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Mergers & Acquisitions

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Strategic Management (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

Mergers & Acquisitionsअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

8.1 परिचय

व्याख्या

8.1 परिचय

इस अनुभाग में विलय (Merger) और अधिग्रहण (Acquisition) की अवधारणा का परिचय दिया गया है। कंपनियों के प्रतिस्पर्धी वातावरण में बने रहने, विस्तार करने और अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए वे विभिन्न रणनीतियाँ अपनाती हैं, जिनमें से एक प्रमुख रणनीति है – विलय और अधिग्रहण। विलय वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक कंपनियाँ मिलकर एक नई कंपनी का निर्माण करती हैं या एक कंपनी दूसरी कंपनी में सम्मिलित हो जाती है। अधिग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें एक कंपनी दूसरी कंपनी का नियंत्रण प्राप्त कर लेती है। इन दोनों प्रक्रियाओं का उद्देश्य व्यापार का विस्तार, बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाना, लागत में कमी, तकनीकी उन्नयन, और प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना होता है। इस अध्याय में इन दोनों अवधारणाओं, उनके प्रकार, कारण, प्रक्रिया, लाभ-हानि, और भारतीय परिप्रेक्ष्य में उनके महत्व का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।

  • विलय और अधिग्रहण व्यापार विस्तार की प्रमुख रणनीतियाँ हैं।
  • विलय में दो कंपनियाँ मिलकर एक नई इकाई बनाती हैं।
  • अधिग्रहण में एक कंपनी दूसरी कंपनी का नियंत्रण प्राप्त करती है।
  • इनका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा में बढ़त, लागत में कमी, और संसाधनों का अधिकतम उपयोग है।
  • भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र में इनकी भूमिका बढ़ती जा रही है।
  • 📌 विलय (Merger): दो या दो से अधिक कंपनियों का मिलकर एक नई कंपनी बनाना।
  • 📌 अधिग्रहण (Acquisition): एक कंपनी द्वारा दूसरी कंपनी का नियंत्रण प्राप्त करना।

8.2 विलय और अधिग्रहण की परिभाषाएँ

परिभाषा

8.2 विलय और अधिग्रहण की परिभाषाएँ

इस अनुभाग में विलय और अधिग्रहण की सटीक परिभाषाएँ दी गई हैं। विलय वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक कंपनियाँ मिलकर एक नई कंपनी का निर्माण करती हैं या एक कंपनी दूसरी कंपनी में सम्मिलित हो जाती है। अधिग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें एक कंपनी दूसरी कंपनी के अधिकांश शेयर या संपत्ति खरीदकर उसका नियंत्रण प्राप्त कर लेती है। दोनों प्रक्रियाओं में कंपनियों की कानूनी पहचान, प्रबंधन संरचना, और संचालन में परिवर्तन होता है। भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, विलय और अधिग्रहण की प्रक्रिया को विधिक रूप से नियंत्रित किया जाता है।

  • विलय में कंपनियाँ मिलकर एक नई इकाई बनाती हैं।
  • अधिग्रहण में एक कंपनी दूसरी कंपनी का नियंत्रण प्राप्त करती है।
  • दोनों प्रक्रियाएँ कंपनियों की कानूनी स्थिति को प्रभावित करती हैं।
  • भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत इनकी प्रक्रिया निर्धारित है।
  • 📌 विलय: कंपनियों का एकीकरण जिसमें एक नई इकाई बनती है।
  • 📌 अधिग्रहण: एक कंपनी द्वारा दूसरी कंपनी का नियंत्रण प्राप्त करना।

8.3 विलय और अधिग्रहण के प्रकार

अवधारणा

8.3 विलय और अधिग्रहण के प्रकार

इस अनुभाग में विलय और अधिग्रहण के विभिन्न प्रकारों का वर्णन किया गया है। मुख्यतः विलय के चार प्रकार होते हैं: (1) क्षैतिज विलय (Horizontal Merger), (2) ऊर्ध्वाधर विलय (Vertical Merger), (3) समरूप विलय (Congeneric Merger), और (4) विविध विलय (Conglomer