Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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6.1 परिचय
व्याख्या6.1 परिचय
इस अनुभाग में तत्त्वों की पहचान (Detection of Elements) के महत्व और आवश्यकता को विस्तार से समझाया गया है। कार्बनिक यौगिकों में उपस्थित विभिन्न तत्त्वों की पहचान करना रासायनिक विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण भाग है। किसी अज्ञात कार्बनिक यौगिक के तत्त्वों का परीक्षण करने से उसके संरचना निर्धारण में सहायता मिलती है। इस प्रक्रिया में मुख्यतः कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, सल्फर, हैलोजन (क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन) आदि की उपस्थिति का परीक्षण किया जाता है। तत्त्वों की पहचान के लिए विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं का उपयोग किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि कौन-कौन से तत्त्व यौगिक में उपस्थित हैं।
- कार्बनिक यौगिकों में मुख्य तत्त्व - कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, सल्फर, हैलोजन होते हैं।
- तत्त्वों की पहचान से यौगिक की संरचना ज्ञात करने में सहायता मिलती है।
- तत्त्वों की पहचान के लिए विशेष रासायनिक अभिक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।
- प्रयोगशाला में तत्त्वों की पहचान के लिए विशेष विधियाँ विकसित की गई हैं।
- तत्त्वों की पहचान के बिना यौगिक का नामकरण एवं संरचना निर्धारण संभव नहीं।
- 📌 तत्त्व (Element): वह मूलभूत पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया द्वारा अन्य पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता।
- 📌 परीक्षण (Detection): किसी पदार्थ में किसी विशेष तत्त्व की उपस्थिति या अनुपस्थिति का निर्धारण।
6.2 तत्त्वों की पहचान के लिए नमूने की तैयारी
व्याख्या6.2 तत्त्वों की पहचान के लिए नमूने की तैयारी
तत्त्वों की पहचान के लिए सबसे पहले नमूने को उपयुक्त रूप में तैयार करना आवश्यक होता है। कार्बनिक यौगिकों में नाइट्रोजन, सल्फर, हैलोजन आदि की उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए लासैन्ज विधि (Lassaigne's Test) का उपयोग किया जाता है। इस विधि में कार्बनिक यौगिक को सोडियम धातु के साथ गर्म किया जाता है, जिससे यौगिक में उपस्थित तत्त्व सोडियम के साथ यौगिक बनाते हैं, जिन्हें बाद में जल में घोलकर परीक्षण किया जाता है। इस प्रक्रिया में कार्बन, नाइट्रोजन, सल्फर, हैलोजन आदि सोडियम सायनाइड, सोडियम सल्फाइड, सोडियम हैलाइड आदि के रूप में बदल जाते हैं।
- नमूने की तैयारी के लिए लासैन्ज विधि का प्रयोग किया जाता है।
- कार्बनिक यौगिक को सोडियम के साथ गर्म किया जाता है।
- तत्त्व सोडियम के साथ यौगिक बनाते हैं, जो जल में घुलनशील होते हैं।
- तैयार घोल को लासैन्ज निष्कर्ष (Lassaigne's extract) कहते हैं।
- इसी निष्कर्ष का उपयोग आगे के परीक्षणों में किया जाता है।
- 📌 लासैन्ज निष्कर्ष (Lassaigne's Extract): सोडियम के साथ गर्म किए गए कार्बनिक यौगिक का जल में घुला हुआ भाग।
- 📌 सोडियम फ्यूजन (Sodium Fusion): कार्बनिक यौगिक का सोडियम के साथ उच्च ताप पर अभिक्रिया।
6.3 नाइट्रोजन की उपस्थिति का परीक्षण
व्याख्या6.3 नाइट्रोजन की उपस्थिति का परीक्षण
कार्बनिक यौगिक में नाइट्रोजन की उपस्थिति का परीक्षण लासैन्ज निष्कर्ष द्वारा किया जाता है। सोडियम फ्यूजन के बाद यदि यौगिक में नाइट्रोजन है, तो सोडियम सायनाइड (NaCN) बनता है। परीक्षण के लिए लासैन्ज निष्कर्ष में थोड़ी फेरस सल्फेट (FeSO4) घोल मिलाई जाती
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Practical Chemistry · Vardhman Mahaveer Open University