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Transaction Processing 160-182

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Data Base Management System (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Transaction Processing 160-182अध्ययन नोट्स

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12.1 लेन-देन (Transaction) क्या है?

परिभाषा

12.1 लेन-देन (Transaction) क्या है?

लेन-देन (Transaction) एक डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (DBMS) में वह न्यूनतम कार्य इकाई है, जिसे या तो पूरी तरह से निष्पादित किया जाता है या बिल्कुल भी नहीं किया जाता। लेन-देन में एक या अधिक डेटाबेस संचालन (जैसे - डेटा जोड़ना, हटाना, संशोधित करना) शामिल हो सकते हैं। लेन-देन की अवधारणा डेटाबेस की अखंडता (Integrity) और स्थिरता (Consistency) बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण के लिए, बैंक खाते से पैसे निकालना एक लेन-देन है जिसमें खाते की राशि घटाना और ग्राहक को नकद देना शामिल है। यदि इनमें से कोई भी कार्य अधूरा रह जाए, तो डाटा असंगत हो सकता है। इसलिए लेन-देन या तो पूरी तरह से सफल (Commit) होना चाहिए या पूरी तरह से असफल (Rollback)।

  • लेन-देन DBMS की मूलभूत कार्य इकाई है।
  • लेन-देन में एक या अधिक डेटाबेस संचालन शामिल होते हैं।
  • लेन-देन या तो पूरी तरह निष्पादित होता है या बिल्कुल नहीं।
  • लेन-देन की विफलता पर सभी परिवर्तन वापस हो जाते हैं।
  • लेन-देन डेटाबेस की स्थिरता और अखंडता बनाए रखते हैं।
  • 📌 लेन-देन (Transaction): DBMS में एक न्यूनतम कार्य इकाई, जिसे या तो पूरी तरह निष्पादित किया जाता है या बिल्कुल भी नहीं।
  • 📌 अखंडता (Integrity): डेटाबेस की सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने की क्षमता।

12.2 लेन-देन की विशेषताएँ (ACID गुण)

अवधारणा

12.2 लेन-देन की विशेषताएँ (ACID गुण)

लेन-देन की चार मुख्य विशेषताएँ होती हैं, जिन्हें ACID गुण कहा जाता है: Atomicity, Consistency, Isolation, और Durability। ये गुण सुनिश्चित करते हैं कि डेटाबेस में डेटा सुरक्षित, सुसंगत और विश्वसनीय बना रहे। 1. परमाण्विकता (Atomicity): इसका अर्थ है कि लेन-देन के सभी संचालन या तो पूरी तरह निष्पादित होंगे या बिल्कुल भी नहीं। यदि लेन-देन के बीच में कोई समस्या आती है, तो सभी परिवर्तन वापस हो जाते हैं। 2. सुसंगतता (Consistency): लेन-देन के निष्पादन के बाद डेटाबेस हमेशा एक सुसंगत अवस्था में रहना चाहिए। इसका अर्थ है कि डेटाबेस के सभी नियमों का पालन होना चाहिए। 3. पृथक्करण (Isolation): एक साथ कई लेन-देन चल सकते हैं, लेकिन प्रत्येक लेन-देन को ऐसा व्यवहार करना चाहिए जैसे वह अकेला ही चल रहा हो। इससे डेटा में गड़बड़ी नहीं होती। 4. स्थायित्व (Durability): एक बार लेन-देन सफलतापूर्वक पूरा हो जाए (Commit), तो उसके परिवर्तन स्थायी हो जाते हैं और सिस्टम विफलता के बाद भी बने रहते हैं।

  • ACID गुण लेन-देन की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हैं।
  • परमाण्विकता लेन-देन की पूर्णता को दर्शाती है।
  • सुसंगतता डेटाबेस के नियमों का पालन कराती है।
  • पृथक्करण एक साथ कई लेन-देन की सुरक्षा करता है।
  • स्थायित्व लेन-देन के परिवर्तन को स्थायी बनाता है।
  • 📌 परमाण्विकता (Atomicity): लेन-देन के सभी कार्य या तो पूरे होंगे या बिल्कुल नहीं।
  • 📌 सुसंगतता (Consistency): लेन-देन के बाद डेटाबेस सुसंगत अवस्था में रहता है।
  • 📌 पृथक्करण (Isolation): एक साथ चल रहे लेन-देन एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करते।

12.3 लेन-देन की अवस्थाएँ (Transaction States)

व्याख्या

12.3 लेन-देन की अवस्थाएँ (Transaction States)

लेन-देन की प्रक्रिया में कई अवस्थाएँ होती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि लेन-देन किस स्थिति में है। मुख्य अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं: 1. सक्रिय (Active): जब लेन-देन शुरू होता है और संचालन कर रहा होता है, तब वह सक्रिय अवस्था में होता है। 2. आंशिक रूप से प्र