Ch 13निःशुल्क

Applets 181-194

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Programming in JAVA (Theory and Practical) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट
Graphical User Interface 173-180अध्याय 20 / 20

Applets 181-194अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 अप्लेट्स का परिचय

व्याख्या

13.1 अप्लेट्स का परिचय

अप्लेट्स जावा प्रोग्रामिंग भाषा का एक विशेष प्रकार का प्रोग्राम है, जिसे वेब ब्राउज़र के भीतर चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अप्लेट्स मुख्यतः ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस (GUI) आधारित होते हैं और इन्हें HTML पृष्ठों में एम्बेड किया जा सकता है। अप्लेट्स का मुख्य उद्देश्य वेब पेज पर इंटरएक्टिविटी और गतिशीलता लाना है। अप्लेट्स को रन करने के लिए जावा रनटाइम एनवायरनमेंट (JRE) की आवश्यकता होती है। अप्लेट्स और सामान्य जावा एप्लिकेशन में मुख्य अंतर यह है कि अप्लेट्स में मुख्य (main) मेथड नहीं होता, बल्कि ये Applet क्लास को एक्सटेंड करते हैं और लाइफ-साइकल मेथड्स (init, start, stop, destroy) का उपयोग करते हैं। अप्लेट्स का उपयोग शैक्षिक टूल्स, गेम्स, एनिमेशन, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन आदि में किया जाता है।

  • अप्लेट्स जावा के GUI आधारित प्रोग्राम होते हैं।
  • इन्हें वेब ब्राउज़र में चलाया जा सकता है।
  • अप्लेट्स में main() मेथड नहीं होता।
  • ये Applet क्लास को एक्सटेंड करते हैं।
  • अप्लेट्स के लाइफ-साइकल मेथड्स होते हैं: init, start, stop, destroy।
  • इनका उपयोग इंटरएक्टिव वेब पेज बनाने में होता है।
  • 📌 अप्लेट: जावा का विशेष प्रोग्राम जो वेब ब्राउज़र में चलता है।
  • 📌 GUI: ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस, जिससे यूज़र प्रोग्राम से संवाद कर सकता है।

13.2 अप्लेट्स की विशेषताएँ

अवधारणा

13.2 अप्लेट्स की विशेषताएँ

अप्लेट्स की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं जो इन्हें सामान्य जावा एप्लिकेशन से अलग बनाती हैं। अप्लेट्स प्लेटफार्म स्वतंत्र होते हैं, यानी इन्हें किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलाया जा सकता है जहाँ जावा समर्थित हो। ये सुरक्षित होते हैं क्योंकि ये ब्राउज़र के 'सैंडबॉक्स' में चलते हैं, जिससे ये सिस्टम फाइल्स या नेटवर्क रिसोर्सेज़ तक सीधा पहुँच नहीं बना सकते। अप्लेट्स का आकार छोटा होता है, जिससे इन्हें इंटरनेट पर आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। अप्लेट्स में मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स और यूज़र इंटरएक्शन की सुविधा होती है। ये HTML पृष्ठ में एम्बेड किए जा सकते हैं और यूज़र के इनपुट के अनुसार प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

  • प्लेटफार्म स्वतंत्रता (Platform Independence)
  • सुरक्षा (Security) - सैंडबॉक्स में चलते हैं
  • छोटा आकार (Small Size)
  • मल्टीमीडिया और ग्राफिक्स समर्थन
  • यूज़र इंटरएक्शन की सुविधा
  • HTML पृष्ठ में एम्बेडिंग
  • 📌 सैंडबॉक्स: एक सीमित वातावरण जिसमें अप्लेट चलता है।
  • 📌 प्लेटफार्म स्वतंत्रता: किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने की क्षमता।

13.3 अप्लेट्स का जीवन चक्र

व्याख्या

13.3 अप्लेट्स का जीवन चक्र

अप्लेट्स का जीवन चक्र (Life Cycle) चार मुख्य चरणों में विभाजित होता है: init(), start(), stop(), और destroy()। जब अप्लेट पहली बार लोड होता है, तो init() मेथड कॉल होती है, जिसमें आवश्यक इनिशियलाइज़ेशन किया जाता है। इसके बाद start() मेथड कॉल होती है, ज