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Strategies Formulation II

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Strategic Management (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

Strategies Formulation IIअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 परिचय

व्याख्या

7.1 परिचय

इस अनुभाग में रणनीति निर्माण के दूसरे चरण की आवश्यकता, महत्व और प्रक्रिया का परिचय दिया गया है। रणनीति निर्माण संगठन के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा और रूपरेखा प्रदान करता है। यह अध्याय बताता है कि किस प्रकार विभिन्न स्तरों पर रणनीति बनाई जाती है और किस प्रकार यह संगठन की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करती है। रणनीति निर्माण में पर्यावरण विश्लेषण, संसाधनों का मूल्यांकन, विकल्पों का चयन और कार्यान्वयन की योजना शामिल होती है। इस प्रक्रिया में संगठन के मिशन, दृष्टि और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, विभिन्न विकल्पों का विश्लेषण किया जाता है। रणनीति निर्माण के इस चरण में संगठन की आंतरिक और बाह्य शक्तियों तथा कमजोरियों का मूल्यांकन किया जाता है, जिससे उपयुक्त रणनीति का चयन संभव हो सके।

  • रणनीति निर्माण संगठन की दीर्घकालिक दिशा निर्धारित करता है।
  • यह संगठन के मिशन, दृष्टि और उद्देश्यों को ध्यान में रखता है।
  • रणनीति निर्माण में पर्यावरण विश्लेषण और संसाधनों का मूल्यांकन आवश्यक है।
  • यह संगठन को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दिलाने में सहायक है।
  • रणनीति निर्माण के विभिन्न स्तर होते हैं – कॉर्पोरेट, व्यापारिक और कार्यात्मक।
  • 📌 रणनीति (Strategy): दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनाई गई योजना।
  • 📌 मिशन (Mission): संगठन का मूल उद्देश्य।
  • 📌 दृष्टि (Vision): संगठन की भविष्य की आकांक्षा।

7.2 रणनीति निर्माण के स्तर

अवधारणा

7.2 रणनीति निर्माण के स्तर

रणनीति निर्माण के स्तर मुख्यतः तीन होते हैं – कॉर्पोरेट स्तर, व्यापारिक स्तर और कार्यात्मक स्तर। प्रत्येक स्तर पर रणनीति का स्वरूप, उद्देश्य और कार्यान्वयन की प्रक्रिया भिन्न होती है। कॉर्पोरेट स्तर की रणनीति पूरे संगठन के लिए बनाई जाती है, जिसमें संगठन के विभिन्न व्यवसायों, विस्तार, विविधीकरण, अधिग्रहण, विलय आदि के निर्णय लिए जाते हैं। व्यापारिक स्तर की रणनीति किसी विशेष व्यवसाय या उत्पाद के लिए बनाई जाती है, जिसमें प्रतिस्पर्धात्मक लाभ, बाजार में स्थिति, उत्पाद पोर्टफोलियो आदि का निर्धारण होता है। कार्यात्मक स्तर की रणनीति संगठन के विभिन्न विभागों – जैसे विपणन, उत्पादन, मानव संसाधन, वित्त आदि के लिए बनाई जाती है, जिससे विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।

  • रणनीति निर्माण के तीन मुख्य स्तर होते हैं।
  • कॉर्पोरेट स्तर पर संगठन की समग्र दिशा निर्धारित होती है।
  • व्यापारिक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक रणनीति बनाई जाती है।
  • कार्यात्मक स्तर पर विभागीय रणनीति बनाई जाती है।
  • प्रत्येक स्तर पर रणनीति का उद्देश्य और प्रक्रिया भिन्न होती है।
  • 📌 कॉर्पोरेट रणनीति: संगठन की समग्र दिशा निर्धारित करने वाली रणनीति।
  • 📌 व्यापारिक रणनीति: किसी विशेष व्यवसाय या उत्पाद के लिए बनाई गई रणनीति।
  • 📌 कार्यात्मक रणनीति: विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बनाई गई रणनीति।

7.3 रणनीति निर्माण की प्रक्रिया

व्याख्या

7.3 रणनीति निर्माण की प्रक्रिया

रणनीति निर्माण की प्रक्रिया एक क्रमिक और तार्किक प्रक्रिया है, जिसमें विभिन्न चरणों का पालन किया जाता है। इसमें मुख्यतः निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं: (1) मिशन और उद्देश्यों का निर्धारण, (2) पर्यावरण विश्लेषण (आंतरिक और बाह्य), (3) संसाधनों का मूल्या