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Chapter 13

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Micro Economic Theory (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 12अध्याय 13 / 17Chapter 14

Chapter 13अध्ययन नोट्स

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13.1 एकाधिकार : अर्थ एवं विशेषताएँ

अवधारणा

13.1 एकाधिकार : अर्थ एवं विशेषताएँ

एकाधिकार वह बाजार स्थिति है जिसमें किसी वस्तु या सेवा का केवल एक विक्रेता (फर्म) होता है, जो उस वस्तु की आपूर्ति पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। एकाधिकार का शाब्दिक अर्थ है – 'एक का शासन'। एकाधिकार के अंतर्गत फर्म के पास वस्तु की कीमत और मात्रा निर्धारित करने की शक्ति होती है, क्योंकि उसके पास प्रतिस्पर्धा का अभाव होता है। एकाधिकार बाजार में प्रवेश के लिए बाधाएँ होती हैं, जिससे अन्य फर्मों का प्रवेश कठिन हो जाता है। एकाधिकार की मुख्य विशेषताएँ हैं: (1) एक ही विक्रेता, (2) वस्तु का कोई निकट विकल्प नहीं, (3) बाजार में प्रवेश के लिए अवरोध, (4) कीमत निर्धारण की शक्ति, (5) असंपूर्ण सूचना। एकाधिकार का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बाजार में संसाधनों के आवंटन, उपभोक्ता कल्याण और सामाजिक कल्याण को प्रभावित करता है।

  • एकाधिकार में केवल एक विक्रेता होता है।
  • वस्तु का कोई निकट विकल्प नहीं होता।
  • बाजार में प्रवेश के लिए बाधाएँ होती हैं।
  • एकाधिकार फर्म के पास कीमत निर्धारण की शक्ति होती है।
  • एकाधिकार में असंपूर्ण सूचना हो सकती है।
  • 📌 एकाधिकार: वह बाजार स्थिति जिसमें केवल एक विक्रेता होता है।
  • 📌 निकट विकल्प: ऐसी वस्तु जो उपभोक्ता की आवश्यकता को लगभग उसी प्रकार पूरा कर सके।

13.2 एकाधिकार में माँग व राजस्व

व्याख्या

13.2 एकाधिकार में माँग व राजस्व

एकाधिकार फर्म की माँग वक्र बाजार की माँग वक्र के समान होती है, क्योंकि वह एकमात्र विक्रेता है। एकाधिकार फर्म को माँग वक्र नीचे की ओर ढलान वाला मिलता है, अर्थात् यदि वह अधिक मात्रा बेचना चाहती है तो उसे कीमत कम करनी होगी। एकाधिकार में औसत राजस्व (AR) और सीमांत राजस्व (MR) के बीच संबंध होता है – MR, AR से कम होता है। इसका कारण यह है कि जब एकाधिकार फर्म अधिक बेचने के लिए कीमत घटाती है, तो उसे पहले से बिक रही इकाइयों पर भी कम कीमत मिलती है। एकाधिकार फर्म के लिए राजस्व की गणना इस प्रकार की जाती है: कुल राजस्व (TR) = कीमत × मात्रा, औसत राजस्व (AR) = कुल राजस्व ÷ मात्रा, सीमांत राजस्व (MR) = कुल राजस्व में एक अतिरिक्त इकाई बेचने से होने वाली वृद्धि।

  • एकाधिकार फर्म की माँग वक्र बाजार की माँग वक्र के समान होती है।
  • माँग वक्र नीचे की ओर ढलान वाला होता है।
  • AR वक्र माँग वक्र के समान होता है।
  • MR, AR से कम होता है।
  • TR = कीमत × मात्रा
  • MR = ΔTR ÷ ΔQ
  • 📌 औसत राजस्व (AR): प्रति इकाई विक्रय पर प्राप्त राजस्व।
  • 📌 सीमांत राजस्व (MR): एक अतिरिक्त इकाई बेचने से होने वाली राजस्व में वृद्धि।

13.3 एकाधिकार में लाभ अधिकतमकरण

व्याख्या

13.3 एकाधिकार में लाभ अधिकतमकरण

एकाधिकार फर्म का मुख्य उद्देश्य लाभ अधिकतम करना होता है। लाभ अधिकतमकरण के लिए फर्म उस स्तर पर उत्पादन करती है जहाँ MR = MC (सीमांत राजस्व = सीमांत लागत)। यदि MR > MC, तो फर्म उत्पादन बढ़ाकर लाभ बढ़ा सकती है; यदि MR < MC, तो उत्पादन घटाकर लाभ बढ़ा सकत