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धूल | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

धूल | Class 9 Hindi Notes

धूल – this guide gives you a concise, exam-ready overview of धूल from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

गद्य का पठन-पाठन

इस अनुभाग में गद्य के पठन-पाठन की महत्ता और विधि पर विस्तार से चर्चा की गई है। गद्य को कवि की कसौटी माना गया है क्योंकि अच्छा गद्य लेखक के अनुभवों और विचारों की सरल, सरस एवं प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति होता है। लेखक अपने विचारों को व्यवस्थित और तर्कपूर्ण क्रम में प्रस्तुत करता है। भाषा को संप्रेषणीय बनाने के लिए मुहावरों, लोकोक्तियों, व्यंग्यपूर्ण और लाक्षणिक भाषा का प्रयोग किया जाता है। पाठ्यपुस्तक में विविध विधाओं के पाठ शामिल हैं, जैसे वैचारिक, वैज्ञानिक, ललित निबंध, यात्रा-विवरण, संस्मरण, जीवनी, व्यंग्य, कहानी आदि, ताकि विद्यार्थी विभिन्न भाषा-प्रयोगों से परिचित हो सकें।

मुखर पठन में शब्दों का शुद्ध उच्चारण, वाक्यों का उचित आरोह-अवरोह, तान-अनुतान और बलाघात आवश्यक है। कठिन शब्दों को पहले से चिन्हित कर उनका अभ्यास कराना चाहिए। मौन पठन भी आज के युग की शैक्षणिक आवश्यकता है, जिसमें शिक्षक को विशेष सजगता बरतनी चाहिए। मौन पठन से पूर्व कठिन शब्दों के अर्थ समझाना और अर्थग्रहण का परीक्षण करना आवश्यक है।

विचार-बोध के लिए पाठ में अनुच्छेदों का महत्व है, इन्हें उसी क्रम में पढ़ाना चाहिए। पाठ के प्रभाव की समझ के लिए विचार-बोध के प्रश्न सहायक होते हैं। भाषा-प्रयोगों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि मुहावरों, कहावतों और अलंकारों से भाषा अधिक सहज, प्रभावपूर्ण और संप्रेषणीय बनती है।

मौखिक अभिव्यक्ति के अवसरों को बढ़ावा देना चाहिए, जैसे भाषण, वाद-विवाद, आशु-रचना आदि। योग्यता-विस्तार में पाठों को आधार बनाकर विद्यार्थियों की सृजनात्मक शक्ति, ज्ञान और चिंतन को विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। कुल मिलाकर गद्य के पठन-पाठन में ऐसे प्रयत्न करने चाहिए जिससे विद्यार्थियों की लिखित एवं मौखिक अभिव्यक्ति का विकास हो और हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि जाग्रत हो।

📊 Diagram: Figure on page 1; Reprint 2025-26

🧪 Activity: पाठ में कठिन शब्दों के उच्चारण का अभ्यास कराना; मौन पठन कराना और अर्थग्रहण का परीक्षण करना।

🔗 Connection: यह अनुभाग गद्य के महत्व और विधियों को समझाने के बाद लेखक यशपाल के परिचय की ओर ले जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार, एक उपयोगी पुस्तक का उद्देश्य क्या होना चाहिए?

मनुष्य के अज्ञान, कुसंस्कार और अविवेक को दूर करना

गद्य को 'कवि की कसौटी' क्यों कहा गया है?

क्योंकि यह लेखक के अनुभवों और विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम है

मौन पठन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अर्थग्रहण और समझ विकसित करना

गद्य में भावों की अपेक्षा किसकी प्रधानता होती है?

विचारों की

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