Prof. Reena Dadhich 4. Dr. Rajeev Srivatava
Prof. Reena Dadhich 4. Dr. Rajeev Srivatava — अध्ययन नोट्स
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2.1 जावा का परिचय
व्याख्या2.1 जावा का परिचय
इस अनुभाग में जावा प्रोग्रामिंग भाषा का संक्षिप्त इतिहास, उसकी विशेषताएँ और विकास का उद्देश्य बताया गया है। जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे सन माइक्रोसिस्टम्स के जेम्स गोसलिंग और उनकी टीम ने 1991 में विकसित किया था। जावा का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी भाषा बनाना था, जो पोर्टेबल, सुरक्षित, और प्लेटफॉर्म स्वतंत्र हो। जावा का स्लोगन है – 'Write Once, Run Anywhere' अर्थात् एक बार कोड लिखें और उसे किसी भी प्लेटफॉर्म पर चला सकते हैं। जावा की प्रमुख विशेषताओं में इसकी ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रकृति, प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता, मजबूत सुरक्षा, मल्टीथ्रेडिंग, और स्वचालित मेमोरी प्रबंधन (गैर्बेज कलेक्शन) शामिल हैं। जावा का विकास इंटरनेट और नेटवर्किंग एप्लिकेशन के लिए किया गया था, इसलिए इसमें सुरक्षा और पोर्टेबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया गया। जावा के कोड को पहले कम्पाइल किया जाता है, जिससे बाइटकोड बनता है, जिसे जावा वर्चुअल मशीन (JVM) किसी भी प्लेटफॉर्म पर चला सकती है।
- जावा 1991 में सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा विकसित की गई।
- जावा प्लेटफॉर्म स्वतंत्र और सुरक्षित भाषा है।
- जावा में ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग की सभी विशेषताएँ हैं।
- जावा का कोड बाइटकोड में कम्पाइल होता है, जिसे JVM चलाती है।
- जावा में स्वचालित मेमोरी प्रबंधन (गैर्बेज कलेक्शन) होता है।
- इंटरनेट एप्लिकेशन के लिए जावा उपयुक्त है।
- 📌 जावा: एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा।
- 📌 JVM (Java Virtual Machine): जावा बाइटकोड को निष्पादित करने वाला प्लेटफॉर्म।
- 📌 बाइटकोड: जावा कम्पाइलर द्वारा निर्मित मध्यवर्ती कोड।
2.2 जावा की विशेषताएँ
अवधारणा2.2 जावा की विशेषताएँ
इस अनुभाग में जावा की मुख्य विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। जावा को डिज़ाइन करते समय इसकी सादगी, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रकृति, पोर्टेबिलिटी, सुरक्षा, उच्च प्रदर्शन, मल्टीथ्रेडिंग, और गतिशीलता (डायनामिज्म) पर विशेष ध्यान दिया गया। जावा की सादगी के कारण इसे सीखना और प्रयोग करना आसान है। यह ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड है, जिससे कोड का पुनः उपयोग और रखरखाव सरल होता है। जावा प्लेटफॉर्म स्वतंत्र है, क्योंकि इसका कोड बाइटकोड में कम्पाइल होता है, जो किसी भी प्लेटफॉर्म पर JVM के माध्यम से चल सकता है। सुरक्षा के लिए जावा में स्ट्रॉन्ग टाइपिंग, ऑटोमैटिक मेमोरी मैनेजमेंट, और रनटाइम चेकिंग जैसी विशेषताएँ हैं। मल्टीथ्रेडिंग के कारण जावा में एक साथ कई कार्य किए जा सकते हैं। जावा में डायनामिक लिंकिंग और क्लास लोडिंग की सुविधा भी है।
- सादगी: जावा का सिंटैक्स सरल और स्पष्ट है।
- ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड: जावा में क्लास, ऑब्जेक्ट, इनहेरिटेंस, पोलिमॉर्फिज्म आदि की सुविधा है।
- पोर्टेबिलिटी: बाइटकोड के कारण जावा प्लेटफॉर्म स्वतंत्र है।
- सुरक्षा: रनटाइम चेकिंग, स्ट्रॉन्ग टाइपिंग, और मेमोरी प्रबंधन।
- मल्टीथ्रेडिंग: एक साथ कई कार्य करने की क्षमता।
- गतिशीलता: रनटाइम पर क्लास लोडिंग और लिंकिंग।
- 📌 मल्टीथ्रेडिंग: एक साथ कई कार्य करने की प्रक्रिया।
- 📌 पोर्टेबिलिटी: किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रोग्राम चलने की क्षमता।
- 📌 सुरक्षा: प्रोग्राम को अनधिकृत पहुँच से सुरक्षित रखना।
2.3 जावा प्रोग्राम की संरचना
व्याख्या2.3 जावा प्रोग्राम की संरचना
इस अनुभाग में एक जावा प्रोग्राम की मूल संरचना का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रत्येक जावा प्रोग्राम एक या अधिक क्लास से बना होता है। मुख्य क्लास में 'main' मेथड होती है, जो प्रोग्राम के निष्पादन का प्रवेश द्वार है। जावा प्रोग्राम में पैकेज डिक्लेर
SLM - Programming in JAVA (Theory and Practical) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
Programming in JAVA (Theory and Practical) · Vardhman Mahaveer Open University
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