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वस्‍त्र एवं परिधान | Class 12 Home Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

वस्‍त्र एवं परिधान – this guide gives you a concise, exam-ready overview of वस्‍त्र एवं परिधान from Class 12 Home Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

रंग और रंग सिद्धांत

रंग वस्त्र निर्माण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है, जो न केवल वस्त्र की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यक्तिगत भावनाओं को भी प्रतिबिंबित करता है। रंग की अनुभूति प्रकाश की किरणों के परावर्तन से होती है, जो आँख की तंत्रिकाओं को उत्तेजित करती हैं और मस्तिष्क में संदेश भेजती हैं। किसी वस्तु का रंग उस वस्तु द्वारा परावर्तित प्रकाश की तरंग-दैर्ध्य पर निर्भर करता है। जब सभी प्रकाश किरणें परावर्तित होती हैं तो वस्तु सफेद दिखाई देती है, और जब कोई भी किरण परावर्तित नहीं होती तो वस्तु काली दिखाई देती है।

रंगों का अध्ययन प्रकाश के स्पेक्ट्रम पर आधारित है, जिसमें सात मुख्य रंग होते हैं: बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल। इन्हें अंग्रेजी में VIBGYOR के नाम से जाना जाता है। रंगों को तीन रूपों में समझा जाता है—हूयू (रंग का सामान्य नाम), मान (हल्कापन या गहरापन) और क्रोमा (तीव्रता या चमक)।

रंग चक्र (Munsell's Colour Wheel) रंगों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक वर्गों में विभाजित करता है। प्राथमिक रंग वे होते हैं जिन्हें अन्य रंगों को मिलाकर नहीं बनाया जा सकता, जैसे लाल, पीला और नीला। द्वितीयक रंग दो प्राथमिक रंगों के मिश्रण से बनते हैं, जैसे नारंगी, हरा और बैंगनी। तृतीयक रंग निकटवर्ती प्राथमिक और द्वितीयक रंगों के मिश्रण से बनते हैं, जैसे लाल-नारंगी, पीला-हरा आदि।

इसके अतिरिक्त उदासीन रंग (न्यूट्रल कलर) जैसे सफेद, काला, धूसर, रजत और धात्विक रंग भी होते हैं, जिन्हें अवर्णक कहा जाता है।

रंगों के संयोजन के लिए विभिन्न रंग योजनाएँ होती हैं, जिन्हें संबंधित और विषम योजनाओं में वर्गीकृत किया जाता है। संबंधित योजनाओं में एक या अधिक रंग निकटवर्ती होते हैं, जैसे एक वर्णी सुमेल, अवर्णी सुमेल, विशिष्टतापूर्ण उदासीन और अनुरूप सुमेल। विषम योजनाओं में पूरक सुमेल, दोहरा पूरक सुमेल, विभाजित पूरक सुमेल, अनुरूप सुमेल और त्रणात्मक सुमेल शामिल हैं। ये योजनाएँ रंगों के संतुलित और सौंदर्यपूर्ण संयोजन में मदद करती हैं।

📊 Diagram: चित्र 8.1 में रंग चक्र को दिखाया गया है जिसमें प्राथमिक रंग वृत्तों से, द्वितीयक रंग वर्गों से और तृतीयक रंग त्रिभुजों से दर्शाए गए हैं। चित्र 8.2 में ग्रे पैमाना दिखाया गया है जो रंग के मान को दर्शाता है। चित्र 8.4 और 8.5 में पेंटोन रंग चार्ट और शेड कार्ड दिखाए गए हैं जो रंगों के विभिन्न शेड और तीव्रता को प्रदर्शित करते हैं।

🧪 Activity: क्रियाकलाप 8.1: वस्त्र, मुद्रित कागज, पोशाकों के चित्र आदि के नमूने एकत्र कर उनके रंग, मान और तीव्रता के आधार पर वर्ण सुमेलों का विश्लेषण करना।

🔗 Connection: रंग सिद्धांत की समझ बुनावट और रेखा जैसे अन्य डिज़ाइन तत्वों के अध्ययन के लिए आधार प्रदान करती है, जो अगले खंड में विस्तार से समझाए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वस्त्र निर्माण सामग्री के प्रागैतिहासिक उपयोगों में निम्नलिखित में से कौन-कौन सी वस्तुएँ शामिल थीं?

कपास, ऊन, लिनेन और रेशम से बने वस्त्र

डिज़ाइन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू क्या होता है?

वस्तु की कार्यक्षमता और उपयोगिता के साथ कलात्मक अभिव्यक्ति

फैशन डिज़ाइनर किस प्रकार के कार्य करते हैं?

फैशन डिज़ाइनर वे व्यक्ति होते हैं जो वस्त्रों की कटाई, रंग, फैशन और छपाई में नवीनता लाते हैं। वे परिधानों को सुसंगत और आधुनिक रूप देने का काम करते हैं। उदाहरण के लिए, वे विशेष अवसरों के लिए डिजाइन तैयार करते हैं।

डिज़ाइन के तत्वों में कौन-कौन से शामिल हैं?

रंग, बनावट, रेखा, आकृति

इस अध्याय में महारत हासिल करें

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