Prof. Reena Dadhich 4. Dr. Rajeev Srivatava
Prof. Reena Dadhich 4. Dr. Rajeev Srivatava — अध्ययन नोट्स
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2.1 जावा का परिचय
व्याख्या2.1 जावा का परिचय
इस अनुभाग में जावा प्रोग्रामिंग भाषा का परिचय दिया गया है। जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems) द्वारा 1995 में विकसित किया गया था। जावा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी प्लेटफार्म स्वतंत्रता (Platform Independence) है, अर्थात् एक बार कोड लिखने के बाद उसे किसी भी प्लेटफार्म पर चलाया जा सकता है। जावा का स्लोगन है – 'Write Once, Run Anywhere' (WORA)। जावा के विकास का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी भाषा बनाना था, जो सरल, मजबूत, सुरक्षित और पोर्टेबल हो। जावा में ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग की सभी विशेषताएँ पाई जाती हैं, जैसे – इनकैप्सुलेशन, इनहेरिटेंस, पोलिमॉर्फिज्म आदि। जावा का सिंटैक्स काफी हद तक सी++ से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें कुछ विशेषताएँ जोड़ी गई हैं, जैसे – ऑटोमैटिक मेमोरी मैनेजमेंट (Garbage Collection), मल्टीथ्रेडिंग, और सुरक्षा के लिए सख्त नियम। जावा का उपयोग वेब एप्लिकेशन, मोबाइल एप्लिकेशन, डेस्कटॉप एप्लिकेशन, गेम्स, और एंटरप्राइज सॉल्यूशन्स में व्यापक रूप से किया जाता है।
- जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड भाषा है।
- यह प्लेटफार्म स्वतंत्रता प्रदान करती है।
- जावा का विकास सन माइक्रोसिस्टम्स ने 1995 में किया।
- जावा में सुरक्षा, मजबूती और पोर्टेबिलिटी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
- जावा का सिंटैक्स सी++ से मिलता-जुलता है।
- जावा का उपयोग विभिन्न प्रकार के एप्लिकेशन में होता है।
- 📌 प्लेटफार्म स्वतंत्रता: एक बार कोड लिखकर विभिन्न प्लेटफार्म पर चलाने की क्षमता।
- 📌 ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड: प्रोग्रामिंग का वह तरीका जिसमें डेटा और फंक्शन को एक इकाई (ऑब्जेक्ट) में बाँधा जाता है।
2.2 जावा की विशेषताएँ
अवधारणा2.2 जावा की विशेषताएँ
इस अनुभाग में जावा भाषा की प्रमुख विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। जावा की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: (1) सरलता (Simplicity): जावा का सिंटैक्स सरल और स्पष्ट है, जिससे प्रोग्रामिंग करना आसान होता है। (2) ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड (Object-Oriented): जावा पूरी तरह से ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड भाषा है, जिसमें सब कुछ क्लास और ऑब्जेक्ट के रूप में होता है। (3) प्लेटफार्म स्वतंत्रता (Platform Independence): जावा कोड को एक बार कंपाइल करने के बाद किसी भी प्लेटफार्म पर चलाया जा सकता है। (4) मजबूत (Robust): जावा में त्रुटि जाँच (Error Checking) और मेमोरी मैनेजमेंट की विशेष व्यवस्था है। (5) सुरक्षित (Secure): जावा में सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर जाँच की जाती है, जिससे वायरस और अनधिकृत एक्सेस से बचाव होता है। (6) पोर्टेबल (Portable): जावा के प्रोग्राम्स को आसानी से एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम पर ले जाया जा सकता है। (7) मल्टीथ्रेडेड (Multithreaded): जावा में एक साथ कई कार्य (Threads) किए जा सकते हैं। (8) उच्च प्रदर्शन (High Performance): जावा बाइटकोड की वजह से तेज गति से कार्य करता है। (9) डायनामिक (Dynamic): जावा रनटाइम पर क्लासेस को लोड कर सकता है।
- जावा का सिंटैक्स सरल और स्पष्ट है।
- यह पूरी तरह ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड है।
- प्लेटफार्म स्वतंत्रता इसकी प्रमुख विशेषता है।
- मजबूती और सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान हैं।
- मल्टीथ्रेडिंग और पोर्टेबिलिटी उपलब्ध है।
- डायनामिक लोडिंग द्वारा रनटाइम पर क्लासेस जोड़ी जा सकती हैं।
- 📌 मल्टीथ्रेडिंग: एक साथ कई कार्य करने की क्षमता।
- 📌 गार्बेज कलेक्शन: अप्रयुक्त मेमोरी को स्वतः मुक्त करने की प्रक्रिया।
2.3 जावा प्लेटफार्म की संरचना
व्याख्या2.3 जावा प्लेटफार्म की संरचना
इस अनुभाग में जावा प्लेटफार्म की संरचना का विस्तार से वर्णन किया गया है। जावा प्लेटफार्म मुख्यतः चार घटकों से मिलकर बना है: (1) जावा प्रोग्रामिंग भाषा (Java Programming Language): यह उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड भाषा है। (2) जावा रनटाइम एनवायरनमेंट
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Programming in JAVA · Vardhman Mahaveer Open University
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