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नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया | Class 9 Hindi Notes

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया – this guide gives you a concise, exam-ready overview of नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

देवी मैना की कहानी

इस खंड में देवी मैना की व्यक्तिगत कहानी और उनके साथ हुई दुखद घटना का विस्तृत वर्णन है। देवी मैना नाना साहब की पुत्री थीं, जिनका जीवन स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अत्यंत कठिनाइयों और संकटों से भरा था। ब्रिटिश सेना ने नाना साहब के परिवार पर अत्याचार किए, जिसमें देवी मैना को भस्म कर दिया गया। यह घटना स्वतंत्रता संग्राम की पीड़ा और क्रूरता को दर्शाती है। देवी मैना का बलिदान मातृभूमि के प्रति उनकी निष्ठा और साहस का प्रतीक है। इस खंड में उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और बलिदान को विस्तार से बताया गया है, जिससे विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना जागृत होती है।

🧪 Activity: विद्यार्थियों से देवी मैना की कहानी पढ़कर उनके विचार और भावनाएँ साझा करने को कहा जाए।

🔗 Connection: यह खंड ब्रिटिशों के अत्याचार और उनकी प्रतिक्रिया वाले खंड से जुड़ता है, जहाँ इन घटनाओं का विस्तृत वर्णन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं?

हरिशंकर परसाई के शब्दचित्र से प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कई विशेषताएँ उभरकर आती हैं, जैसे कि उनकी सादगी, विनम्रता, सामाजिक चेतना, व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण, और उनकी गहरी मानवीय समझ। वे अपने पहनावे में सरल थे, परन्तु उनके विचार और लेखन समाज की गहरी समस्याओं को उजागर करते थे। उनकी व्यंग्यात्मक मुस्कान उनके साहस और हिम्मत को दर्शाती है।

सही कथन के सामने (✓) का निशान लगाइए— (क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है। (ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए। (ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है। (घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ अँगूठे से इशारा करते हो?

(क) ✓ (ख) ✗ (ग) ✓ (घ) ✗

नीचे दी गई पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए— (क) जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं। (ख) तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं। (ग) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?

(क) यहाँ जूते की कीमत बढ़ने का अर्थ है कि जूते इतने फटे हुए हैं कि उन्हें छुपाने के लिए कई टोपी (ढकने वाली चीजें) लगानी पड़ती हैं। यह व्यंग्य है कि जूते की कीमत टोपी से अधिक हो गई है। (ख) 'परदा' का अर्थ यहाँ सामाजिक छुपाव या दिखावा है। व्यंग्य यह है कि वे लोग जो दिखावे के लिए परदा रखते हैं, वे खुद उस परदे पर कुर्बान हो रहे हैं यानी अपनी असलियत छुपा रहे हैं। (ग) यहाँ व्यंग्य यह है कि घृणित समझे जाने वाले व्यक्ति की तरफ इशारा करने के लिए हाथ की बजाय पाँव की अँगुली का प्रयोग किया जाता है, जो असभ्यत

पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि ‘फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?

लेखक के विचार बदलने की वजह यह हो सकती है कि उन्होंने प्रारंभ में प्रेमचंद की पोशाक को देखकर उसे असामान्य और अलग समझा, परन्तु बाद में यह महसूस किया कि प्रेमचंद के पास अलग-अलग पोशाकें नहीं हो सकतीं क्योंकि वे साधारण जीवन जीते थे और उनके पास सीमित संसाधन थे। इसलिए उनकी पोशाकें भी सीमित और एक जैसी होंगी। यह बदलाव लेखक की समझ और प्रेमचंद के जीवन के प्रति सहानुभूति को दर्शाता है।

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