Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 16 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
संविधान का निर्माण
व्याख्यासंविधान का निर्माण
भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आया और यह विश्व का सबसे लंबा संविधान है। इसके निर्माण की प्रक्रिया दिसंबर 1946 से नवंबर 1949 तक चली। संविधान का आकार और जटिलता भारत के विशाल आकार, विविधता और सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए स्वाभाविक थी। स्वतंत्रता के समय भारत एक गहरे तौर पर बिखरा हुआ देश था, जहाँ विभिन्न जातियाँ, समुदाय और भाषाई समूह रहते थे। ऐसे में देश की एकता और प्रगति के लिए एक विस्तृत, गहन विचार-विमर्श पर आधारित संविधान की आवश्यकता थी। संविधान ने अतीत और वर्तमान के सामाजिक-राजनीतिक भावों पर मरहम लगाया और विभिन्न वर्गों, जातियों व समुदायों को एक साझा राजनीतिक प्रयोग में शामिल किया। साथ ही, इसने लोकतांत्रिक संस्थानों के विकास की नींव भी रखी। संविधान सभा में 11 सत्र हुए, जिनमें कुल 165 दिन बैठकों में लगे। सत्रों के बीच विभिन्न समितियाँ मसविदे को सुधारने और सँवारने का कार्य करती थीं।
- भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आया।
- यह विश्व का सबसे लंबा संविधान है।
- संविधान का निर्माण दिसंबर 1946 से नवंबर 1949 तक हुआ।
- संविधान सभा में 11 सत्र और 165 दिन की बैठकें हुईं।
- संविधान ने भारत की विविधता और सामाजिक-राजनीतिक जटिलताओं को ध्यान में रखा।
- 📌 संविधान सभा: वह संस्था जिसने भारतीय संविधान का मसविदा तैयार किया।
- 📌 मसविदा: संविधान का प्रारूप।
- 📌 लोकतंत्र: जनता द्वारा चुनी गई सरकार की व्यवस्था।
1. उथल-पुथल का दौर
व्याख्या1. उथल-पुथल का दौर
संविधान निर्माण से पहले के वर्ष उथल-पुथल से भरे थे। 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन विभाजन के कारण देश बिखर गया। 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन, सुभाष चंद्र बोस के सशस्त्र प्रयास, 1946 में नौसेना विद्रोह, मजदूर और किसान आंदोलनों ने देश को प्रभावित किया। कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों प्रमुख दल धार्मिक सौहार्द स्थापित करने में असफल रहे। अगस्त 1946 में कलकत्ता में हिंसा शुरू हुई और उत्तरी-पूर्वी भारत में दंगे, फसाद और हत्याओं का सिलसिला लगभग एक वर्ष तक चला। विभाजन के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए, जिनमें मुसलमान पाकिस्तान की ओर और हिंदू-सिख भारत की ओर पलायन कर रहे थे। नवजात राष्ट्र के सामने देशी रियासतों की संवैधानिक स्थिति भी एक बड़ी चुनौती थी। ब्रिटिश राज के दौरान रियासतों को सीमित स्वायत्तता मिली थी, पर स्वतंत्रता के बाद उनकी स्थिति अस्पष्ट हो गई। संविधान सभा की बैठकें इसी पृष्ठभूमि में हो रही थीं, जहाँ बाहरी घटनाओं का प्रभाव स्पष्ट था।
- 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ लेकिन विभाजन के कारण देश बिखर गया।
- 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन और नौसेना विद्रोह जैसे घटनाएँ हाल ही की स्मृतियों में थीं।
- कांग्रेस और मुस्लिम लीग धार्मिक सौहार्द स्थापित करने में असफल रहे।
- 1946-47 में दंगे और हिंसा का लंबा सिलसिला चला।
- देशी रियासतों की संवैधानिक स्थिति स्वतंत्रता के बाद चुनौतीपूर्ण बनी।
- 📌 विभाजन: भारत का दो हिस्सों में बंटना - भारत और पाकिस्तान।
- 📌 देशी रियासतें: ब्रिटिश भारत के बाहर के स्वतंत्र शासित क्षेत्र।
- 📌 नौसेना विद्रोह: 1946 में शाही भारतीय नौसेना के सिपाहियों का विद्रोह।
1.1 संविधान सभा का गठन
व्याख्या1.1 संविधान सभा का गठन
संविधान सभा का गठन 1945-46 के प्रांतीय चुनावों के बाद हुआ। सदस्यों का चुनाव सार्वभौमिक मताधिकार के आधार पर नहीं, बल्कि प्रांतीय संसदों द्वारा किया गया। कांग्रेस ने सामान्य चुनाव क्षेत्रों में भारी जीत हासिल की जबकि मुस्लिम लीग को अधिकांश आरक्षित मुस्
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अवधारणा 10 - राष्ट्र की भाषा (ञ) हिंदुस्तानी भाषा किन दो भाषाओं के मेल से बनी थी?
उत्तर:
हिंदी-उर्दू
Q2.अवधारणा 9 - राज्य की शक्तियां (झ) संविधान के मसविदे में कितनी सूचियां बनाई गई थीं?
उत्तर:
तीन
Q3.अवधारणा 8 - संविधान की दृष्टि (ज) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट कब लागू किया गया?
उत्तर:
1935
Q4.अवधारणा 7 - संविधान की दृष्टि (छ) 1946 में पेश किए गए उद्देश्य प्रस्ताव में मुख्य रूप से क्या था?
उत्तर:
स्वतंत्र भारत के संविधान के मूल आदर्शों की रूपरेखा
Q5.अवधारणा 6 - "संविधान की दृष्टि" (च) कम्युनिस्ट सदस्य सोमनाथ लाहिड़ी को संविधान सभाओं पर किसका साया (प्रभाव) दिखता था?
उत्तर:
ब्रिटिश साम्राज्य का
Q6.अवधारणा 5 - राष्ट्र की भाषा ( ङ ) आर.वी. धूलेकर ने संविधान निर्माण के लिए किस भाषा को चुनने की आवाज उठाई?
उत्तर:
हिंदी
Q7.अवधारणा 4 - राज्य की शक्तियां (घ) अंबेडकर ने शक्तिशाली सरकार के संबंध में क्या घोषणा की थी?
उत्तर:
एक शक्तिशाली और स्वीकृत केंद्र चाहते हैं
Q8.अवधारणा 3 - अधिकारों का निर्धारण (ग) 27 अगस्त 1947 को बी.पोकर बहादुर ने किस बारे में अपना भाषण दिया था?
उत्तर:
पृथक निर्वाचिका के पक्ष में
Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-III के सभी 4 अध्याय
History · Class 12