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एक फूल की चाह | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

एक फूल की चाह | Class 9 Hindi Notes

एक फूल की चाह – this guide gives you a concise, exam-ready overview of एक फूल की चाह from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

अरुण कमल

अरुण कमल का जन्म 15 फरवरी 1954 को बिहार के रोहतास जिले के नासरीगंज में हुआ था। वे वर्तमान में पटना विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं। अरुण कमल हिंदी के समकालीन कवि हैं जिन्हें उनकी कविताओं के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कविता लेखन के साथ-साथ कई पुस्तकों और रचनाओं का अनुवाद भी किया है। उनकी प्रमुख कृतियों में 'अपनी केवल धार', 'सबूत', 'नए इलाके में', 'पुतली में संसार' (कविता संग्रह) तथा आलोचनात्मक कृति 'कविता और समय' शामिल हैं। अरुण कमल ने रूसी कवि मायकोव्यस्की की आत्मकथा और 'जंगल बुक' का हिंदी में अनुवाद किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने हिंदी के युवा कवियों की कविताओं का अंग्रेजी में अनुवाद 'वॉयसेज' नाम से प्रकाशित किया।

अरुण कमल की कविताओं की भाषा बोलचाल की सरल खड़ी बोली है, जिसमें नए बिंब और लय-छंदों का समावेश है। उनकी कविताएँ व्यक्तिगत अनुभवों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक विषयों को भी छूती हैं। वे शोषणमूलक व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए एक नई मानवीय व्यवस्था की आकांक्षा करते हैं। उनकी कविताओं में जीवन के विविध पहलुओं का चित्रण मिलता है, जो उन्हें समकालीन हिंदी कविता के महत्वपूर्ण कवियों में स्थान दिलाता है।

📊 Diagram: 0957CH13; अरुण कमल का जन्म बिहार के रोहतास जिले के नासरीगंज में 15 फरवरी 1954 को हुआ। ये इन दिनों पटना विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं। इन्हें अपनी कविताओं के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य पुरस्कारो

🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।

🔗 Connection: यह परिचय अरुण कमल की कविताओं को समझने के लिए आधार तैयार करता है, जिससे अगली दो कविताओं 'नए इलाके में' और 'खुशबू रचते हैं हाथ' का विश्लेषण किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए— (क) नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है? (ख) कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है? (ग) कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है? (घ) ‘वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है? (ङ) कवि ने इस कविता में ‘समय की कमी’ की ओर क्यों इशारा किया है? (च) इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?

उत्तर: (क) नए बसते इलाके में कवि रास्ता इसलिए भूल जाता है क्योंकि वहाँ के पुराने निशान मिट चुके हैं और नए घरों, सड़कों के कारण पहले की पहचान नहीं रह जाती।

(ख) कविता में पुराने निशानों के रूप में नालों, कूड़ा-करकट, जख्म, टोले आदि का उल्लेख है जो पुराने इलाके की पहचान बताते हैं।

(ग) कवि एक घर पीछे या दो घर आगे इसलिए चल देता है क्योंकि नए इलाके में रास्ता स्पष्ट नहीं होता, और वह भ्रमित हो जाता है।

(घ) ‘वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ का अभिप्राय यह है कि समय तेजी से बीत रहा है

व्याख्या कीजिए— (क) यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया (ख) समय बहुत कम है तुम्हारे पास आ चला पानी ढहा आ रहा अकास शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर

उत्तर: (क) इस पंक्ति का अर्थ है कि यहाँ की स्मृतियाँ टिकाऊ नहीं हैं, सब कुछ बहुत जल्दी बदल जाता है, यहाँ की दुनिया एक ही दिन में पुरानी हो जाती है। यह बदलाव की तीव्रता और अस्थिरता को दर्शाता है।

(ख) इस पंक्ति में बताया गया है कि समय बहुत कम है, जैसे अचानक पानी और आकाश गिर पड़े हों। यह जीवन की तेजी और समय की कमी को दर्शाता है। ऊपर से कोई पहचानने वाला पुकार सकता है, पर समय कम होने के कारण सब कुछ जल्दी बदल जाता है।

पाठ में हिंदी महीनों के कुछ नाम आए हैं। आप सभी हिंदी महीनों के नाम क्रम से लिखिए।

उत्तर: हिंदी महीनों के नाम क्रम से हैं: 1. चैत्र 2. वैशाख 3. ज्येष्ठ 4. आषाढ़ 5. श्रावण 6. भाद्रपद 7. आश्विन 8. कार्तिक 9. मार्गशीर्ष 10. पौष 11. माघ 12. फाल्गुन

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए— (क) ‘खुशबू रचनेवाले हाथ’ कैसी परिस्थितियों में तथा कहाँ-कहाँ रहते हैं? (ख) कविता में कितने तरह के हाथों की चर्चा हुई है? (ग) कवि ने यह क्यों कहा है कि ‘खुशबू रचते हैं हाथ’? (घ) जहाँ अगरबत्तियाँ बनती हैं, वहाँ का माहौल कैसा होता है? (ङ) इस कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: (क) ‘खुशबू रचनेवाले हाथ’ वे हैं जो अगरबत्ती, माचिस, मोमबत्ती आदि बनाते हैं। ये हाथ छोटे-छोटे उद्योगों में काम करते हैं और विभिन्न स्थानों पर रहते हैं जहाँ ये उद्योग होते हैं।

(ख) कविता में मुख्यतः दो तरह के हाथों की चर्चा हुई है—वे जो खुशबू बनाते हैं और वे जो गंदगी के बीच काम करते हैं।

(ग) कवि ने कहा है कि ‘खुशबू रचते हैं हाथ’ क्योंकि ये हाथ मेहनत से सुगंधित वस्तुएँ बनाते हैं जो वातावरण को महकाती हैं।

(घ) जहाँ अगरबत्तियाँ बनती हैं वहाँ का माहौल खुशबूदार, मेहनती और जीवंत होता है।

(ङ) इ

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