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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Data Base Management System (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 डाटा, सूचना और ज्ञान

अवधारणा

2.1 डाटा, सूचना और ज्ञान

इस अनुभाग में डाटा, सूचना और ज्ञान के बीच के अंतर को विस्तार से समझाया गया है। डाटा (Data) वह कच्चा तथ्य होता है जिसे बिना किसी अर्थ के संग्रहित किया जाता है, जैसे संख्याएँ, शब्द, चित्र आदि। जब डाटा को संसाधित किया जाता है और उसका अर्थ निकाला जाता है, तो वह सूचना (Information) बन जाती है। सूचना का उपयोग करके जब किसी समस्या का समाधान या निर्णय लिया जाता है, तो वह ज्ञान (Knowledge) कहलाता है। उदाहरण के लिए, कक्षा के छात्रों के अंक डाटा हैं; जब इन अंकों का विश्लेषण कर यह पता चलता है कि कौन सा छात्र प्रथम आया, तो यह सूचना है; और जब शिक्षक इन सूचनाओं का उपयोग कर छात्रों के प्रदर्शन को सुधारने की योजना बनाते हैं, तो वह ज्ञान है। डाटा, सूचना और ज्ञान के बीच यह संबंध डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) के अध्ययन के लिए आधारशिला है।

  • डाटा कच्चे तथ्यों का संग्रह होता है।
  • सूचना डाटा के संसाधन के बाद प्राप्त अर्थपूर्ण परिणाम है।
  • ज्ञान सूचना के विश्लेषण और व्याख्या के बाद प्राप्त होता है।
  • डाटा, सूचना और ज्ञान के बीच स्पष्ट संबंध होता है।
  • DBMS में डाटा को सूचना और ज्ञान में बदलना मुख्य कार्य है।
  • 📌 डाटा: कच्चे तथ्य, बिना अर्थ के
  • 📌 सूचना: संसाधित डाटा, अर्थपूर्ण
  • 📌 ज्ञान: सूचना का विश्लेषण, निर्णय के लिए उपयोगी

2.2 डाटा के प्रकार

परिभाषा

2.2 डाटा के प्रकार

इस अनुभाग में डाटा के विभिन्न प्रकारों को समझाया गया है। डाटा को मुख्यतः दो श्रेणियों में बाँटा जाता है: संख्यात्मक (Numerical) और वर्णात्मक (Categorical)। संख्यात्मक डाटा वह होता है जिसे मापा या गिना जा सकता है, जैसे आयु, अंक, वजन आदि। वर्णात्मक डाटा वह होता है जिसे शब्दों में व्यक्त किया जाता है, जैसे रंग, लिंग, जाति आदि। इसके अलावा, डाटा को संरचित (Structured) और असंरचित (Unstructured) डाटा में भी विभाजित किया जाता है। संरचित डाटा वह है जिसे तालिका के रूप में व्यवस्थित किया जा सकता है, जबकि असंरचित डाटा में चित्र, वीडियो, ऑडियो आदि आते हैं।

  • डाटा के दो मुख्य प्रकार: संख्यात्मक और वर्णात्मक।
  • संख्यात्मक डाटा को मापा या गिना जा सकता है।
  • वर्णात्मक डाटा को शब्दों में व्यक्त किया जाता है।
  • संरचित डाटा तालिका के रूप में व्यवस्थित होता है।
  • असंरचित डाटा में चित्र, वीडियो आदि शामिल हैं।
  • 📌 संख्यात्मक डाटा: मापने योग्य डाटा
  • 📌 वर्णात्मक डाटा: श्रेणीबद्ध डाटा
  • 📌 संरचित डाटा: व्यवस्थित डाटा

2.3 डाटा बेस की आवश्यकता

व्याख्या

2.3 डाटा बेस की आवश्यकता

इस अनुभाग में बताया गया है कि डाटा बेस की आवश्यकता क्यों होती है। जब डाटा की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो उसे व्यवस्थित रूप से संग्रहित करना आवश्यक हो जाता है। कागज पर डाटा संग्रहित करने में त्रुटियाँ, दोहराव और डाटा का नुकसान हो सकता है। डाटा बेस