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ल्हासा की ओर | Class 9 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

ल्हासा की ओर | Class 9 Hindi Notes

ल्हासा की ओर – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ल्हासा की ओर from Class 9 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

शब्द-संपदा

इस खंड में पाठ में प्रयुक्त विशेष शब्दों का अर्थ और उनकी व्याख्या दी गई है, जो पाठ को समझने में सहायक हैं। ये शब्द तिब्बती जीवन, संस्कृति और यात्रा से संबंधित हैं।

डाँड़ा का अर्थ ऊँची जमीन है। थोड्ला तिब्बती सीमा का एक स्थान है। भीटे टीले के आकार का ऊँचा स्थान होता है। कंडे गाय-भैंस के गोबर से बने उपले होते हैं जो ईंधन के काम आते हैं। सत्तू भूने हुए अन्न का आटा होता है। थुक्पा एक प्रकार का तिब्बती खाद्य-पदार्थ है जो सत्तू या चावल के साथ मूली, हड्डी और माँस के साथ पकाया जाता है। गंडा मंत्र पढ़कर गाँठ लगाया हुआ धागा या कपड़ा होता है। चिरी का अर्थ फाड़ी हुई होता है। भरिया भारवाहक को कहते हैं। सुमति लेखक को यात्रा के दौरान मिला मंगोल भिक्षु था, जिसका नाम लोब्ज़डू शेख था, जिसका अर्थ सुमति प्रज्ञा है। लेखक ने सुविधा के लिए उसे सुमति नाम दिया।

ये शब्द पाठ की सांस्कृतिक और भौगोलिक समझ को बढ़ाते हैं और तिब्बती जीवन की विशिष्टताओं को उजागर करते हैं।

📊 Diagram: Table on page 10 (10×3)

🧪 Activity: पाठ में आए इन शब्दों का प्रयोग वाक्यों में करें।

🔗 Connection: यह खंड भाषा और संस्कृति की समझ को बढ़ाता है, जो पाठ के भाव और सामाजिक संदर्भों को समझने में मदद करता है।

Table on page 10 (10×3)

डाँडा-ऊँची जमीन
थोड्ला-तिब्बती सीमा का एक स्थान
भीटे-टीले के आकार का सा ऊँचा स्थान
कंडे-गाय-भैंस के गोबर से बने उपले जो ईंधन के काम में आते हैं।
सत्तू-भूने हुए अन्न (जौ, चना) का आटा
थुक्पा-सत्तू या चावल के साथ मूली, हड्डी और माँस के साथ पतली लेई की तरह पकाया गया खाद्य-पदार्थ
गंडा-मंत्र पढ़कर गाँठ लगाया हुआ धागा या कपड़ा
चिरी-फाड़ी हुई
भरिया-भारवाहक
सुमति-लेखक को यात्रा के दौरान मिला मंगोल भिक्षु जिसका नाम लोब्ज़डू शेख था। इसका अर्थ है सुमति प्रज्ञ। अत: सुविधा के लिए लेखक ने उसे सुमति नाम से पुकारा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थोड़ला के पहले के आखिरी गाँव पहुँचने पर भिखमंगे के वेश में होने के बावजूद लेखक को ठहरने के लिए उचित स्थान मिला जबकि दूसरी यात्रा के समय भद्र वेश भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिला सका। क्यों?

पहली यात्रा में लेखक भिखमंगे के वेश में था, जिससे वह लोगों को अपनी स्थिति का एहसास नहीं होने देता था और इसलिए उसे ठहरने के लिए उचित स्थान मिला। दूसरी यात्रा में भद्र वेश होने के कारण लोग उसकी असली पहचान समझ गए और इसलिए उसे उचित स्थान नहीं मिला।

उस समय के तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था?

तिब्बत में हथियार रखने का कोई कानून न होने के कारण यात्रियों को डाकुओं और लुटेरों के हमले का भय बना रहता था। वे हमेशा सतर्क रहते थे कि कहीं उनका सामान या जीवन खतरे में न पड़ जाए।

लेखक लड़कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया?

लेखक लड़कोर के मार्ग में अपने साथियों से इसलिए पिछड़ गया क्योंकि वह रास्ते में रुका, आसपास के दृश्य और वातावरण का आनंद लिया और धीरे-धीरे चलने लगा, जबकि अन्य साथी तेज़ी से आगे बढ़ गए।

लेखक ने शेकर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया?

पहली बार लेखक ने सुमति को यजमानों के पास जाने से इसलिए रोका क्योंकि वह चाहता था कि सुमति उसके साथ रहे और उसकी सहायता करे। दूसरी बार उसने रोकने का प्रयास नहीं किया क्योंकि वह समझ गया कि सुमति का यजमानों के साथ जाना आवश्यक है और उसे उसकी आज़ादी देनी चाहिए।

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