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Chapter 5

🎓 Class 11📖 Bhart Bhautik Paryabaran📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 6Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ : कारण, परिणाम तथा प्रबंध

व्याख्या

प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ : कारण, परिणाम तथा प्रबंध

इस खंड में प्राकृतिक संकट तथा आपदाओं की अवधारणा, उनके कारण, परिणाम और प्रबंधन की आवश्यकता पर चर्चा की गई है। प्राकृतिक संकट वे पर्यावरणीय स्थितियाँ हैं जिनसे धन-जन को नुकसान पहुँचने की संभावना होती है, जबकि प्राकृतिक आपदाएँ तीव्रता से घटित होती हैं और व्यापक जन-धन हानि का कारण बनती हैं। परिवर्तन प्रकृति का नियम है और यह विभिन्न रूपों में होता है, जैसे धीमे बदलाव (स्थलाकृतियों में) या तीव्र बदलाव (ज्वालामुखी विस्फोट, भूकंप)। मानव दृष्टिकोण से परिवर्तन का मूल्यांकन अलग होता है; कुछ परिवर्तन लाभकारी होते हैं जैसे ऋतुओं का परिवर्तन, जबकि कुछ हानिकारक होते हैं जैसे भूकंप, बाढ़। आपदा एक अनपेक्षित घटना होती है जो मानव नियंत्रण से बाहर होती है और जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। प्राकृतिक आपदाओं के अलावा मानवकृत आपदाएँ भी होती हैं, जैसे पर्यावरण प्रदूषण, युद्ध, औद्योगिक दुर्घटनाएँ। आपदाओं से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे भारतीय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना, रियो डि जनेरो में भू-शिखर सम्मेलन, और यॉकोहामा में आपदा प्रबंधन पर विश्व संगोष्ठी।

  • परिवर्तन प्रकृति का अनिवार्य नियम है, जो धीमे या तीव्र गति से होता है।
  • प्राकृतिक संकट और आपदाओं में अंतर होता है; संकट संभावित खतरा है, आपदा तीव्र घटना।
  • आपदा मानव नियंत्रण से बाहर होती है और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान करती है।
  • मानवकृत गतिविधियाँ भी आपदाओं को जन्म देती हैं या बढ़ावा देती हैं।
  • वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए संस्थान और सम्मेलन आयोजित किए गए हैं।
  • प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है।
  • 📌 प्राकृतिक संकट: पर्यावरण में ऐसी स्थितियाँ जिनसे नुकसान की संभावना हो।
  • 📌 प्राकृतिक आपदा: तीव्र और व्यापक जन-धन हानि करने वाली घटना।
  • 📌 मानवकृत आपदा: मानव गतिविधियों से उत्पन्न आपदा।

प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण

व्याख्या

प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण

प्राकृतिक आपदाओं को उनकी उत्पत्ति और प्रभाव के आधार पर चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: वायुमंडलीय, भौमिक, जलीय और जैविक। वायुमंडलीय आपदाओं में बर्फानी तूफान, तड़ित, टॉरेनेडो, उष्ण कटिबंधीय चक्रवात, सूखा, करकापात, पाला, लू, शीतलहर शामिल हैं। भौमिक आपदाओं में भूकंप, ज्वालामुखी, भू-स्खलन, हिमधाव, अवतलन, मृदा अपरदन आते हैं। जलीय आपदाओं में बाढ़, ज्वार, तूफान महोर्मि और सुनामी प्रमुख हैं। जैविक आपदाओं में पौधे और जानवर उपनिवेशक (जैसे टिड्डियाँ), कीट ग्रसन-फूंद, बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण (जैसे बर्ड फ्लू, डेंगू) शामिल हैं। भारत में सभी प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ घटित होती हैं और इनके कारण हर वर्ष भारी जन-धन हानि होती है। आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए उनकी पहचान और वर्गीकरण आवश्यक है, जिससे प्रभावी प्रबंधन संभव हो सके। **Table on page 4 (8×4)** | तालिका 6.1 : प्राकृतिक आपदाओं का वर्गीकरण | | | | | --- | --- | --- | --- | | वायुमंडलीय | भौमिक | जलीय | जैविक | | बर्फानी तूफान | भूकंप | बाढ़ | पौधे व जानवर उपनिवेशक के रूप में (टिड्डियाँ इत्यादि), | | तड़ित | ज्वालामुखी | ज्वार | कीट ग्रसन-फूंद, बैक्टीरिया | | टॉरेनेडो | भू-स्खलन | तूफान महोर्मि | और वायरल संक्रमण बर्ड फ्लू, डेंगू इत्यादि | | उष्ण कटिबंधीय चक्रवात | हिमधाव | सुनामी | | | सूखा | अवतलन | | | | करकापात, पाला, लू, शीतलहर | मृदा अपरदन | | |

