा हैं, जिनकी लंबाई क्रमशः 30 सेमी और 6 सेमी है। इन दोनों के बीच की दूरी 18 सेमी है। मान लीजिए कि वृत्त का केंद्र O है, सबसे बड़ी जीवा AB (AB = 30 सेमी), सबसे छोटी जीवा CD (CD = 6 सेमी), और दोनों के बीच की दूरी = 18 सेमी है। केंद्र से AB और CD पर लंब खींचते हैं, जो क्रमशः AB और CD के मध्य बिंदु पर मिलेंगे। मान लीजिए कि AB के मध्य बिंदु को M और CD के मध्य बिंदु को N कहते हैं। तो OM ⟂ AB और ON ⟂ CD अब, AM = AB/2 = 30/2 = 15 सेमी CN = CD/2 = 6/2 = 3 सेमी अब, OM और ON के बीच की दूरी = 18 सेमी मान लीजिए कि वृत्त की त्रिज्या r है। तो, OM = √(r² - 15²) ON = √(r² - 3²) और OM - ON = 18 तो, √(r² - 3²) + 18 = √(r² - 15²) √(r² - 3²) + 18 = √(r² - 225) √(r² - 9) + 18 = √(r² - 225) √(r² - 9) = √(r² - 225) - 18 अब दोनों पक्षों का वर्ग करें: (r² - 9) = (r² - 225) - 36√(r² - 225) + 324 (r² - 9) - (r² - 225) - 324 = -36√(r² - 225) (r² - 9) - r² + 225 - 324 = -36√(r² - 225) -9 + 225 - 324 = -36√(r² - 225) 216 - 324 = -36√(r² - 225) -108 = -36√(r² - 225) √(r² - 225) = 108/36 = 3 तो, r² - 225 = 9 r² = 234 अब OM = √(r² - 15²) = √(234 - 225) = √9 = 3 सेमी ON = √(r² - 3²) = √(234 - 9) = √225 = 15 सेमी तो सहायक रेखा की लंबाई = 2 × ON = 2 × 15 = 30 सेमी लेकिन प्रश्न में पूछा गया है कि सड़क पथ से जुड़ी सहायक रेखा की लंबाई ज्ञात करें। यहाँ, सहायक रेखा की लंबाई 30 सेमी होगी।

व्याख्या:

यह प्रश्न वृत्त की दो समान्तर जीवाओं के बीच की दूरी और उनकी लंबाई से संबंधित है। केंद्र से जीवा पर लंब खींचकर त्रिज्या के संबंध में समीकरण बनाकर हल किया गया।

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Q2.,d esgjko v/Z&nh?kZo`Ùkkdkj :i dk gSA ;g 8 ehVj pkSM+k vkSj osaQnz ls 2 ehVj Å¡pk gSA ,d fljs ls 1-5 ehVj nwj fcanq ij esgjko dh Å¡pkbZ Kkr dhft,A

उत्तर:

दी गई जानकारी: - एक समकोण ऊर्ध्व-न्यूनक (right-angled hyperbola) है। - इसकी चौड़ाई 8 सेमी है और केंद्र से 2 सेमी ऊँचाई पर है। - एक बिंदु से 1.5 सेमी दूर बिंदु पर समकोण की ऊँचाई ज्ञात करें। मान लीजिए कि समकोण ऊर्ध्व-न्यूनक का समीकरण है: \( \frac{x^2}{a^2} - \frac{y^2}{b^2} = 1 \) चौड़ाई = 8 सेमी ⇒ 2a = 8 ⇒ a = 4 सेमी केंद्र से ऊँचाई = 2 सेमी ⇒ b = 2 सेमी अब, बिंदु से 1.5 सेमी दूर बिंदु पर ऊँचाई ज्ञात करनी है। मान लीजिए कि x = 1.5 सेमी तो, \( \frac{(1.5)^2}{16} - \frac{y^2}{4} = 1 \) \( \frac{2.25}{16} - \frac{y^2}{4} = 1 \) \( - \frac{y^2}{4} = 1 - \frac{2.25}{16} \) \( - \frac{y^2}{4} = \frac{16 - 2.25}{16} = \frac{13.75}{16} \) \( \frac{y^2}{4} = - \frac{13.75}{16} \) \( y^2 = - \frac{13.75}{16} \times 4 = -3.4375 \) यहाँ y^2 ऋणात्मक आ रहा है, अतः दिए गए मानों के अनुसार कोई वास्तविक ऊँचाई नहीं है। संभवतः प्रश्न में त्रुटि है या और जानकारी चाहिए। यदि प्रश्न में 'ऊँचाई' से तात्पर्य y-अक्ष पर अधिकतम दूरी है, तो b = 2 सेमी होगी।

व्याख्या:

समीकरण में दिए गए मानों को रखने पर y^2 ऋणात्मक आता है, जिससे कोई वास्तविक हल नहीं मिलता। अतः या तो प्रश्न में त्रुटि है या अधिक जानकारी अपेक्षित है।

