Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
चौदहवीं से सत्रहवीं शताब्दी के अंत तक यूरोप के अनेक देशों में नगरों की संख्या में वृद्धि हुई और एक विशेष प्रकार की नगरीय-संस्कृति विकसित हुई। इस काल में नगरों के लोग स्वयं को गाँव के लोगों से अधिक सभ्य मानने लगे। विशेष रूप से इटली के फ्लोरेंस, वेनिस और रोम नगर कला और विद्या के प्रमुख केंद्र बन गए। इन नगरों को राजाओं और चर्च से कुछ स्वायत्तता मिली, जिससे वे कला और ज्ञान के केंद्र बन सके। अमीर और अभिजात वर्ग के लोग कलाकारों और लेखकों के संरक्षक बने। मुद्रण कला के आविष्कार से छपी हुई पुस्तकें दूर-दराज के नगरों और देशों में भी उपलब्ध होने लगीं, जिससे इतिहास की समझ विकसित हुई और लोग अपने आधुनिक विश्व की तुलना प्राचीन यूनानी और रोमन सभ्यता से करने लगे। इस काल में व्यक्ति को अपनी इच्छा से धर्म चुनने की स्वतंत्रता मिली और वैज्ञानिकों ने चर्च के पृथ्वी केंद्रित ब्रह्मांड मॉडल को चुनौती दी। नवीन भौगोलिक ज्ञान ने भूमध्यसागर को विश्व का केंद्र मानने वाले विचार को बदल दिया। यूरोप में इतिहास की जानकारी दस्तावेजों, मुद्रित पुस्तकों, चित्रों, मूर्तियों, भवनों और वस्त्रों से प्राप्त होती है, जो संग्रहालयों और अभिलेखागारों में सुरक्षित हैं। 19वीं शताब्दी के इतिहासकारों ने इस सांस्कृतिक परिवर्तन को 'पुनर्जागरण' (रेनेस) नाम दिया, जिसका अर्थ है पुनर्जन्म। जैकब बर्कहार्ट ने इस युग को मानवतावादी संस्कृति के उदय के रूप में देखा, जिसमें व्यक्ति अपने बारे में स्वयं निर्णय लेने और अपनी दक्षता बढ़ाने में समर्थ था, जो मध्यकालीन मानव से अलग था, जो चर्च के नियंत्रण में था।
- चौदहवीं से सत्रहवीं शताब्दी तक यूरोप में नगरों की संख्या बढ़ी और नगरीय-संस्कृति विकसित हुई।
- फ्लोरेंस, वेनिस और रोम कला और विद्या के केंद्र बने।
- मुद्रण कला के आविष्कार से पुस्तकें अधिक लोगों तक पहुँचीं।
- व्यक्ति को धर्म चुनने की स्वतंत्रता मिली और वैज्ञानिकों ने पृथ्वी केंद्रित ब्रह्मांड मॉडल को चुनौती दी।
- 19वीं शताब्दी के इतिहासकारों ने इस काल को पुनर्जागरण कहा।
- जैकब बर्कहार्ट ने इसे मानवतावादी संस्कृति के उदय के रूप में देखा।
- 📌 नगरीय-संस्कृति: शहरों में विकसित हुई विशेष सांस्कृतिक जीवनशैली।
- 📌 पुनर्जागरण (रेनेस): पुनः जन्म, चौदहवीं से सत्रहवीं शताब्दी के यूरोप में सांस्कृतिक पुनरुत्थान।
- 📌 मानवतावाद: वह विचारधारा जिसमें व्यक्ति की स्वतंत्रता, क्षमता और ज्ञान पर बल दिया जाता है।
इटली के नगरों का पुनरुत्थान
व्याख्याइटली के नगरों का पुनरुत्थान
पश्चिमी रोम साम्राज्य के पतन के बाद इटली के राजनैतिक और सांस्कृतिक केन्द्रों का विनाश हो गया था। कोई एकीकृत सरकार नहीं थी और पोप का प्रभाव सीमित था। पश्चिमी यूरोप में सामंती संबंधों के कारण क्षेत्र नया रूप ले रहे थे और लातिनी चर्च के नेतृत्व में उनका एकीकरण हो रहा था। पूर्वी यूरोप बाइज़ेंटाइन साम्राज्य के अधीन था और पश्चिम में इस्लाम ने सांझी सभ्यता का निर्माण किया। इटली अनेक टुकड़ों में बंटा हुआ था, परंतु व्यापार के बढ़ने से इसके तटवर्ती बंदरगाह पुनर्जीवित हुए। बारहवीं शताब्दी से मंगोलों द्वारा चीन के साथ रेशम-मार्ग से व्यापार शुरू होने पर पश्चिमी यूरोप के व्यापार को बढ़ावा मिला, जिसमें इटली के नगरों ने मुख्य भूमिका निभाई। इटली के नगरों ने स्वयं को स्वतंत्र नगर-राज्यों का समूह माना, जिनमें फ्लोरेंस और वेनिस गणराज्य थे जबकि अन्य दरबारी-नगर थे। इन नगरों में धर्माधिकारी और सामंत वर्ग राजनैतिक रूप से शक्तिशाली नहीं थे, बल्कि धनी व्यापारी और महाजन शासन में सक्रिय थे, जिससे नागरिकता की भावना पनपी। यहां तक कि सैनिक तानाशाहों के शासन में भी निवासी अपने नगर की नागरिकता पर गर्व करते थे।
