घर की याद
घर की याद — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
‘घर की याद’ कक्षा 11 की हिंदी की पाठ्यपुस्तक का पंद्रहवाँ अध्याय है, जिसमें प्रसिद्ध पंजाबी कवि पाश की कविता प्रस्तुत की गई है। इस कविता में कवि ने घर से दूर रहने पर मन में उठने वाली भावनाओं, स्मृतियों और तड़प को अत्यंत मार्मिक और संवेदनशीलता से अभिव्यक्त किया है। घर की याद केवल एक भौतिक स्थान की स्मृति नहीं है, बल्कि यह कवि की आत्मा की गहराई से जुड़ी हुई अनुभूति है। कविता में कवि ने अपने घर की दीवारें, चौखटें, और घर के वातावरण को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे पाठक भी उस भावनात्मक स्थिति को महसूस कर सके। यह कविता घर से दूर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है, जो अपने घर की यादों में खोया रहता है। इस प्रकार, यह कविता भावनात्मक गहराई और चित्रात्मकता से भरपूर है।
- ‘घर की याद’ कविता पाश द्वारा रचित है।
- कविता में घर से दूर रहने की पीड़ा और तड़प को व्यक्त किया गया है।
- घर को केवल भौतिक स्थान नहीं, बल्कि आत्मा का हिस्सा माना गया है।
- कवि ने घर की दीवारों, चौखटों आदि का चित्रण किया है।
- यह कविता घर की यादों से जुड़ी भावनाओं को मार्मिक रूप में प्रस्तुत करती है।
- 📌 घर की याद: घर से दूर रहने पर मन में उठने वाली भावनाएं और स्मृतियाँ।
- 📌 भावनात्मकता: किसी विषय से जुड़ी गहरी अनुभूति।
कवि का जीवन और रचनाएँ
व्याख्याकवि का जीवन और रचनाएँ
पाश का असली नाम अवतार सिंह संधू था। उनका जन्म पंजाब के एक मध्यवर्गीय किसान परिवार में हुआ था। पाश की शिक्षा अनियमित रूप से हुई, लेकिन वे सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से गहरे जुड़े रहे। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज की अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं, शोषण और दमन के खिलाफ आवाज उठाई। पाश की कविताएँ विद्रोही और जन आंदोलनों से प्रेरित थीं, जिनमें उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम जनता की पीड़ा को अभिव्यक्त किया। उनकी रचनाएँ सरल भाषा में गहरी सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं को प्रस्तुत करती हैं। पाश की कविता ‘घर की याद’ में भी उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना झलकती है। वे पंजाबी साहित्य के समकालीन महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं।
- पाश का असली नाम अवतार सिंह संधू था।
- उनका जन्म पंजाब के किसान परिवार में हुआ।
- पाश की शिक्षा अनियमित रूप से हुई।
- वे जन आंदोलनों और सामाजिक संघर्षों से जुड़े रहे।
- उनकी कविताएँ विद्रोही और सामाजिक चेतना से भरपूर थीं।
- 📌 विद्रोही कविता: ऐसी कविता जो सामाजिक अन्याय और दमन के खिलाफ आवाज उठाती है।
- 📌 समकालीन साहित्य: वर्तमान समय के साहित्य को कहते हैं।
कविता का पाठ
व्याख्याकविता का पाठ
‘घर की याद’ कविता में कवि पाश ने घर से दूर रहने पर मन में उठने वाली भावनाओं को अत्यंत संवेदनशीलता से व्यक्त किया है। कविता की शुरुआत में कवि अपने घर की यादों में खो जाता है। उसे अपने घर की दीवारें, चौखटें, और घर के वातावरण की छवि स्पष्ट रूप से दिखाई
अभ्यास प्रश्न — घर की याद
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.आपके विचार में महात्मा फुले जी का निन्मलिखित में से सबसे अधिक योगदान क्या रहा?
उत्तर:
भेद-भाव रहित शिक्षा
Q2.ज्योतिबा फुले जी को लड़कियों को शिक्षा दिलवाने के लिए जब बहुत संघर्ष करना पड़ा तब उनकी पत्नी ने क्या निर्णय लिया?
उत्तर:
उनके साथ मिल कर काम करने का
Q3.अपनी पत्नी को उन्होंने मराठी के साथ अन्य विषय भी पढाये, जैसे....
उत्तर:
अंग्रेजी
Q4.ज्योतिबा फुले जी ने स्त्री-शिक्षा की शुरुआत के लिए किससे पहल की?
उत्तर:
अपनी पत्नी से
Q5.महात्मा फुले जी के अनुसार स्त्री- शिक्षा के दरवाजे किसने बंद कर दिए थे?
उत्तर:
पुरुष समाज ने
Q6.ज्योतिबा फुले जी ने वर्ण, जाति और वर्ग व्यवस्था में निहित किस प्रक्रिया को एक दूसरे का पूरक बताया है ?
उत्तर:
शोषण
Q7.लाल के पकड़े जाने पर सब लोग उसकी माँ से मिलने क्यों बचने लगे थे ?
उत्तर:
(क) तथा (ख)
Q8.लाल तथा उसके साथियों को क्यों पकड़ लिया था ?
उत्तर:
क्योंकि लाल के घर से पिस्तौल, कारतूस तथा सरकार विरोधी पत्र मिला था
Aroh के सभी 16 अध्याय
Hindi · Class 11
1 और अध्याय — सभी देखें →