Business Studiesकक्षा 11निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रमहिंदी

निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम | Class 11 Business Studies Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम – this guide gives you a concise, exam-ready overview of निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम from Class 11 Business Studies, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

3.2 सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के संगठनों के स्वरूप

सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के संगठनात्मक स्वरूपों को समझना आवश्यक है क्योंकि ये सरकार की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए आवश्यक ढाँचा प्रदान करते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के तीन मुख्य स्वरूप होते हैं: विभागीय उपक्रम, वैधानिक निगम, और सरकारी कंपनी।

सार्वजनिक उपक्रमों का स्वामित्व जनता के पास होता है और ये संसद के माध्यम से जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। ये संगठनात्मक स्वरूप उपक्रम की प्रकृति और सरकार से संबंधों पर निर्भर करते हैं। सार्वजनिक उपक्रमों को संगठनात्मक कार्य, उत्पादकता और गुणवत्ता के मानकों को सुनिश्चित करना होता है।

विभागीय उपक्रम मंत्रालय के विभाग के रूप में स्थापित होते हैं और स्वतंत्र वैधानिक अस्तित्व नहीं रखते। वैधानिक निगम संसद के विशेष अधिनियम द्वारा स्थापित होते हैं और निगमित संगठन होते हैं जिनके अधिकार, कर्तव्य और कर्मचारी नियम विधिवत परिभाषित होते हैं। सरकारी कंपनियाँ भारतीय कंपनी अधिनियम-2013 के अंतर्गत स्थापित होती हैं, जिनमें सरकार की कम से कम 51% चुकता अंशपूंजी होती है और ये निजी कंपनियों की तरह पंजीकृत होती हैं।

🧪 Activity: सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के तीनों स्वरूपों के उदाहरणों की सूची बनाना।

🔗 Connection: अगले खंड में हम विभागीय उपक्रम के विशेषताओं, लाभों और सीमाओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र की अवधारणा की व्याख्या कीजिए।

सार्वजनिक क्षेत्र वे संगठन होते हैं जिनका स्वामित्व और नियंत्रण सरकार के पास होता है। ये संगठन समाज के आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए काम करते हैं। निजी क्षेत्र वे संगठन होते हैं जिनका स्वामित्व और नियंत्रण निजी व्यक्तियों या समूहों के पास होता है, जो लाभ कमाने के उद्देश्य से कार्य करते हैं।

2. निजी क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के बारे में बताइए।

निजी क्षेत्र के संगठन मुख्यतः निम्नलिखित प्रकार के होते हैं: (i) एकल स्वामित्व (Sole Proprietorship): एक व्यक्ति के स्वामित्व में होता है। (ii) साझेदारी (Partnership): दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच साझेदारी होती है। (iii) कंपनी (Company): यह एक कानूनी संस्था होती है जिसमें शेयरधारक होते हैं। (iv) सहकारी संस्थाएं (Cooperative Societies): ये सदस्य आधारित संगठन होते हैं जो सामूहिक लाभ के लिए काम करते हैं।

3. सार्वजनिक क्षेत्र में आने वाले संगठन कौन-कौन से है?

सार्वजनिक क्षेत्र में आने वाले मुख्य संगठन निम्नलिखित हैं: (i) सरकारी विभाग (Government Departments) (ii) सार्वजनिक उपक्रम (Public Enterprises) (iii) सरकारी कंपनियां (Government Companies) (iv) सहकारी संस्थाएं (Cooperative Societies) (v) क्षेत्रीय विकास निगम (Regional Development Corporations)

4. सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के नाम बताओ तथा उनका वर्गीकरण करो।

सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन निम्नलिखित हैं: (i) सरकारी विभाग (Government Departments) (ii) सार्वजनिक उपक्रम (Public Enterprises) (iii) सरकारी कंपनियां (Government Companies) (iv) सहकारी संस्थाएं (Cooperative Societies)

वर्गीकरण: 1. सरकारी विभाग: सीधे सरकार द्वारा संचालित 2. सार्वजनिक उपक्रम: सरकार के स्वामित्व वाले व्यवसाय 3. सरकारी कंपनियां: कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत 4. सहकारी संस्थाएं: सदस्य आधारित संगठन

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