ल्हासा की ओर | Class 9 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

ल्हासा की ओर – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ल्हासा की ओर from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
ल्हासा की ओर
यह खंड तिब्बत की राजधानी ल्हासा की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते का वर्णन करता है। नेपाल से तिब्बत जाने का यह मार्ग व्यापारिक और सैनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। रास्ते में कई फौजी चौकियाँ और किले बने हुए थे, जिनमें कभी चीनी सेना की पलटन रहती थी। लेखक ने बताया कि कई फौजी मकान अब टूट चुके हैं और कुछ जगहों पर किसान वहाँ बसे हुए हैं।
लेखक ने यात्रियों के लिए तिब्बत की कुछ विशेषताएँ बताईं जैसे जाति-पौति और छुआछूत का अभाव, महिलाओं का न परदा करना, और भिखमंगों के प्रति लोगों का व्यवहार। उन्होंने बताया कि भिखमंगों को चोरी के डर से घर के अंदर नहीं आने दिया जाता, परन्तु अपरिचित व्यक्ति को भी घर की बहू या सासु चाय पिला सकती है। तिब्बती चाय मक्खन, नमक और सोडा से बनी होती है, जिसे मिट्टी के टोटीदार बरतन में परोसा जाता है। चाय बनाने की प्रक्रिया में चोङी (मिट्टी का बर्तन) में चाय मथना और मक्खन डालना शामिल है।
लेखक ने एक परित्यक्त चीनी किले में चाय पीने का अनुभव साझा किया और बताया कि वहाँ से आगे बढ़ते हुए उन्हें राहदारी (टोल) के लिए एक आदमी मिला, जिसे उन्होंने चिट्टे (राहदारी के कागज) दे दिए। इस प्रकार वे थोड्ला के पहले के आखिरी गाँव तक पहुँचे जहाँ उन्हें भिखमंगे के वेश में भी रहने के लिए अच्छी जगह मिली।
📊 Diagram: Figure 0955CH02
🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।
🔗 Connection: यह खंड तिब्बत की यात्रा के मार्ग और वहां के सामाजिक व्यवहार की जानकारी देता है, जो आगे के खंड में यात्रा के अनुभवों से जुड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
थोड़ला के पहले के आखिरी गाँव पहुँचने पर भिखमंगे के वेश में होने के बावजूद लेखक को ठहरने के लिए उचित स्थान मिला जबकि दूसरी यात्रा के समय भद्र वेश भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका। क्यों?
पहली यात्रा में लेखक भिखमंगे के वेश में था, जिससे वह लोगों को अपनी स्थिति का एहसास नहीं होने देता था और इसलिए उसे ठहरने के लिए उचित स्थान मिला। दूसरी यात्रा में भद्र वेश होने के कारण लोग उसकी असली पहचान समझ गए और इसलिए उसे उचित स्थान नहीं मिला।
उस समय के तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था?
तिब्बत में हथियार रखने का कोई कानून न होने के कारण यात्रियों को डाकुओं और लुटेरों के हमले का भय बना रहता था। वे हमेशा सतर्क रहते थे कि कहीं उनका सामान या जीवन खतरे में न पड़ जाए।
लेखक लड़कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया?
लेखक लड़कोर के मार्ग में अपने साथियों से इसलिए पिछड़ गया क्योंकि वह रास्ते में रुका, आसपास के दृश्य और वातावरण का आनंद लिया और धीरे-धीरे चलने लगा, जबकि अन्य साथी तेज़ी से आगे बढ़ गए।
लेखक ने शेकर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया?
पहली बार लेखक ने सुमति को यजमानों के पास जाने से इसलिए रोका क्योंकि वह चाहता था कि सुमति उसके साथ रहे और उसकी सहायता करे। दूसरी बार उसने रोकने का प्रयास नहीं किया क्योंकि वह समझ गया कि सुमति का यजमानों के साथ जाना आवश्यक है और उसे उसकी आज़ादी देनी चाहिए।
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