- पश्चिमी रोम साम्राज्य के पतन के बाद इटली के सांस्कृतिक केंद्रों का विनाश हुआ।
- इटली अनेक स्वतंत्र नगर-राज्यों में बंटा था।
- बाइज़ेंटाइन और इस्लामी व्यापार से इटली के बंदरगाह पुनर्जीवित हुए।
- फ्लोरेंस और वेनिस जैसे नगर गणराज्य थे।
- धर्माधिकारी और सामंत वर्ग की तुलना में व्यापारी वर्ग का राजनैतिक प्रभाव अधिक था।
- नागरिकता की भावना नगरवासियों में प्रबल थी।
- 📌 नगर-राज्य: स्वतंत्र रूप से शासित छोटे शहर या क्षेत्र।
- 📌 संयुक्तमंडल: वेनिस के शासन की परिषद् जिसमें संभ्रांत वर्ग के पुरुष सदस्य होते थे।
- 📌 गणराज्य: ऐसा शासन जहाँ जनता या उनके प्रतिनिधि शासन करते हैं।
चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियाँ
व्याख्याचौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियाँ
1300 से 1500 के बीच यूरोप में अनेक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और शैक्षिक घटनाएँ हुईं। इटली के पादुआ विश्वविद्यालय में मानवतावाद पढ़ाया जाने लगा, पेट्रार्क को रोम में राजकवि की उपाधि मिली, फ्रांसिस में विश्वविद्यालय स्थापित हुए, जेफ्री चॉसर की 'कैन्टरबरी ट
अभ्यास प्रश्न — Chapter 5
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.'पुनर्जागरण' शब्द से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
c) पुनर्जन्म
Q2.निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: (i) पश्चिमी रोमन साम्राज्य के पतन के बाद, इटली में राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र रहे कई कस्बे समृद्ध हुए। (ii) एकीकरण इटली में हुआ था। (iii) रोम में पोप, जो अपने राज्य में सार्वभोम थे, एक मजबूत राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे। (iv) अमीर व्यापारियों और बैंकरों ने शहर को संचालित करने में सक्रिय रूप से भाग लिया, और इससे नागरिकता की भावना पनपने लगी । उपरोक्त में से कौन से कथन गलत हैं?
उत्तर:
(i) और (ii)
Q3.लातिनी शब्द ह्यूमेनिटीज का अर्थ है:
उत्तर:
संस्कृति
Q4.‘अल्मजेस्ट' , खगोलशास्त्र पर रचित ग्रन्थ ,के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
टॉलेमी
Q5.निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: a) मानवतावादी विचारों को प्रसारित करने में कला, वास्तुकला और पुस्तकें अद्भुत रूप से प्रभावी थीं। b) कलाकार अतीत के कार्यों का अध्ययन करने से प्रेरित थे। c) उस समय के कलाकार अपने काम में बिल्कुल सटीक और आनुपातिक नहीं थे। d) चित्रकारों ने यथासंभव यथार्थ चित्र बनाने की कोशिश की । उपर्युक्त कथनों में से गलत कथन चुनें।
उत्तर:
उस समय के कलाकार अपने काम में बिल्कुल सटीक और आनुपातिक नहीं थे।
Q6.किस विषय की जानकारी ने चित्रकारों को परिप्रेक्ष्य और त्रि-आयामी गुणवत्ता की बेहतर समझ दी?
उत्तर:
रेखागणित
Q7.एजटेक लोगों द्वारा मैक्सिको झील में बनाए गए कृत्रिम टापू कहलाते थे-
उत्तर:
चिनाम्पा
Q8.शमन लोगों का व्यवसाय क्या था?
उत्तर:
कष्ट निवारक और मध्यस्थ
Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay के सभी 7 अध्याय
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