भारतीय संगीत का सामान्य परिचय | Class 11 Sangeet Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

भारतीय संगीत का सामान्य परिचय – this guide gives you a concise, exam-ready overview of भारतीय संगीत का सामान्य परिचय from Class 11 Sangeet, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
लोक संगीत
लोक संगीत वह संगीत है जो आम जनमानस की भावनाओं, जीवनशैली और परंपराओं का प्रतिबिंब होता है। यह संगीत सरल, सहज और मधुर होता है, जिसमें स्थानीय भाषा, रीति-रिवाज और सामाजिक घटनाओं का प्रभाव स्पष्ट होता है। लोक संगीत किसी विशेष व्यक्ति की रचना नहीं होता, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सामूहिक रूप से विकसित होता है।
लोक संगीत में तंत्री, सुपिर और अवनद्ध वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है। तंत्री वाद्य जैसे एकतारा, तुन्दिना, सारंगी आदि लोकप्रिय हैं। सुपिर वाद्यों में शंख, वेणु, शहनाई आदि शामिल हैं। अवनद्ध वाद्य जैसे ढोल, ढोलक, तविल आदि भी प्रचलित हैं।
भारत के विभिन्न प्रदेशों में लोक संगीत की विशिष्ट शैलियाँ हैं, जैसे असम में बिहू, उत्तर प्रदेश में होरी, कजरी, गुजरात में गरबा, पंजाब में भांगड़ा, महाराष्ट्र में लावणी, राजस्थान में घूमर, जम्मू-कश्मीर में भाण्ड, केरल में थेय्यम आदि।
लोक संगीत के विषयों में नैतिक गान, काम-काज गीत, वर्षा एवं खेती पर आधारित गीत, लोरी, महत्वपूर्ण व्यक्तियों के गीत, सामूहिक गीत और त्यौहारों के गीत शामिल हैं। यह संगीत सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित है।
📊 Diagram: Table on page 6 (12×2)
🔗 Connection: लोक संगीत के बाद संस्कार गीतों का परिचय दिया गया है, जो सामाजिक और धार्मिक जीवन में संगीत की भूमिका को दर्शाते हैं।
Table on page 6 (12×2)
| प्रदेश | गायन एवं नृत्य शैलियाँ |
|---|---|
| असम | बिहू, छऊ आदि। |
| उत्तर प्रदेश | होरी, बारहमासा, कजरी, चैती, रसिया, लांगुरिया, बिरहा, रासलीला, नौटंकी के गीत प्रकार आदि। |
| गुजरात | गरबा, रास, डांडिया आदि। |
| पंजाब | हीर, टप्पा, गिद्दा, भांगड़ा आदि। |
| महाराष्ट्र | लावणी, मंगलोगीर आदि। |
| राजस्थान | गोरबंद, मांड, घूमर, झूमर, कालबेलिया आदि। |
| जम्मू कश्मीर | भाण्ड, पाथिर, रउफ़, जबरो, चकरी आदि। |
| अरुणाचल प्रदेश | टापू, पोनंग, नीशीदोऊ, लोकुबवांग आदि। |
| केरल | तिरुवादिरकली, प्राना, तुल्लल, थेय्यम आदि। |
| आंध्र प्रदेश | धिमसा, बुराँ कत्था, तोलू, बोम्मालता, रोतोला पंडुगा आदि। |
| पश्चिम बंगाल | बाऊल, रबिन्द्र संगीत, भटियाली, गोड़ीय, छऊ आदि। |
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| (क) ललित कला | 1. शोरी मियाँ |
|---|---|
| (ख) हिंदुस्तानी संगीत | 2. जम्मू कश्मीर |
| (ग) टुमरी | 3. अवनद्ध वाद्य |
| (घ) पल्लवी | 4. मिर्जापुर |
| (ङ) टप्पा | 5. सुषिर वाद्य |
| (च) कजरी | 6. अष्टपदी |
| (छ) गोड़ीय | 7. धातु वाद्य |
| (ज) चकरी | 8. ध्रुपद |
| (झ) कोम्बू | 9. कर्नाटक संगीत |
| (ण) तन्तीपानई | 10. पश्चिम बंगाल |
| (ट) कड़िचिलम्बु | 11. मूर्तिकला |
| (ढ) गीत गोविन्दम | 12. नवाब वाजिद अली शाह |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय संगीत के तीन मुख्य तत्व कौन-कौन से हैं?
गीत, वाद्य, नृत्य
भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो प्रमुख धाराएँ कौन सी हैं?
हिंदुस्तानी और कर्नाटक
निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र तंतुवाद्य वर्ग में आता है?
सितार
उत्तर प्रदेश की कौन सी गायन शैली लोक संगीत में प्रसिद्ध है?
कजरी
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