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vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o | Class 12 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o | Class 12 Hindi Notes

vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o – this guide gives you a concise, exam-ready overview of vkse Fkkuoh vrhr esa ncs ik¡o from Class 12 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

मुअनजो-दड़ो का नगर नियोजन और वास्तुकला

मुअनजो-दड़ो की नगर योजना अत्यंत सुव्यवस्थित और तकनीकी दृष्टि से उन्नत थी। यहाँ की सड़कों का ग्रिड पैटर्न था, जहाँ सड़कें सीधी और आड़ी थीं, जो आज के आधुनिक शहर नियोजन की मिसाल हैं। शहर की मुख्य सड़क लगभग 33 फीट चौड़ी थी, जो दो बैलगाड़ियों के एक साथ चलने की सुविधा देती थी। घरों की बनावट में पक्की और कच्ची ईंटों का प्रयोग हुआ था, जिनका अनुपात 1:2:4 था। अधिकांश घरों में स्नानागार, कुएँ और जल निकासी की व्यवस्था थी, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति इस सभ्यता की जागरूकता को दर्शाता है।

नगर के एक हिस्से को 'गढ़' कहा जाता था, जहाँ प्रशासनिक भवन, सभा भवन, ज्ञानशाला और कोठार स्थित थे। महाकुंड नामक विशाल जल कुंड भी यहाँ था, जिसका उपयोग सामूहिक स्नान के लिए होता था। जल निकासी की व्यवस्था इतनी उन्नत थी कि पानी रिसने या गंदगी जमा होने की संभावना न्यूनतम थी। नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं और ढकी हुई थीं, जो आज भी आधुनिक जल निकासी प्रणालियों के लिए आदर्श मानी जाती हैं।

मुअनजो-दड़ो के घरों में खिड़कियाँ मुख्य सड़कों की ओर नहीं थीं, बल्कि आंगनों की ओर खुलती थीं, जिससे सुरक्षा और निजता बनी रहती थी। बड़े घरों में दो मंजिलें भी थीं, जिनके लिए लकड़ी की सीढ़ियाँ प्रयोग होती थीं। घरों का आकार लगभग 30×30 फीट था, लेकिन कुछ बड़े घर इससे भी बड़े थे। नगर में वर्ग व्यवस्था के संकेत मिलते हैं, जहाँ उच्च वर्ग की बस्ती और निम्न वर्ग की बस्ती अलग-अलग टीलों पर स्थित थीं।

इस सभ्यता की वास्तुकला में भव्यता की जगह सौंदर्य और उपयोगिता को महत्व दिया गया था। यहाँ के घर, सड़कें, स्नानागार और जल निकासी प्रणाली इस बात के प्रमाण हैं कि मुअनजो-दड़ो के लोग तकनीकी और सामाजिक दोनों दृष्टियों से उन्नत थे।

📊 Diagram: मुअनजो-दड़ो की एक मुख्य सड़क जो 33 फीट चौड़ी है; शोभा बढ़ा रहा हो, शहर जहाँ था अब भी वहीं है। आप इसकी किसी भी दीवार पर पीठ टिका कर सुस्ता सकते हैं। वह एक खंडहर क्यों न हो, किसी घर की देहरी पर पाँव रखकर आप सहसा सहम सकते हैं, रसोई की खिड़की पर खड़े हो

🧪 Activity: छात्रों को मुअनजो-दड़ो के जल निकासी और स्नानागार की व्यवस्था की योजना बनाकर प्रस्तुत करने के लिए कहा जा सकता है।

🔗 Connection: अगले खंड में मुअनजो-दड़ो की सामाजिक व्यवस्था, वर्ग विभाजन और जीवनशैली पर चर्चा होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्राचीन भारत में नारी की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

वेदों में नारी को शिक्षा और सम्मान प्राप्त था

मध्यकालीन भारत में नारी की स्थिति में गिरावट के कारणों का विश्लेषण कीजिए।

मध्यकालीन भारत में नारी की स्थिति में गिरावट आई क्योंकि पितृसत्तात्मक व्यवस्था ने नारी को सीमित कर दिया। धार्मिक और सामाजिक नियम कठोर हुए। मुस्लिम शासनकाल में हिजाब और पर्दा प्रथा प्रचलित हुई। महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध लगा। उदाहरण के लिए, कई बार नारी को राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा गया।

नारी सशक्तिकरण के लिए संविधान में दिए गए अधिकारों में से कौन सा मुख्य है?

समानता का अधिकार

मध्यकालीन काल में नारी की स्थिति और प्राचीन काल में नारी की स्थिति में क्या मुख्य अंतर थे? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

प्राचीन काल में नारी को वेदों में सम्मान और शिक्षा प्राप्त थी, जबकि मध्यकालीन काल में पितृसत्तात्मक और धार्मिक प्रतिबंधों के कारण नारी की स्थिति में गिरावट आई। उदाहरण के लिए, प्राचीन काल में नारी वेदों की रचना में योगदान देती थीं, पर मध्यकालीन काल में हिजाब और पर्दा प्रथा प्रचलित हुई।

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