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दो ध्रुवीयता का अंत

🎓 Class 12📖 Samkalin Vishwa Rajniti📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
अध्याय 1 / 7Chapter 2

दो ध्रुवीयता का अंतअध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

शीत युद्ध के सबसे तनावपूर्ण दौर में बर्लिन-दीवार का निर्माण हुआ था, जो पूंजीवादी पश्चिमी जर्मनी और साम्यवादी पूर्वी जर्मनी के बीच विभाजन का प्रतीक थी। यह दीवार 1961 में बनी और लगभग 28 वर्षों तक खड़ी रही। 1989 में पूर्वी जर्मनी की जनता ने इस दीवार को गिरा दिया, जो शीत युद्ध के अंत और दो ध्रुवीय विश्व व्यवस्था के पतन का प्रतीक था। इस घटना के बाद पूर्वी यूरोप के कई साम्यवादी देशों में जनता के प्रदर्शनों ने उनके शासन को बदल दिया। सोवियत संघ, जो इस साम्यवादी खेमे का नेतृत्व करता था, इन घटनाओं को रोक नहीं पाया और अंततः खुद विघटित हो गया। इस अध्याय में हम सोवियत संघ के पतन के कारणों, प्रक्रिया और परिणामों का विश्लेषण करेंगे, साथ ही शीत युद्ध के बाद की वैश्विक राजनीतिक व्यवस्था और भारत के संबंधों पर भी चर्चा करेंगे।

  • बर्लिन-दीवार शीत युद्ध का सबसे बड़ा प्रतीक थी।
  • 1989 में पूर्वी जर्मनी की जनता ने दीवार गिरा दी।
  • पूर्वी यूरोप के साम्यवादी देशों में जनता के प्रदर्शनों से शासन बदला।
  • सोवियत संघ ने इन घटनाओं को रोकने में असमर्थता दिखाई।
  • सोवियत संघ का अंत और दो ध्रुवीयता का समाप्ति।
  • 📌 शीत युद्ध: अमेरिका और सोवियत संघ के बीच वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष।
  • 📌 बर्लिन-दीवार: पूंजीवादी और साम्यवादी दुनिया के बीच विभाजन की दीवार।
  • 📌 साम्यवादी खेमे: सोवियत संघ और उसके सहयोगी पूर्वी यूरोपीय देश।

सोवियत संघ के नेता

व्याख्या

सोवियत संघ के नेता

सोवियत संघ की स्थापना 1917 की रूसी क्रांति के बाद हुई, जिसके नायक ब्लादिमीर लेनिन थे। लेनिन ने मार्क्सवाद को अमलीजामा पहनाकर सोवियत समाजवादी गणराज्य की नींव रखी। इसके बाद जोसेफ स्टालिन ने सोवियत संघ को एक मजबूत औद्योगिक और सैन्य महाशक्ति बनाया। स्टालिन के शासनकाल में सामूहिक खेती और तानाशाही का दौर चला। निकिता खुश्चेव ने स्टालिन की कठोर नीतियों की आलोचना की और कुछ सुधार लागू किए। लिओनिड ब्रेझनेव के समय सोवियत संघ ने अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंध बनाए रखे और अफगानिस्तान पर आक्रमण किया। अंत में मिखाइल गोर्बाचेव ने 1985 में सुधारों की शुरुआत की, जिनमें पेरेस्लोइका (पुनर्चना) और ग्लासनोस्त (खुलापन) शामिल थे। बोरिस येल्तसिन रूस के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति बने और उन्होंने सोवियत संघ के विघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • ब्लादिमीर लेनिन ने सोवियत संघ की स्थापना की।
  • जोसेफ स्टालिन ने तानाशाही और सामूहिक खेती लागू की।
  • निकिता खुश्चेव ने कुछ सुधार और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की नीति अपनाई।
  • लिओनिड ब्रेझनेव के समय अफगानिस्तान पर आक्रमण हुआ।
  • मिखाइल गोर्बाचेव ने लोकतंत्रीकरण और सुधार शुरू किए।
  • बोरिस येल्तसिन ने सोवियत संघ के विघटन में भूमिका निभाई।
  • 📌 पेरेस्लोइका: सोवियत संघ में आर्थिक और राजनीतिक सुधारों की नीति।
  • 📌 ग्लासनोस्त: प्रशासनिक और राजनीतिक खुलापन।
  • 📌 तानाशाही: एक व्यक्ति या दल का पूर्ण नियंत्रण।

सोवियत प्रणाली क्या थी?

व्याख्या

सोवियत प्रणाली क्या थी?

