Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
1.1 वेब प्रौद्योगिकी का परिचय
व्याख्या1.1 वेब प्रौद्योगिकी का परिचय
वेब प्रौद्योगिकी (Web Technology) आज के डिजिटल युग में सूचना के आदान-प्रदान का मुख्य माध्यम बन चुकी है। यह इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न सेवाओं, वेबसाइटों, वेब एप्लिकेशन और संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए प्रयुक्त होती है। वेब प्रौद्योगिकी में वेब ब्राउज़र, वेब सर्वर, वेब पेज, HTML, CSS, JavaScript, और अन्य संबंधित तकनीकों का समावेश होता है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता को सरल, तेज़ और इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करना है। वेब प्रौद्योगिकी के विकास ने शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से सूचना को विश्वभर में साझा किया जा सकता है।
- वेब प्रौद्योगिकी इंटरनेट पर आधारित सेवाओं और संसाधनों का संचालन करती है।
- HTML, CSS, JavaScript वेब प्रौद्योगिकी के मुख्य घटक हैं।
- वेब ब्राउज़र उपयोगकर्ता को वेब पेज देखने की सुविधा देता है।
- वेब सर्वर वेबसाइटों को होस्ट करता है और अनुरोधों का उत्तर देता है।
- वेब प्रौद्योगिकी ने सूचना के आदान-प्रदान को आसान और तेज़ बनाया है।
- यह शिक्षा, व्यापार, और सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराती है।
- 📌 वेब ब्राउज़र: एक सॉफ्टवेयर जो वेब पेजों को देखने की सुविधा देता है।
- 📌 वेब सर्वर: एक कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जो वेब पेजों को होस्ट करता है।
1.2 वेब का इतिहास और विकास
व्याख्या1.2 वेब का इतिहास और विकास
वेब का इतिहास 1989 में टिम बर्नर्स-ली द्वारा वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के आविष्कार से शुरू होता है। प्रारंभ में वेब केवल टेक्स्ट आधारित था, लेकिन समय के साथ इसमें ग्राफिक्स, मल्टीमीडिया, और इंटरएक्टिविटी जुड़ गई। 1990 के दशक में HTML का विकास हुआ, जिससे वेब पेजों का निर्माण संभव हुआ। 1993 में पहला ग्राफिकल वेब ब्राउज़र 'मोज़ेक' आया, जिसने वेब को आम जनता के लिए सुलभ बनाया। 1995 में JavaScript के आगमन से वेब पेजों में गतिशीलता आई। वेब 2.0 के दौर में सोशल मीडिया, ब्लॉगिंग, और यूजर जेनरेटेड कंटेंट का विस्तार हुआ। आज वेब 3.0 के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन, और सेमांटिक वेब जैसी तकनीकों का समावेश हो रहा है।
- 1989 में टिम बर्नर्स-ली ने WWW का आविष्कार किया।
- HTML के विकास से वेब पेजों का निर्माण संभव हुआ।
- 1993 में मोज़ेक ब्राउज़र ने वेब को लोकप्रिय बनाया।
- JavaScript ने वेब पेजों को इंटरैक्टिव बनाया।
- वेब 2.0 में सोशल मीडिया और यूजर जेनरेटेड कंटेंट का विस्तार हुआ।
- वेब 3.0 में AI और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकें शामिल हैं।
- 📌 HTML: हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज, वेब पेजों के निर्माण के लिए प्रयुक्त।
- 📌 JavaScript: एक स्क्रिप्टिंग भाषा जो वेब पेजों को गतिशील बनाती है।
1.3 वेब की कार्यप्रणाली
अवधारणा1.3 वेब की कार्यप्रणाली
वेब की कार्यप्रणाली मुख्यतः क्लाइंट-सर्वर मॉडल पर आधारित होती है। इसमें उपयोगकर्ता (क्लाइंट) वेब ब्राउज़र के माध्यम से वेब सर्वर को अनुरोध भेजता है। वेब सर्वर उस अनुरोध को संसाधित करता है और उपयुक्त वेब पेज या संसाधन क्लाइंट को भेजता है। HTTP (Hypert
SLM - Web Technology (Theory and Practical) (Hindi) के सभी 20 अध्याय
Web Technology (Theory and Practical) · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →