भाषा और एकता | Class 9 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

भाषा और एकता – this guide gives you a concise, exam-ready overview of भाषा और एकता from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
रैदास
इस खंड में संत रैदास के जीवन, उनकी भाषा और काव्यशैली का विस्तृत परिचय दिया गया है। रैदास ने अपनी रचनाओं में सरल ब्रजभाषा का प्रयोग किया, जिसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और उर्दू-फारसी के शब्दों का मिश्रण था। उनकी भक्ति रचनाएँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी सम्मिलित हैं। रैदास ने बाह्य आडंबरों को खारिज करते हुए आंतरिक भक्ति को सच्चा धर्म माना। उनके पदों में भक्त और आराध्य के बीच गहरा और अटूट संबंध दिखाया गया है। इस खंड में रैदास के दो पद प्रस्तुत हैं जो भक्त और प्रभु के संबंध को विभिन्न उपमाओं के माध्यम से व्यक्त करते हैं। पहले पद में चंदन-पानी, दीपक-बाती, मोती-धागा, बादल-मोर जैसी उपमाएँ हैं जो भक्त और आराध्य के अटूट संबंध को दर्शाती हैं। दूसरे पद में तीर्थ और ब्रत छोड़कर प्रभु के चरणों की भक्ति को सर्वोपरि माना गया है।
📊 Diagram: 0901CH08; रैदास ने अपनी काव्य-रचनाओं में सरल, व्यावहारिक ब्रजभाषा का प्रयोग किया है, जिसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और उर्दू-फारसी के शब्दों का भी मिश्रण है। उनकी सरल ब्रज भाषा में लिखी भक्ति रचनाएँ आदि श्री; यहाँ रैदास के दो पद लिए गए हैं। पहले पद में बताया गया है कि जैसे चंदन-पानी, दीपक-बाती, मोती-धागा और बादले-मोर का संबंध अटूट होता है, वैसे ही भक्त से उसके आराध्य अलग नहीं हो सकते। इस पद में अनन्य भक्ति
🧪 Activity: रैदास के पदों को पढ़कर उनके भावार्थ और भाषा की विशेषताओं पर चर्चा करना।
🔗 Connection: अगले खंड में रैदास के पदों का पूर्ण पाठ और उनका विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी भाषा को भारत की राजभाषा क्यों माना जाता है?
क्योंकि यह भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का हिस्सा है
हिंदी साहित्य के विकास में भक्ति आंदोलन का क्या स्थान है?
भक्ति आंदोलन हिंदी साहित्य के प्रारंभिक काल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें संत कवियों ने सरल और प्रभावशाली भाषा में अपने विचार प्रस्तुत किए। उदाहरण के लिए, सूरदास और मीराबाई की भक्ति काव्य रचनाएँ।
निम्नलिखित में से कौन सा हिंदी साहित्य के आधुनिक काल का कवि नहीं है?
तुलसीदास
हिंदी साहित्य के रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
रीतिकाल मध्यकालीन हिंदी साहित्य का हिस्सा है जिसमें शृंगार, वीर रस और भक्ति रस प्रमुख थे। इस काल में पद्य साहित्य का विकास हुआ। उदाहरण के लिए, बिहारी की रचनाएँ।
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