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Q3.,d 12 lseh yach NM+ bl izdkj pyrh gS fd blosQ fljs funsZ'kka{kks dks Li'kZ djrs gSaA NM+ osQ fcanq P dk fcanqiFk Kkr dhft, tks x-v{k osQ laioZQ okys fljs ls 3 lseh nwj gSA

उत्तर:

दी गई जानकारी: - एक 12 सेमी लंबी डोरी इस प्रकार घूमती है कि उसके सिरे निर्देशांक अक्षों को स्पर्श करते हैं। - डोरी के सिरे P का निर्देशांक ज्ञात करें, जब वह x-अक्ष के समकोण बिंदु से 3 सेमी दूर है। मान लीजिए कि डोरी के सिरे निर्देशांक अक्षों को (a, 0) और (0, b) पर स्पर्श करते हैं। तो, \( \sqrt{a^2 + b^2} = 12 \) अब, x-अक्ष के समकोण बिंदु से 3 सेमी दूर है, अर्थात् y = 3 तो, \( \sqrt{a^2 + 9} = 12 \) \( a^2 + 9 = 144 \) \( a^2 = 135 \) \( a = \sqrt{135} = 11.62 \) सेमी (लगभग) अतः निर्देशांक होंगे: (11.62, 3)

व्याख्या:

डोरी की लंबाई और निर्देशांक के बीच संबंध से समीकरण बनाकर हल किया गया।

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Q4.f=kHkqt dk {ks=kiQy Kkr dhft, tks ijoy; x2 = 12y osQ 'kh"kZ dks bldh ukfHkyac thok osQ fljksa dks feykus okyh js[kkvksa ls cuk gSA

उत्तर:

दी गई जानकारी: - पराबोला का समीकरण: x^2 = 12y - उसका क्षेत्रफल ज्ञात करें, जो उसकी अक्ष के शीर्ष से उसके ललाट बिंदुओं को मिलाने वाली रेखाओं से घिरा है। पराबोला x^2 = 12y के लिए: - इसका शीर्ष (0, 0) - ललाट बिंदु (focus): (0, 3) - निर्देशांक अक्ष y-अक्ष है। पराबोला x^2 = 4ay के लिए a = 3 ललाट बिंदु (0, 3) निर्देशांक अक्ष y-अक्ष है। अब, क्षेत्रफल = \( \int_{0}^{3} 2x \, dy \) जहाँ x^2 = 12y ⇒ x = \sqrt{12y} तो, क्षेत्रफल = \( \int_{0}^{3} 2\sqrt{12y} \, dy \) = 2\sqrt{12} \int_{0}^{3} \sqrt{y} \, dy = 2 \times 2\sqrt{3} \int_{0}^{3} y^{1/2} \, dy = 4\sqrt{3} \left[ \frac{y^{3/2}}{3/2} \right]_{0}^{3} = 4\sqrt{3} \times \frac{2}{3} \left[ (3)^{3/2} - 0 \right] = \frac{8\sqrt{3}}{3} \times (\sqrt{3^3}) = \frac{8\sqrt{3}}{3} \times (\sqrt{27}) = \frac{8\sqrt{3}}{3} \times 3\sqrt{3} = 8 \times 3 = 24 अतः क्षेत्रफल = 24 वर्ग इकाई

व्याख्या:

पराबोला के समीकरण से x को y के रूप में लिखकर, निश्चित समाकलन द्वारा क्षेत्रफल ज्ञात किया गया।

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Q5.,d O;fDr nkSM+iFk ij nkSM+rs gq,s vafdr djrk gS fd mlls nks >aMk pkSfd;ksa dh nwfj;ksa dk ;ksx lnoS 10 ehVj jgrk gAS vkjS >aMk pkfSd;ksa osQ chp dh nwjh 8 ehVj gAS O;fDr }kjk cuk, iFk dk lehdj.k Kkr dhft,A

उत्तर:

दी गई जानकारी: - एक व्यक्ति सड़क पर चलते हुए देखता है कि उससे दो खंभों की दूरी का योग हमेशा 10 मीटर रहता है। - और खंभों के बीच की दूरी 8 मीटर है। - व्यक्ति द्वारा बनाई गई पथ का समीकरण ज्ञात करें। यह दी गई स्थिति दीर्घवृत्त (ellipse) की परिभाषा है: - दीर्घवृत्त के किसी भी बिंदु से दो नियत बिंदुओं (फोकस) की दूरी का योग नियत रहता है। तो, - फोकस के बीच की दूरी = 8 मीटर ⇒ 2c = 8 ⇒ c = 4 मीटर - दूरी का योग = 10 मीटर = 2a ⇒ a = 5 मीटर अब, - c^2 = a^2 - b^2 - 4^2 = 5^2 - b^2 - 16 = 25 - b^2 - b^2 = 25 - 16 = 9 ⇒ b = 3 मीटर तो दीर्घवृत्त का समीकरण: \( \frac{x^2}{25} + \frac{y^2}{9} = 1 \)

