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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Web Technology (Theory and Practical) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 वेब प्रौद्योगिकी का परिचय

व्याख्या

2.1 वेब प्रौद्योगिकी का परिचय

वेब प्रौद्योगिकी वह तकनीकी क्षेत्र है, जिसके अंतर्गत इंटरनेट और वेब आधारित सेवाओं, वेबसाइटों, वेब एप्लिकेशन, वेब सर्वर, ब्राउज़र, और संबंधित प्रोटोकॉल का अध्ययन किया जाता है। वेब प्रौद्योगिकी ने सूचना के आदान-प्रदान, संचार, और व्यवसाय के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। 1990 के दशक में वर्ल्ड वाइड वेब के विकास के साथ ही वेब प्रौद्योगिकी का आरंभ हुआ। आज, यह तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, मनोरंजन, सरकारी सेवाओं आदि में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है। वेब प्रौद्योगिकी के अंतर्गत मुख्य रूप से HTML, CSS, JavaScript, वेब सर्वर, क्लाइंट-सर्वर मॉडल, HTTP/HTTPS प्रोटोकॉल, वेब ब्राउज़र, और वेबसाइट निर्माण के सिद्धांत आते हैं। वेब प्रौद्योगिकी का उद्देश्य सूचना को विश्व स्तर पर साझा करना और उपयोगकर्ता को इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करना है।

  • वेब प्रौद्योगिकी इंटरनेट आधारित सेवाओं और वेबसाइटों के निर्माण व प्रबंधन से संबंधित है।
  • इसमें HTML, CSS, JavaScript जैसी भाषाओं का प्रयोग होता है।
  • वेब सर्वर और क्लाइंट-सर्वर मॉडल वेब प्रौद्योगिकी के मुख्य घटक हैं।
  • HTTP/HTTPS प्रोटोकॉल वेब संचार के लिए प्रयुक्त होते हैं।
  • वेब प्रौद्योगिकी ने सूचना के आदान-प्रदान को सरल और त्वरित बनाया है।
  • यह शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार आदि क्षेत्रों में क्रांति ला चुकी है।
  • 📌 वेब प्रौद्योगिकी: इंटरनेट आधारित सेवाओं और वेबसाइटों के निर्माण व प्रबंधन की तकनीक।
  • 📌 वेब सर्वर: वह कंप्यूटर जो वेबसाइट की फाइलें इंटरनेट पर उपलब्ध कराता है।
  • 📌 क्लाइंट-सर्वर मॉडल: एक संरचना जिसमें क्लाइंट (उपयोगकर्ता) सर्वर से सेवाएँ प्राप्त करता है।

2.2 वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) और इसकी कार्यप्रणाली

अवधारणा

2.2 वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) और इसकी कार्यप्रणाली

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) इंटरनेट पर उपलब्ध हाइपरटेक्स्ट दस्तावेजों का एक विशाल संग्रह है, जिसे वेब पेज कहा जाता है। WWW का आविष्कार टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में किया था। WWW के माध्यम से उपयोगकर्ता विभिन्न वेबसाइटों और वेब पेजों तक पहुँच सकते हैं। वेब पेजों को HTML भाषा में लिखा जाता है और यह हाइपरलिंक के माध्यम से आपस में जुड़े होते हैं। WWW की कार्यप्रणाली क्लाइंट-सर्वर मॉडल पर आधारित है, जिसमें क्लाइंट (ब्राउज़र) HTTP प्रोटोकॉल के माध्यम से सर्वर से वेब पेज की मांग करता है। सर्वर अनुरोधित पेज को क्लाइंट को भेजता है, जिसे ब्राउज़र प्रदर्शित करता है।

  • WWW इंटरनेट पर हाइपरटेक्स्ट दस्तावेजों का संग्रह है।
  • WWW का आविष्कार टिम बर्नर्स-ली ने किया।
  • वेब पेज HTML में लिखे जाते हैं और हाइपरलिंक से जुड़े होते हैं।
  • WWW क्लाइंट-सर्वर मॉडल पर कार्य करता है।
  • HTTP प्रोटोकॉल के माध्यम से क्लाइंट और सर्वर संचार करते हैं।
  • ब्राउज़र वेब पेज को प्रदर्शित करता है।
  • 📌 WWW: वर्ल्ड वाइड वेब, इंटरनेट पर हाइपरटेक्स्ट दस्तावेजों का संग्रह।
  • 📌 हाइपरलिंक: एक लिंक जो एक वेब पेज को दूसरे वेब पेज से जोड़ता है।
  • 📌 HTTP: हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल, वेब संचार का प्रोटोकॉल।

2.3 वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर

परिभाषा

2.3 वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर

वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है, जो उपयोगकर्ताओं को वेब पेज देखने, नेविगेट करने और इंटरैक्ट करने की सुविधा देता है। सामान्यतः प्रयुक्त ब्राउज़र हैं: गूगल क्रोम, मोज़िला फायरफॉक्स, माइक्रोसॉफ्ट एज, सफारी आदि। वेब सर्वर एक कंप्यूटर प्रोग्राम या