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Chapter 3

🎓 Class 12📖 Vitan📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 3

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

ओम थानवी - अतीत में दबे पाँव

व्याख्या

ओम थानवी - अतीत में दबे पाँव

इस अध्याय में लेखक ओम थानवी ने सिंधु घाटी सभ्यता के दो प्रमुख नियोजित शहरों, मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा, का विस्तृत वर्णन किया है। मुअनजो-दड़ो को ताम्र काल के सबसे बड़े और उत्कृष्ट शहर के रूप में माना जाता है। यह शहर लगभग 200 हैक्टर क्षेत्र में फैला था और इसकी आबादी लगभग 85,000 थी, जो पाँच हजार वर्ष पूर्व के लिए एक महानगर की परिभाषा से भी बड़ी थी। मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा दोनों ही नियोजित शहर थे, जिनका नगर नियोजन और वितान (शहर की विस्तृत योजना) अत्यंत उन्नत था। मुअनजो-दड़ो की खुदाई में बड़ी संख्या में इमारतें, सड़कें, धातु और पत्थर की मूर्तियाँ, चित्रित भांडे, मुहरें, खिलौने आदि मिले हैं, जिनसे इस सभ्यता का अध्ययन संभव हुआ। हालांकि हड़प्पा के ज्यादातर साक्ष्य रेललाइन बिछाने के दौरान नष्ट हो गए। मुअनजो-दड़ो सिंधु घाटी सभ्यता का केंद्र या राजधानी माना जाता है। यह शहर छोटे-छोटे टीलों पर बसा था, जो प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित थे। इन टीलों पर कच्ची और पक्की ईंटों से घर बनाए गए थे, ताकि सिंधु नदी के पानी से शहर को बचाया जा सके। इस प्रकार का नगर नियोजन और वितान उस समय के लिए अत्यंत उन्नत था।

  • मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख नियोजित शहर हैं।
  • मुअनजो-दड़ो ताम्र काल का सबसे बड़ा और उत्कृष्ट शहर था।
  • शहर लगभग 200 हैक्टर क्षेत्र में फैला था और आबादी लगभग 85,000 थी।
  • नगर नियोजन में सड़कों और गलियों का ग्रिड प्लान था।
  • शहर छोटे-छोटे मानव निर्मित टीलों पर बसा था।
  • खुदाई में अनेक धातु-पत्थर की मूर्तियाँ, चित्रित भांडे, मुहरें, खिलौने आदि मिले।
  • 📌 मुअनजो-दड़ो: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख पुरातात्विक स्थल।
  • 📌 हड़प्पा: सिंधु घाटी सभ्यता का दूसरा प्रमुख पुरातात्विक स्थल, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित।
  • 📌 नगर नियोजन: शहर की सड़कों, गलियों और इमारतों की व्यवस्थित योजना।

मुअनजो-दड़ो का वितान और नगर नियोजन

व्याख्या

मुअनजो-दड़ो का वितान और नगर नियोजन

मुअनजो-दड़ो की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका नगर नियोजन और वितान था। शहर की सड़कों और गलियों का स्वरूप आज भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यहाँ की सड़कों का निर्माण ग्रिड प्लान के अनुसार किया गया था, जहाँ सड़कें या तो सीधी थीं या आड़ी। मुख्य सड़कें चौड़ी थीं, जैसे एक मुख्य सड़क की चौड़ाई लगभग 33 फीट थी, जो दो बैलगाड़ियों के साथ-साथ चलने के लिए पर्याप्त थी। शहर की सड़कों के दोनों ओर नालियाँ थीं, जो पक्की ईंटों से बनी और ढकी हुई थीं, जिससे पानी निकासी का उन्नत प्रबंध होता था। घरों के भीतर से पानी या मैल की नालियाँ बाहर निकलती थीं और फिर मुख्य नालियों से जुड़ जाती थीं। इस प्रकार की जल निकासी व्यवस्था सिंधु घाटी सभ्यता की अनूठी विशेषता थी। शहर के घरों की दीवारें मोटी और ऊँची थीं, जिनमें से कुछ पर दूसरी मंजिल के संकेत मिलते हैं। घरों का निर्माण पक्की ईंटों से हुआ था, जिनका अनुपात 1:2:4 था। घरों के सामने मुख्य सड़क पर दरवाजे नहीं थे, बल्कि दरवाजे अंदर की गलियों में खुलते थे, जिससे सुरक्षा और निजता बनी रहती थी। मुअनजो-दड़ो में कुएँ भी बहुत थे, जो भूजल तक पहुँचने के लिए खोदे गए थे। कुल मिलाकर मुअनजो-दड़ो का नगर नियोजन और वितान उस समय के लिए अत्यंत उन्नत और व्यवस्थित था।

