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Chapter 5

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Programming in JAVA (Theory and Practical) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 जावा का परिचय

व्याख्या

5.1 जावा का परिचय

इस अनुभाग में जावा प्रोग्रामिंग भाषा का संक्षिप्त इतिहास, इसकी विशेषताएँ और इसकी आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया गया है। जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है जिसे सन माइक्रोसिस्टम्स ने 1995 में विकसित किया था। जावा की प्रमुख विशेषता इसकी प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता है, अर्थात् एक बार कोड लिखने के बाद उसे किसी भी प्लेटफॉर्म पर चलाया जा सकता है। जावा का सिंटैक्स काफी हद तक सी++ से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें कई सुरक्षा और पोर्टेबिलिटी संबंधी सुधार किए गए हैं। जावा का उपयोग वेब एप्लिकेशन, मोबाइल एप्लिकेशन, डेस्कटॉप एप्लिकेशन, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, गेमिंग आदि में किया जाता है। जावा के चार मुख्य स्तंभ हैं: ऑब्जेक्ट ओरिएंटेशन, प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता, सुरक्षा, और मजबूत मेमोरी प्रबंधन। जावा वर्चुअल मशीन (JVM) के माध्यम से कोड को बाइटकोड में बदलता है, जिससे यह किसी भी प्लेटफॉर्म पर चल सकता है।

  • जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • यह प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता प्रदान करता है।
  • जावा का सिंटैक्स सी++ से मिलता-जुलता है।
  • जावा वर्चुअल मशीन (JVM) का उपयोग करता है।
  • जावा में सुरक्षा और मजबूत मेमोरी प्रबंधन की विशेषताएँ हैं।
  • जावा का उपयोग विभिन्न प्रकार के एप्लिकेशन के विकास में होता है।
  • 📌 जावा: एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा।
  • 📌 प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता: कोड को किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलाने की क्षमता।
  • 📌 जावा वर्चुअल मशीन (JVM): एक वर्चुअल मशीन जो जावा बाइटकोड को निष्पादित करती है।

5.2 जावा का विकास एवं इतिहास

अवधारणा

5.2 जावा का विकास एवं इतिहास

इस अनुभाग में जावा भाषा के विकास की पृष्ठभूमि, इसके निर्माता, और विकास के प्रमुख चरणों का वर्णन किया गया है। जावा का विकास सन माइक्रोसिस्टम्स के जेम्स गोसलिंग और उनकी टीम द्वारा 1991 में 'ग्रीन प्रोजेक्ट' के तहत किया गया था। प्रारंभ में इसका नाम 'ओक' रखा गया था, जो बाद में 'जावा' हो गया। जावा का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी भाषा बनाना था जो उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के लिए उपयुक्त हो, लेकिन बाद में इसका विस्तार इंटरनेट एप्लिकेशन की ओर हुआ। 1995 में जावा का पहला सार्वजनिक संस्करण जारी किया गया। जावा के विकास के दौरान इसकी विशेषताओं जैसे पोर्टेबिलिटी, सुरक्षा, और नेटवर्किंग क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

  • जावा का विकास 1991 में 'ग्रीन प्रोजेक्ट' के तहत हुआ।
  • शुरुआत में इसका नाम 'ओक' था।
  • जेम्स गोसलिंग जावा के मुख्य निर्माता हैं।
  • 1995 में पहला सार्वजनिक संस्करण जारी हुआ।
  • जावा की विशेषताएँ: पोर्टेबिलिटी, सुरक्षा, नेटवर्किंग।
  • जावा का उपयोग इंटरनेट एप्लिकेशन के लिए बढ़ा।
  • 📌 ग्रीन प्रोजेक्ट: सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा शुरू किया गया प्रोजेक्ट जिसमें जावा का विकास हुआ।
  • 📌 ओक: जावा का प्रारंभिक नाम।
  • 📌 पोर्टेबिलिटी: एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर कोड को चलाने की क्षमता।

5.3 जावा की विशेषताएँ

अवधारणा

5.3 जावा की विशेषताएँ

इस अनुभाग में जावा भाषा की प्रमुख विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। जावा की विशेषताएँ इसे अन्य भाषाओं से अलग बनाती हैं। मुख्य विशेषताएँ हैं: सरलता (Simple), ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड (Object Oriented), प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता (Platform Independent), म