नियोजन | Class 12 Business Studies Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

नियोजन – this guide gives you a concise, exam-ready overview of नियोजन from Class 12 Business Studies, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
नियोजन के प्रकार
योजनाओं को उनके उद्देश्य और कार्यान्वयन विधि के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है। मुख्य रूप से योजनाएँ दो प्रकार की होती हैं: (क) एकल प्रयोग योजना — ये योजनाएँ केवल एक बार के प्रयोग के लिए बनाई जाती हैं, जैसे किसी विशेष परियोजना या कार्यक्रम के लिए। इनकी अवधि परियोजना के प्रकार पर निर्भर करती है, जो एक दिन से लेकर कई महीनों तक हो सकती है। उदाहरण के लिए, किसी संगोष्ठी का आयोजन या नया विभाग खोलना। (ख) स्थायी योजना — ये योजनाएँ नियमित और बार-बार होने वाली गतिविधियों के लिए बनाई जाती हैं ताकि संगठन के आंतरिक संचालन सुचारू रूप से चल सकें। स्थायी योजनाओं में नीतियाँ, कार्यविधियाँ और नियम शामिल होते हैं। नीतियाँ सामान्य दिशा-निर्देश होती हैं जो निर्णय लेने में सहायता करती हैं, कार्यविधियाँ दैनिक गतिविधियों के संचालन के लिए होती हैं, और नियम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि क्या करना है। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के अन्य प्रकार भी होते हैं जैसे व्यूह-रचना, कार्यक्रम, बजट आदि। व्यूह-रचना दीर्घकालीन लक्ष्यों और संसाधनों के आवंटन की रूपरेखा होती है। कार्यक्रम किसी परियोजना के विस्तृत विवरण होते हैं। बजट संख्यात्मक रूप में भविष्य के तथ्यों को व्यक्त करता है। इन सभी प्रकार की योजनाएँ संगठन के विभिन्न स्तरों और कार्यों के लिए आवश्यक होती हैं।
🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।
🔗 Connection: यह अनुभाग नियोजन के उद्देश्य की व्याख्या करता है, जो नियोजन प्रक्रिया का पहला और महत्वपूर्ण चरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नियोजन का शाब्दिक अर्थ क्या है और इसका प्रबंधन में क्या महत्व है?
नियोजन का अर्थ है भविष्य में क्या करना है तथा उसे कैसे करना है, इसका पूर्वनिर्धारण करना। यह प्रबंधन का एक आधारभूत कार्य है जो उद्देश्यों के निर्धारण और उन्हें प्राप्त करने के लिए कार्यविधि विकसित करने में सहायता करता है। उदाहरण के लिए, एक कंपनी अपने उत्पादन और बिक्री के लक्ष्यों को निर्धारित करती है।
निम्नलिखित में से नियोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यविधि विकसित करना
नियोजन किस प्रकार प्रबंधकीय निर्णय लेने को सरल बनाता है? उदाहरण सहित समझाइए।
नियोजन विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर सर्वोत्तम विकल्प चुनने में सहायता करता है। इससे प्रबंधक को बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में आसानी होती है। उदाहरण के लिए, एक कंपनी उत्पादन के लिए कई मशीनों में से सबसे उपयुक्त मशीन का चयन करती है।
नियोजन के कौन-कौन से लाभ हैं जो संगठन के समन्वय और नियंत्रण में सहायता करते हैं? कम से कम चार लाभ लिखिए।
नियोजन से (1) निर्देशन की व्यवस्था होती है जिससे कार्य स्पष्ट होते हैं, (2) अनिश्चितता के जोखिम कम होते हैं, (3) अतिव्यापित और अपव्ययी क्रियाएँ कम होती हैं, (4) नियंत्रण के मानक निर्धारित होते हैं। उदाहरण के लिए, एक कंपनी की बिक्री योजना से विभागों में समन्वय होता है।
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