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Chapter 2

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Business Communication (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 16Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 संचार की परिभाषा और महत्व

परिभाषा

2.1 संचार की परिभाषा और महत्व

संचार (Communication) का अर्थ है – विचारों, सूचनाओं, भावनाओं, तथ्यों या आदेशों का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक स्थानांतरण। यह व्यापारिक संगठन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि इसके माध्यम से ही संगठन के विभिन्न विभागों, कर्मचारियों और प्रबंधकों के बीच समन्वय स्थापित होता है। संचार के बिना संगठन की गतिविधियाँ ठप पड़ जाती हैं, जिससे उत्पादकता और कार्यक्षमता में गिरावट आती है। संचार के माध्यम से ही संगठन के लक्ष्य, नीतियाँ, आदेश, सुझाव, शिकायतें आदि सभी संबंधित व्यक्तियों तक पहुँचती हैं। संचार के अभाव में संगठन में भ्रम, गलतफहमी, असंतोष, और अशांति का वातावरण बन जाता है।

  • संचार विचारों, सूचनाओं और भावनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया है।
  • संचार संगठन के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है।
  • संचार के बिना संगठन की गति धीमी हो जाती है।
  • संचार से कर्मचारियों में स्पष्टता और पारदर्शिता आती है।
  • संचार के माध्यम से ही संगठनात्मक लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
  • 📌 संचार: विचारों, सूचनाओं, भावनाओं आदि के आदान-प्रदान की प्रक्रिया।
  • 📌 सूचना: किसी घटना, तथ्य या आदेश का विवरण।

2.2 संचार की प्रक्रिया

अवधारणा

2.2 संचार की प्रक्रिया

संचार एक सतत प्रक्रिया है जिसमें कई चरण होते हैं। इसमें मुख्यतः प्रेषक (Sender), संदेश (Message), माध्यम (Medium), प्राप्तकर्ता (Receiver) और प्रतिक्रिया (Feedback) शामिल होते हैं। सबसे पहले, प्रेषक अपने विचारों या सूचनाओं को संदेश के रूप में तैयार करता है। इसके बाद वह उपयुक्त माध्यम का चयन करता है, जैसे मौखिक, लिखित या दृश्य। संदेश माध्यम के द्वारा प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है। प्राप्तकर्ता संदेश को समझता है और उसके अनुसार प्रतिक्रिया देता है। यह प्रतिक्रिया प्रेषक तक पहुँचती है, जिससे संचार प्रक्रिया पूर्ण होती है। यदि किसी भी चरण में बाधा आती है, तो संचार प्रभावी नहीं रहता।

  • संचार प्रक्रिया के पाँच मुख्य घटक होते हैं।
  • प्रेषक संदेश तैयार करता है और माध्यम का चयन करता है।
  • माध्यम के द्वारा संदेश प्राप्तकर्ता तक पहुँचता है।
  • प्राप्तकर्ता संदेश को समझता है और प्रतिक्रिया देता है।
  • प्रतिक्रिया से पता चलता है कि संचार सफल हुआ या नहीं।
  • 📌 प्रेषक: संदेश भेजने वाला व्यक्ति।
  • 📌 माध्यम: संदेश पहुँचाने का साधन।
  • 📌 प्राप्तकर्ता: संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति।

2.3 संचार के प्रकार

अवधारणा

2.3 संचार के प्रकार

संचार के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं – मौखिक (Oral) और लिखित (Written)। मौखिक संचार में बातचीत, भाषण, टेलीफोन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि आते हैं। लिखित संचार में पत्र, ईमेल, रिपोर्ट, ज्ञापन आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा, दृश्य संचार (Visual Communicat