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Fashion Design and Business | Class 12 Home Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

Fashion Design and Business | Class 12 Home Science Notes

Fashion Design and Business – this guide gives you a concise, exam-ready overview of Fashion Design and Business from Class 12 Home Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

फ़ैशन का विकास (फ़ैशन चक्र)

फ़ैशन चक्र वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा फ़ैशन एक निश्चित जीवनकाल में प्रवेश से अप्रचलन तक पाँच चरणों से गुजरता है। यह चक्र फ़ैशन के उत्थान और पतन को दर्शाता है। पाँच चरण हैं—

1. शैली की प्रस्तुति: डिज़ाइनर नए विचारों को परिधान में प्रस्तुत करते हैं। इसमें रंग, आकृति, वस्त्र और अन्य विवरण शामिल होते हैं। 2. लोकप्रियता में वृद्धि: नया फ़ैशन अधिक लोगों द्वारा अपनाया जाता है और इसकी लोकप्रियता बढ़ती है। 3. लोकप्रियता की पराकाष्ठा: फ़ैशन सबसे अधिक लोकप्रिय होता है, और निर्माता इसकी नकल करते हैं या विभिन्न मूल्य स्तरों पर उत्पाद बनाते हैं। 4. लोकप्रियता में कमी: फ़ैशन से लोगों की रुचि कम होने लगती है, और इसे कम कीमत पर बेचा जाता है। 5. शैली का परित्याग: उपभोक्ता नए फ़ैशन की ओर बढ़ते हैं और पुराना फ़ैशन अप्रचलित हो जाता है।

यह चक्र निरंतर चलता रहता है, जिससे फ़ैशन उद्योग में नवीनता बनी रहती है।

📊 Diagram: चित्र 9.1 — फ़ैशन चक्र

🔗 Connection: यह अनुभाग फ़ैशन व्यापार की भूमिका और कार्यों की व्याख्या के लिए आधार बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. फ़ैशन के प्रमुख विकास की रूपरेखा दीजिए।

फ़ैशन के प्रमुख विकास की रूपरेखा में विभिन्न कालखंडों और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के अनुसार फैशन की प्रवृत्तियों का विकास शामिल होता है। इसमें प्रारंभिक काल से लेकर आधुनिक युग तक फैशन के बदलाव, तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक प्रभाव और वैश्विकरण के प्रभाव को समझाया जाता है। उदाहरण के लिए, प्राचीन काल में वस्त्रों का उपयोग केवल सुरक्षा और गरिमा के लिए था, जबकि आधुनिक युग में फैशन व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और सामाजिक स्थिति का प्रतीक बन गया है।

2. फ़ैशन चक्र के विभिन्न स्तरों की पहचान कीजिए और उनको समझाइए।

फ़ैशन चक्र के विभिन्न स्तरों में नवप्रवर्तन (Innovation), वृद्धि (Rise), परिपक्वता (Maturity), और पतन (Decline) शामिल हैं। नवप्रवर्तन स्तर में नए डिज़ाइन और शैली बाजार में आते हैं। वृद्धि स्तर में फैशन लोकप्रिय होता है और अधिक लोग इसे अपनाते हैं। परिपक्वता स्तर में फैशन की लोकप्रियता स्थिर होती है। पतन स्तर में फैशन की मांग घटने लगती है और अंततः वह पुराना हो जाता है।

3. फ़ैशन व्यापार से आप क्या समझते हैं?

फ़ैशन व्यापार वह क्षेत्र है जिसमें फैशन से संबंधित वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, विपणन, वितरण और बिक्री शामिल होती है। यह उद्योग फैशन डिजाइन, वस्त्र निर्माण, खुदरा बिक्री, विज्ञापन और विपणन जैसे विभिन्न कार्यों को समाहित करता है।

4. व्यापार के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए।

व्यापार के विभिन्न स्तरों में उत्पादन, वितरण, खुदरा बिक्री और उपभोक्ता शामिल होते हैं। उत्पादन स्तर पर वस्त्र और फैशन उत्पाद बनाए जाते हैं। वितरण स्तर पर ये उत्पाद थोक विक्रेताओं और एजेंसियों के माध्यम से खुदरा विक्रेताओं तक पहुँचते हैं। खुदरा स्तर पर उपभोक्ताओं को वस्त्र उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रत्येक स्तर पर विभिन्न कार्य और जिम्मेदारियाँ होती हैं जो फैशन व्यापार को सुचारू रूप से संचालित करती हैं।

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