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vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o | Class 12 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o | Class 12 Hindi Notes

vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o – this guide gives you a concise, exam-ready overview of vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o from Class 12 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

अतीत में दबे पाँव

इस अध्याय की शुरुआत मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा जैसे प्राचीन नियोजित शहरों के परिचय से होती है। मुअनजो-दड़ो सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा और उत्कृष्ट शहर था, जो लगभग 5000 वर्ष पूर्व अस्तित्व में था। यह शहर लगभग 200 हैक्टर क्षेत्र में फैला था और इसकी आबादी लगभग 85,000 के आसपास थी। मुअनजो-दड़ो को सिंध प्रांत में स्थित एक पुरातात्विक स्थल माना जाता है, जहाँ से सिंधु घाटी सभ्यता के अनेक अवशेष मिले हैं। यह शहर अपने समय का एक महानगर था, जिसमें नगर नियोजन, वास्तुकला, जल निकासी और सामाजिक व्यवस्था की उन्नत प्रणाली थी। इस सभ्यता के अध्ययन से भारत को मिस्र और मेसोपोटामिया जैसी प्राचीन सभ्यताओं के समकक्ष खड़ा किया गया।

मुअनजो-दड़ो की खुदाई से पता चला कि यह शहर छोटे-छोटे टीलों पर बना था, जो प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित थे। इन टीलों पर कच्ची और पक्की ईंटों से घर, सड़कें, गलियाँ, जल निकासी के जाल, स्नानागार, कुएँ आदि बने हुए थे। इस सभ्यता की खासियत इसका व्यवस्थित और सुव्यवस्थित नगर नियोजन था, जहाँ सड़कों का ग्रिड पैटर्न था। शहर के विभिन्न हिस्सों में वर्ग व्यवस्था के संकेत मिलते हैं, जैसे उच्च वर्ग की बस्ती, निम्न वर्ग की बस्ती आदि। मुअनजो-दड़ो में सामाजिक अनुशासन था, लेकिन वह सैन्य शक्ति पर आधारित नहीं था। यहाँ कोई भव्य राजमहल, मंदिर या सैन्य हथियार नहीं मिले, जो इस सभ्यता की शांतिपूर्ण और अनुशासित प्रकृति को दर्शाते हैं।

यह अध्याय हमें मुअनजो-दड़ो की सभ्यता, उसकी जीवनशैली, कला, संस्कृति और तकनीकी उन्नति की झलक देता है। साथ ही यह भी बताता है कि कैसे समय के साथ यह सभ्यता धीरे-धीरे समाप्त हो गई और आज केवल खंडहर और अवशेष ही शेष हैं, जो इतिहास के पन्नों में दबे पाँव चलते हुए हमें अतीत की गूंज सुनाते हैं।

📊 Diagram: 31 भी भी मुअनजो-दड़ो¹ और हड़प्पा² प्राचीन भारत के ही नहीं, दुनिया के दो सबसे पुराने नियोजित शहर माने जाते हैं। ये सिंधु घाटी सभ्यता के परवर्ती यानी परिपक्व दौर के शहर हैं। खुदाई में और शहर भी मिले हैं

🧪 Activity: छात्रों को मुअनजो-दड़ो के नगर नियोजन की विशेषताओं पर चर्चा करने और आधुनिक शहरों के नियोजन से तुलना करने के लिए कहा जा सकता है।

🔗 Connection: अगले खंड में मुअनजो-दड़ो के नगर नियोजन, जल निकासी और सामाजिक व्यवस्था की गहराई से चर्चा की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्राचीन भारत में नारी की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

वेदों में नारी को शिक्षा और सम्मान प्राप्त था

मध्यकालीन भारत में नारी की स्थिति में गिरावट के कारणों का विश्लेषण कीजिए।

मध्यकालीन भारत में नारी की स्थिति में गिरावट आई क्योंकि पितृसत्तात्मक व्यवस्था ने नारी को सीमित कर दिया। धार्मिक और सामाजिक नियम कठोर हुए। मुस्लिम शासनकाल में हिजाब और पर्दा प्रथा प्रचलित हुई। महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध लगा। उदाहरण के लिए, कई बार नारी को राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा गया।

नारी सशक्तिकरण के लिए संविधान में दिए गए अधिकारों में से कौन सा मुख्य है?

समानता का अधिकार

मध्यकालीन काल में नारी की स्थिति और प्राचीन काल में नारी की स्थिति में क्या मुख्य अंतर थे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

प्राचीन काल में नारी को वेदों में सम्मान और शिक्षा प्राप्त थी, जबकि मध्यकालीन काल में पितृसत्तात्मक और धार्मिक प्रतिबंधों के कारण नारी की स्थिति में गिरावट आई। उदाहरण के लिए, प्राचीन काल में नारी वेदों की रचना में योगदान देती थीं, पर मध्यकालीन काल में हिजाब और पर्दा प्रथा प्रचलित हुई।

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