  • मुअनजो-दड़ो की सड़कों का ग्रिड प्लान था, जिसमें सड़कें सीधी और आड़ी थीं।
  • मुख्य सड़कें चौड़ी थीं, जो दो बैलगाड़ियों के लिए पर्याप्त थीं।
  • सड़कों के दोनों ओर पक्की और ढकी हुई नालियाँ थीं, जो जल निकासी का प्रबंध करती थीं।
  • घर पक्की ईंटों से बने थे, जिनका अनुपात 1:2:4 था।
  • घर के दरवाजे मुख्य सड़क पर नहीं, बल्कि अंदर की गलियों में थे।
  • शहर में भूजल तक पहुँचने के लिए लगभग 700 कुएँ थे।
  • 📌 ग्रिड प्लान: ऐसी नगर योजना जिसमें सड़कें एक-दूसरे के लंबवत और समांतर होती हैं।
  • 📌 जल निकासी व्यवस्था: पानी और मैल को बाहर निकालने की सुव्यवस्थित प्रणाली।
  • 📌 कुआँ: भूजल तक पहुँचने के लिए खोदा गया गड्ढा।

मुअनजो-दड़ो के प्रमुख स्थापत्य अवशेष

व्याख्या

मुअनजो-दड़ो के प्रमुख स्थापत्य अवशेष

मुअनजो-दड़ो के सबसे ऊँचे चबूतरे पर एक बड़ा बौद्ध स्तूप स्थित है, जो सभ्यता के बिखरने के बाद बना था। यह स्तूप लगभग पच्चीस फुट ऊँचे चबूतरे पर बना है, जहाँ भिक्षुओं के कमरे भी हैं। 1922 में राखालदास बनर्जी ने यहाँ खुदाई शुरू की, जिससे पता चला कि यहाँ ईस

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.नागर भारत का सबसे पुराना “लैंडस्केप” किसे कहा गया है ?
A.(क) बौद्ध स्तूप
B.(ख) महाकुंड
C.(ग) गढ़
D.(घ) डिविनिटी स्ट्रीट

उत्तर:

(क) बौद्ध स्तूप

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Q2.खुदाई में मिली पंजीकृत कुल चीज़ों की संख्या कितनी है ?
A.(क) 10 हजार से अधिक
B.(ख) 20 हजार से अधिक
C.(ग) 30 हजार से अधिक
D.(घ) 50 हजार से अधिक

उत्तर:

(घ) 50 हजार से अधिक

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Q3.खुदाई में प्राप्त प्रसिद्ध नर्तकी की मूर्ति कहाँ रखी हुई है ?
A.(क) नई दिल्ली
B.(ख) कोलकाता
C.(ग) चेन्नई
D.(घ) मुंबई

उत्तर:

(क) नई दिल्ली

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Q4.मुअनजो-दड़ो की ख़ुदाई के दौरान कितने कुएं मिले हैं ?
A.(क) लगभग 500
B.(ख) लगभग 600
C.(ग) लगभग 700
D.(घ) लगभग 800

उत्तर:

(ग) लगभग 700

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Q5.मुअनजो-दड़ो किस नदी के तट पर स्थित था ?
A.(क) गंगा
B.(ख) यमुना
C.(ग) सरस्वती
D.(घ) सिन्धु

उत्तर:

(घ) सिन्धु

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Q6.पांच हजार साल पहले बना यह मुअनजो-दड़ो शहर कितने क्षेत्र में फैला था ?
A.(क) 400 हैक्टेयर
B.(ख) 300 हैक्टेयर
C.(ग) 200 हैक्टेयर
D.(घ) 100 हैक्टेयर

उत्तर:

(ग) 200 हैक्टेयर

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Q7.सौ वर्षों में अब तक कितने भाग की खुदाई की गई है ?
A.(क) एक तिहाई
B.(ख) दो तिहाई
C.(ग) तीन चौथाई
D.(घ) पूर्ण

उत्तर:

(क) एक तिहाई

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Q8.मुअनजो-दड़ो की खोज राखालदास बनर्जी ने कब की ?
A.(क) 1919
B.(ख) 1920
C.(ग) 1922
D.(घ) 1924

उत्तर:

(ग) 1922

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