  • प्राकृतिक आपदाएँ वायुमंडलीय, भौमिक, जलीय और जैविक चार प्रकार की होती हैं।
  • भारत में सभी प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ होती हैं।
  • वर्गीकरण से आपदाओं के प्रभाव को समझना और प्रबंधन करना आसान होता है।
  • वायुमंडलीय आपदाओं में चक्रवात, सूखा, तूफान शामिल हैं।
  • भौमिक आपदाओं में भूकंप, भू-स्खलन प्रमुख हैं।
  • जलीय आपदाओं में बाढ़ और सुनामी शामिल हैं।
  • 📌 वायुमंडलीय आपदा: वायु और मौसम से संबंधित आपदाएँ।
  • 📌 भौमिक आपदा: पृथ्वी की सतह से संबंधित आपदाएँ।
  • 📌 जलीय आपदा: जल से संबंधित आपदाएँ।

भारत में प्राकृतिक आपदाएँ - भूकंप

व्याख्या

भारत में प्राकृतिक आपदाएँ - भूकंप

भूकंप एक अत्यंत विध्वंसक प्राकृतिक आपदा है, जो पृथ्वी की ऊपरी सतह में विवर्तनिक गतिविधियों से उत्पन्न ऊर्जा के अचानक मुक्त होने से होता है। भारत में इंडियन प्लेट उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में लगभग 1 सेंटीमीटर प्रति वर्ष खिसक रही है, लेकिन इसके उत्तर में

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.उष्णकटिबंधीय चक्रवात जब बहुत तेजी से एते हैंजिनसे तूफानी क्षेत्रों में समुन्दर तल भी असाधारणरूप से ऊपर उठा होता है इसेक्या कहते हैं ?
A.तूफानकी आँख
B.तूफान महोर्मि
C.सुनामी
D.तड़ित

उत्तर:

तूफान महोर्मि

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Q2.इनमे से किस नदी पर मजौली नदीय द्वीप स्थित है ?
A.सिंधु
B.गंगा
C.बर्ह्म्पुत्
D.कावेरी

उत्तर:

बर्ह्म्पुत्

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Q3.- चारा कम होने की स्तिथि को कौन सा अकाल कहते हैं ?
A.तृण अकाल
B.जल अकाल
C.खाद्य अकाल
D.कृषि अकाल

उत्तर:

तृण अकाल

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Q4.- जब मिटटी में आद्रता की कमी की कारण फसलें मुरझा जाती हैं उसे कौन सा सूखा कहते हैं ?
A.जल विज्ञानं सूखा
B.कृषि सूखा
C.मौसमविज्ञानं सम्बन्धी सूखा
D.पारिस्थितिकीयसूखा

उत्तर:

कृषि सूखा

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Q5.चक्रवात का केंद्र गर्म वायु तथा निम्न वायुदाब और मेघ रहित क्रोड होता है इसे क्या कहते हैं ?
A.टोर्नेडो
B.तूफानकी आँख
C.कारकापात
D.तूफानमहोर्मि

उत्तर:

तूफानकी आँख

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Q6.ज्वालामुखी और भूकंप से जो उध्र्वाधर ऊँची तरंगे महासागर में उत्त्पनहोतीहैं उन्हें क्या कहते हैं ?
A.चक्रवात
B.सुनामी
C.भूस्खलन
D.ज्वार

उत्तर:

सुनामी

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Q7.- बंगाल की खाड़ी मेंअधिकतर किन महीनो में चक्रवात आते हैं ?
A.जनवरी - फरवरी
B.मार्च- अप्रैल
C.जून- जुलाई
D.अक्टूबर - नवंबर

उत्तर:

अक्टूबर - नवंबर

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Q8.-एक अनपेक्षित घटना , ऐसी ताकतों द्वारा घटित होती है जो मानव के नियंत्रण में नहीं होती है।
A.अपरदन
B.अवतरण
C.आपदा
D.अनावरण

उत्तर:

आपदा

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