सोवियत संघ की राजनीतिक व्यवस्था कम्युनिस्ट पार्टी के एकाधिकार पर आधारित थी। यह व्यवस्था निजी संपत्ति को समाप्त कर समाज को समानता के सिद्धांत पर आधारित करने का प्रयास थी। अर्थव्यवस्था पूरी तरह से राज्य के नियंत्रण में थी और उत्पादन की योजना बनाई जाती

अभ्यास प्रश्नदो ध्रुवीयता का अंत

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.अवधारणा: विपक्षी दलों का उभार निम्नलिखित नेताओं के नाम को उनके दलो के नाम के साथ मिलान करें- क मीनू मसानी 1.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ख दीनदयाल उपाध्याय 2.स्वतंत्र पार्टी ग ईएम एस नंबूदरी पाद 3. भारतीय जनसंघ घ अशोक मेहता 4. प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
A.क -1; ख -2, ग -3; घ -4
B.क -2; ख -3; ग -1; घ -4
C.क -4; ख -1, ग -3; घ -2
D.क -3; ख -4; ग -1, घ -2

उत्तर:

क -2; ख -3; ग -1; घ -4

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Q2.अवधारणा – विपक्षी दलों का उभार निम्नलिखित में से क्या स्वतन्त्र दल की मार्गदर्शक विचारधारा नहीं है?
A.कृषि में भूमिसीलिंग के खिलाफ पक्षधर
B.दल ने सहकारी खेती का विरोध किया
C.दल राज्य व्यापार के पक्ष में थी
D.दल ने प्रगतिशील कर व्यवस्था का विरोध किया

उत्तर:

दल राज्य व्यापार के पक्ष में थी

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Q3.अवधारणा –कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति १९६७ तक निम्नलिखित में से क्या कांग्रेस की प्रकृति में शामिल नहीं किया गया ?
A.किसी भी चरम विचारधारा से बचना।
B.सभी मुद्दों पर एक संतुलन बनाना।
C.कई हित समूहों और राजनीतिक दलों को एक मंच प्रदान करना ।
D.यह एक ऐसा दल था जिसने केवल दलितों का पक्ष लिया।

उत्तर:

यह एक ऐसा दल था जिसने केवल दलितों का पक्ष लिया।

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Q4.अवधारणा – कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति वह भारत में स्वतंत्र श्रमिक पार्टी के संस्थापक थे। जिन्होंने बाद में अनुसूचित जाति फेडरेशन की स्थापना की। व्यक्ति को पहचानें।
A.आचार्य नरेंद्र देव
B.ए.के. गोपालन
C.रफी अहमद किदवई
D.बाबासाहेब भीमराव रामजी अंबेडकर

उत्तर:

बाबासाहेब भीमराव रामजी अंबेडकर

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Q5.अवधारणा –प्रथम तीन आम चुनावों में कांग्रेस का वर्चस्व निम्नलिखित में से कौन समाजवादी पार्टी का नेता नहीं था?
A.जय प्रकाश नारायण
B.अशोक मेहता
C.एस. एम. जोशी
D.श्यामा प्रसाद मुखर्जी

उत्तर:

श्यामा प्रसाद मुखर्जी

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Q6.अवधारणा –प्रथम तीन आम चुनावों में कांग्रेस का वर्चस्व निम्नलिखित में से किसने प्रथम 3 आम चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में काम नहीं किया था?
A.सर्वप्रथम हमारे देश में अपनाई गयी चुनाव पद्धति।
B.गैर -कांग्रेस वोटों को विभिन्न प्रतिद्वंदी दलों और उम्मीदवारों के बीच विभाजित किया गया था।
C.कांग्रेस पार्टी का करिश्माई नेतृत्व
D.कांग्रेस पार्टी में बड़ी संख्या में महिला नेता का होना

उत्तर:

कांग्रेस पार्टी में बड़ी संख्या में महिला नेता का होना

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Q7.अवधारणा - लोकतंत्र के निर्माण की चुनौती चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का पहला मसौदा क्यों स्वीकार नहीं किया गया?
A.ये पठनीय नहीं थे।
B.इन लोगों में वरिष्ठ नागरिकों का नाम नहीं था।
C.इन में निचली जातियों का नाम नहीं था।
D.इनमें 40 लाख महिला मतदाताओं का नाम नहीं था।

उत्तर:

इनमें 40 लाख महिला मतदाताओं का नाम नहीं था।

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Q8.अवधारणा -लोकतंत्र के निर्माण की चुनौती। प्रथम आम चुनाव में मतदान का कौन सा तरीका प्रयोग में लाया गया था?
A.मतपेटियाँ
B.मतपत्र, मत - पर्ची
C.इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
D.कंप्यूटर एडेड मशीनें

उत्तर:

मतपेटियाँ

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