व्याख्या:

दीर्घवृत्त की परिभाषा के अनुसार समीकरण तैयार किया गया और सभी मानों को समीकरण में रखकर हल किया गया।

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Q6.ijoy; y2 = 4 ax, osQ varxZr ,d leckgq f=kHkqt gS ftldk ,d 'kh"kZ ijoy; dk 'kh"kZ gSA f=kHkqt dh Hkqtk dh yackbZ Kkr dhft,A

उत्तर:

दी गई जानकारी: - पराबोला: y^2 = 4ax - इसके अंतर्गत एक वृत्त है, जिसका एक व्यास पराबोला की अक्ष का व्यास है। - वृत्त की परिधि की लंबाई ज्ञात करें। पराबोला y^2 = 4ax की अक्ष x-अक्ष है। मान लीजिए कि वृत्त का व्यास पराबोला की अक्ष (x-अक्ष) पर है। पराबोला का शीर्ष (0, 0) है। मान लीजिए कि वृत्त का व्यास x = 0 से x = a तक है। तो, व्यास = a परिधि = π × व्यास = πa लेकिन पराबोला y^2 = 4ax के लिए, a व्यास का आधा है। तो, परिधि = π × 2a = 2πa

व्याख्या:

पराबोला की अक्ष पर व्यास मानकर, परिधि का सूत्र π × व्यास लगाया गया।

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Q7.lcls yack rkj 30 ehVj vkSj lcls NksVk rkj 6 ehVj gSA eè; ls 18 ehVj nwj lM+d iFk ls tqM+s leFkZd (supporting) rkj dh yackbZ Kkr dhft,A

उत्तर:

समाधान: मान लीजिए कि सबसे लंबा खंभा 30 मीटर और सबसे छोटा खंभा 6 मीटर है। दोनों के बीच की दूरी = 18 मीटर। मान लीजिए कि सहायक (supporting) खंभे की लंबाई x मीटर है। चूँकि सहायक खंभा दोनों खंभों को जोड़ता है, अतः यह एक समकोण त्रिभुज बनाएगा, जिसमें: - आधार = 18 मीटर - ऊँचाई = (30 - 6) = 24 मीटर सहायक खंभे की लंबाई = √(आधार² + ऊँचाई²) = √(18² + 24²) = √(324 + 576) = √900 = 30 मीटर लेकिन यहाँ सहायक खंभे की ऊँचाई 6 मीटर से 30 मीटर के बीच होगी। यदि प्रश्न का आशय यह है कि सहायक खंभे की लंबाई ज्ञात करनी है, तो उपरोक्त गणना सही है। अतः सहायक खंभे की लंबाई 30 मीटर है।

व्याख्या:

यह प्रश्न पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है, जिसमें आधार और ऊँचाई ज्ञात होने पर कर्ण (supporting खंभा) की लंबाई ज्ञात की जाती है। आधार = 18 मीटर, ऊँचाई = 24 मीटर (दोनों खंभों की ऊँचाई का अंतर)। लंबाई = √(18² + 24²) = √900 = 30 मीटर।

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Q8.,d esgjko v/Z&nh?kZo`Ùkkdkj :i dk gSA ;g 8 ehVj pkSM+k vkSj osaQnz ls 2 ehVj Å¡pk gSA ,d fljs ls 1-5 ehVj nwj fcanq ij esgjko dh Å¡pkbZ Kkr dhft,A

उत्तर:

समाधान: दी गई जानकारी: - वृत्त की त्रिज्या (r) = 8 मीटर - केंद्र से 2 मीटर ऊपर (यानि केंद्र से ऊँचाई = 2 मीटर) - एक बिंदु से 1.5 मीटर दूर बिंदु पर स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात करनी है। मान लीजिए कि O केंद्र है, P वह बिंदु है जहाँ से स्पर्श रेखा खींची गई है, और Q वह बिंदु है जहाँ स्पर्श रेखा वृत्त को स्पर्श करती है। OP = √[(त्रिज्या)² + (दूरी)²] = √[(8)² + (1.5)²] = √[64 + 2.25] = √66.25 ≈ 8.142 मीटर लेकिन यहाँ प्रश्न में स्पष्ट नहीं है कि 1.5 मीटर किस बिंदु से है। यदि यह केंद्र से है, तो स्पर्श रेखा की लंबाई: स्पर्श रेखा की लंबाई = √[(OP)² - (r)²] = √[(8 + 2)² - (8)²] = √[100 - 64] = √36 = 6 मीटर अतः स्पर्श रेखा की लंबाई 6 मीटर है।

व्याख्या:

स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात करने के लिए: स्पर्श रेखा की लंबाई = √[(बाहरी बिंदु से केंद्र की दूरी)² - (त्रिज्या)²] यहाँ, बाहरी बिंदु केंद्र से 10 मीटर (8 + 2) दूर है। √(100 - 64) = √36 = 6 मीटर।

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