Promise: Section 2 (b) defines “a proposal (offer) when accepted becomes a promise.” Thus an
Promise: Section 2 (b) defines “a proposal (offer) when accepted becomes a promise.” Thus an — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
3.1 प्रस्ताव (Offer) की परिभाषा
परिभाषा3.1 प्रस्ताव (Offer) की परिभाषा
प्रस्ताव, जिसे अंग्रेज़ी में 'Offer' कहा जाता है, भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 2(a) के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को अनुबंध करने के उद्देश्य से अपनी इच्छा व्यक्त करना प्रस्ताव कहलाता है। प्रस्ताव वह आधार है जिस पर अनुबंध की प्रक्रिया शुरू होती है। जब कोई व्यक्ति (प्रस्तावक) किसी अन्य व्यक्ति (प्रस्तावित) को कुछ करने या न करने के लिए आमंत्रित करता है, तो इसे प्रस्ताव कहा जाता है। प्रस्ताव स्पष्ट, निश्चित और संपूर्ण होना चाहिए ताकि प्रस्तावित व्यक्ति उसे समझ सके। प्रस्ताव का उद्देश्य अनुबंध की स्थापना होना चाहिए।
- प्रस्ताव अनुबंध की प्रक्रिया का पहला चरण है।
- प्रस्ताव स्पष्ट और निश्चित होना चाहिए।
- प्रस्तावक अपनी इच्छा दूसरे को व्यक्त करता है।
- प्रस्ताव का उद्देश्य अनुबंध स्थापित करना होता है।
- प्रस्ताव भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 2(a) में परिभाषित है।
- 📌 प्रस्ताव (Offer): अनुबंध की स्थापना के लिए इच्छा की अभिव्यक्ति।
- 📌 प्रस्तावक (Offeror): प्रस्ताव देने वाला व्यक्ति।
- 📌 प्रस्तावित (Offeree): प्रस्ताव प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
3.2 प्रस्ताव की आवश्यकताएँ
अवधारणा3.2 प्रस्ताव की आवश्यकताएँ
प्रस्ताव की आवश्यकताएँ अनुबंध के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक वैध प्रस्ताव के लिए निम्नलिखित शर्तें आवश्यक हैं: (1) प्रस्ताव स्पष्ट और निश्चित होना चाहिए; (2) प्रस्ताव का उद्देश्य अनुबंध स्थापित करना होना चाहिए; (3) प्रस्ताव को प्रस्तावित व्यक्ति तक पहुँचाना चाहिए; (4) प्रस्ताव कानूनी रूप से वैध होना चाहिए; (5) प्रस्ताव में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए; (6) प्रस्ताव में कोई धोखाधड़ी या दबाव नहीं होना चाहिए। इन आवश्यकताओं के बिना प्रस्ताव को वैध नहीं माना जा सकता।
- प्रस्ताव स्पष्ट और निश्चित होना चाहिए।
- प्रस्ताव का उद्देश्य अनुबंध स्थापित करना होना चाहिए।
- प्रस्ताव कानूनी रूप से वैध होना चाहिए।
- प्रस्तावित व्यक्ति तक प्रस्ताव पहुँचना चाहिए।
- प्रस्ताव में कोई धोखाधड़ी या दबाव नहीं होना चाहिए।
- 📌 स्पष्टता (Clarity): प्रस्ताव में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।
- 📌 वैधता (Legality): प्रस्ताव कानूनी रूप से वैध होना चाहिए।
3.3 प्रस्ताव और आमंत्रण (Invitation to Offer) में अंतर
व्याख्या3.3 प्रस्ताव और आमंत्रण (Invitation to Offer) में अंतर
प्रस्ताव और आमंत्रण में अंतर समझना महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव वह है जिसमें अनुबंध स्थापित करने की इच्छा होती है, जबकि आमंत्रण केवल प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए आमंत्रण होता है। उदाहरण के लिए, दुकान में सामान की कीमत लगाना आमंत्रण है, न कि प्रस्ताव। जब ग
SLM - Legal Aspects of Business (Hindi) के सभी 20 अध्याय
Legal Aspects of Business · Vardhman Mahaveer Open University
5 और अध्याय — सभी देखें →