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Chapter 1

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Programming in JAVA (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 20Introduction to Java 1-8

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

1.1 जावा का परिचय

व्याख्या

1.1 जावा का परिचय

जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है जिसे सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems) ने 1991 में विकसित किया था। जावा का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी भाषा बनाना था जो पोर्टेबल, सुरक्षित, और नेटवर्क-फ्रेंडली हो। जावा की टैगलाइन 'Write Once, Run Anywhere' (WORA) है, जिसका अर्थ है कि एक बार लिखे गए जावा प्रोग्राम को किसी भी प्लेटफॉर्म पर बिना बदलाव के चलाया जा सकता है। जावा के प्रोग्राम सबसे पहले सोर्स कोड के रूप में लिखे जाते हैं, फिर इन्हें बाइटकोड में संकलित किया जाता है, जिसे जावा वर्चुअल मशीन (JVM) द्वारा निष्पादित किया जाता है। जावा की प्रमुख विशेषताएँ हैं – सरलता, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेशन, पोर्टेबिलिटी, सुरक्षा, उच्च प्रदर्शन, मल्टीथ्रेडिंग, और डायनामिकता। जावा का उपयोग वेब एप्लिकेशन, मोबाइल एप्लिकेशन, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, गेम्स, और डेस्कटॉप एप्लिकेशन बनाने में किया जाता है।

  • जावा एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है।
  • सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा 1991 में विकसित की गई।
  • जावा की टैगलाइन है 'Write Once, Run Anywhere'।
  • जावा प्रोग्राम बाइटकोड में संकलित होते हैं।
  • जावा वर्चुअल मशीन (JVM) बाइटकोड को निष्पादित करती है।
  • जावा सुरक्षित, पोर्टेबल और मल्टीथ्रेडेड है।
  • 📌 जावा: एक उच्च स्तरीय, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा।
  • 📌 JVM (जावा वर्चुअल मशीन): एक वर्चुअल मशीन जो बाइटकोड को निष्पादित करती है।
  • 📌 बाइटकोड: जावा सोर्स कोड का मध्यवर्ती रूप।

1.2 जावा की विशेषताएँ

अवधारणा

1.2 जावा की विशेषताएँ

जावा भाषा की कई विशेषताएँ हैं जो इसे अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं से अलग बनाती हैं। जावा की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: 1. सरलता: जावा का सिंटैक्स सी++ के समान है, लेकिन इसमें जटिलताओं को हटाया गया है। 2. ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड: जावा में सब कुछ ऑब्जेक्ट के रूप में होता है, जिससे कोड का पुनः उपयोग और रखरखाव आसान होता है। 3. पोर्टेबिलिटी: जावा प्रोग्राम बाइटकोड में संकलित होते हैं, जो किसी भी प्लेटफॉर्म पर चल सकते हैं जहाँ JVM उपलब्ध है। 4. सुरक्षित: जावा में सुरक्षा के लिए कई विशेषताएँ हैं, जैसे स्ट्रांग टाइपिंग, सैंडबॉक्सिंग, और रनटाइम चेक्स। 5. उच्च प्रदर्शन: जावा में जस्ट-इन-टाइम (JIT) कंपाइलर का उपयोग होता है, जिससे निष्पादन गति बढ़ती है। 6. मल्टीथ्रेडिंग: जावा में एक साथ कई कार्य (थ्रेड्स) चलाए जा सकते हैं। 7. डायनामिक और एक्स्टेंसिबल: जावा में रनटाइम पर क्लासेस को लोड किया जा सकता है।

  • जावा का सिंटैक्स सरल और समझने में आसान है।
  • ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग को बढ़ावा देता है।
  • पोर्टेबिलिटी के कारण किसी भी प्लेटफॉर्म पर चल सकता है।
  • सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र उपलब्ध हैं।
  • मल्टीथ्रेडिंग के कारण एक साथ कई कार्य संभव हैं।
  • डायनामिक लोडिंग से रनटाइम पर क्लासेस जोड़ी जा सकती हैं।
  • 📌 सिंटैक्स: प्रोग्रामिंग भाषा के लिखने के नियम।
  • 📌 मल्टीथ्रेडिंग: एक साथ कई कार्य करने की क्षमता।
  • 📌 पोर्टेबिलिटी: विभिन्न प्लेटफॉर्म पर चलने की योग्यता।

1.3 जावा का विकास इतिहास

व्याख्या

1.3 जावा का विकास इतिहास

जावा का विकास सन माइक्रोसिस्टम्स के जेम्स गोसलिंग और उनकी टीम द्वारा 1991 में शुरू हुआ था। प्रारंभ में इसका नाम 'ओक' (Oak) रखा गया था, जो बाद में बदलकर 'जावा' कर दिया गया। जावा का विकास मुख्यतः इंटरएक्टिव टेलीविजन के लिए किया गया था, लेकिन बाद में इस