Business Studiesकक्षा 11अंतर्राष्‍ट्रीय व्यापारहिंदी

अंतर्राष्‍ट्रीय व्यापार | Class 11 Business Studies Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

अंतर्राष्‍ट्रीय व्यापार | Class 11 Business Studies Notes

अंतर्राष्‍ट्रीय व्यापार – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अंतर्राष्‍ट्रीय व्यापार from Class 11 Business Studies, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

11.1 परिचय

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आज के वैश्विक युग में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वह व्यावसायिक क्रियाएँ हैं जो किसी देश की सीमाओं के बाहर की जाती हैं। आज विश्व के विभिन्न देशों में वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन एवं उनके विक्रय के तरीकों में आधारभूत परिवर्तन आ रहे हैं। पहले के समय में अधिकांश देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर थे, परंतु अब वे विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन एवं आपूर्ति के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हो गए हैं। संप्रेषण, तकनीक, आधारभूत ढाँचा आदि के क्षेत्र में हुए विकास ने देशों को एक-दूसरे के और करीब ला दिया है। संचार एवं परिवहन के तीव्र साधनों के कारण भौगोलिक दूरी की बाधाएँ कम हो गई हैं। विश्व व्यापार संघ (डब्ल्यू.टी.ओ.) तथा विभिन्न देशों की सरकारों द्वारा किए गए सुधारों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दिया है। भारत भी वैश्वीकरण की प्रक्रिया में तेजी से जुड़ रहा है। 1991 में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत के बाद भारत ने विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। आज भारत की कई कंपनियाँ विदेशों में अपने उत्पादों एवं सेवाओं का विपणन कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केवल वस्तुओं के आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सेवाओं, पूंजी, तकनीक, बौद्धिक संपदा आदि का भी आदान-प्रदान शामिल है।

📊 Diagram: 11109CH11

🧪 Activity: श्री मनचंदा के उदाहरण के माध्यम से यह समझना कि घरेलू व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में क्या अंतर होता है।

🔗 Connection: अगले अनुभाग में अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय के अर्थ और इसके कारणों का विस्तार से वर्णन किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. व्यवसाय किसे कहते हैं? व्यवसाय की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

व्यवसाय वह आर्थिक गतिविधि है जिसमें व्यक्ति या समूह वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन, वितरण और बिक्री करते हैं ताकि लाभ अर्जित किया जा सके। व्यवसाय की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं: 1. आर्थिक गतिविधि होना: व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है। 2. जोखिम का तत्व: व्यवसाय में लाभ के साथ-साथ हानि की संभावना भी होती है।

2. व्यवसाय के दो आर्थिक उद्देश्य एवं दो सामाजिक उद्देश्य लिखिए।

व्यवसाय के दो आर्थिक उद्देश्य: 1. लाभ अर्जित करना 2. पूंजी की सुरक्षा

व्यवसाय के दो सामाजिक उद्देश्य: 1. समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति करना 2. रोजगार के अवसर प्रदान करना

3. व्यवसाय के प्रकारों को समझाइए।

व्यवसाय के प्रकार मुख्य रूप से तीन हैं: 1. विनिर्माण व्यवसाय: इसमें कच्चे माल को तैयार उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है, जैसे कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण आदि। 2. व्यापार: इसमें वस्तुओं की खरीद-फरोख्त की जाती है, जैसे थोक व्यापारी, खुदरा व्यापारी आदि। 3. सेवा व्यवसाय: इसमें उपभोक्ताओं को सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जैसे बैंकिंग, बीमा, परिवहन आदि।

4. व्यवसाय के लिए आवश्यक संसाधनों के नाम लिखिए।

व्यवसाय के लिए आवश्यक संसाधन हैं: 1. मानव संसाधन 2. भौतिक संसाधन 3. वित्तीय संसाधन 4. सूचना संसाधन

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