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कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ | Class 9 Hindi Notes

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हिंदी साहित्य के एक प्रमुख निबंधकार थे जिनका जन्म 1906 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ था। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र पत्रकारिता था, जहाँ उन्होंने 'नया जीवन' और 'विकास' जैसे पत्रों का संपादन किया। प्रभाकर ने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की, जिसके कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। उनकी रचनाएँ राजनीतिक और सामाजिक जीवन से गहरे जुड़े हुए हैं। उनकी साहित्यिक प्रतिभा के लिए उन्हें 'पद्म श्री' सम्मान से नवाजा गया।

उनके संस्मरणात्मक निबंध-संग्रह जैसे 'दीप जले शंख बजे', 'जिंदगी मुसकरायी', 'बाजे पायलिया के घुंघरू', 'जिंदगी लहलहाई', 'क्षण बोले कण मुसकाए', 'कारवाँ आगे बढ़े', 'माटी हो गई सोना', 'महके आँगन चहके द्वार' और 'आकाश के तारे धरती के फूल' मानवतावादी दृष्टिकोण और जीवन-दर्शन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। प्रभाकर का निधन 1995 में हुआ।

📊 Diagram: 0901CH07; Figure on page 1; ‘मैं और मेरा देश’ एक ऐसी रचना है जो व्यक्ति और राष्ट्र के अविभाज्य संबंध को गहराई से स्थापित करती है। इस निबंध के अनुसार व्यक्ति की पूर्णता उसकी निजता में ही नहीं होती, बल्कि उसके परिवार, क्षेत्र विशे

🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।

🔗 Connection: यह परिचय अगले खंड 'मैं और मेरा देश' निबंध के विश्लेषण से जुड़ता है, जहाँ प्रभाकर के विचारों को विस्तार से समझाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन््हहैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ को हिंदी साहित्य में किस युग के प्रतिनिधि कवि माना जाता है?

छायावाद के बाद का युग

प्रभाकर की कविताओं में किन प्रमुख विषयों का चित्रण मिलता है?

मानवीय संवेदनाएँ, प्रकृति का सौंदर्य, सामाजिक विषय

प्रभाकर की कविता 'वृक्ष' में वृक्ष का क्या महत्व बताया गया है?

वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखते हैं

प्रभाकर की कविता 'देशभक्ति' में देशभक्ति का अर्थ क्या है?

देश के लिए हर परिस्थिति में खड़ा रहना और योगदान देना

इस अध्याय में महारत हासिल करें

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