संचार माध्यम और संचार प्रौद्योगिकी | Class 11 Home Science Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

संचार माध्यम और संचार प्रौद्योगिकी – this guide gives you a concise, exam-ready overview of संचार माध्यम और संचार प्रौद्योगिकी from Class 11 Home Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
संचार का वर्गीकरण
संचार को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है: पारस्परिक क्रिया, स्तर, साधन और इंद्रियों के आधार पर।
क. पारस्परिक क्रिया के आधार पर: (i) एकतरफा संचार: इसमें संदेश केवल एक दिशा में जाता है और प्राप्तकर्ता प्रतिक्रिया नहीं देता। उदाहरण हैं रेडियो, टेलीविजन, व्याख्यान। (ii) दुतरफा संचार: इसमें दो या अधिक व्यक्तियों के बीच संवाद होता है जहाँ सभी पक्ष विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। उदाहरण हैं मोबाइल फोन पर बातचीत, इंटरनेट चैटिंग।
ख. संचार के स्तरों पर: (i) अंत्य-वैयक्तिक संचार: स्वयं से संवाद, मानसिक प्रक्रिया जैसे परीक्षा से पहले का पूर्वाभ्यास। (ii) अंतर्वैयक्तिक संचार: दो या अधिक व्यक्तियों के बीच आमने-सामने संवाद। यह सबसे प्रभावी होता है क्योंकि इसमें प्रत्यक्ष संपर्क होता है। (iii) समूह संचार: दो से अधिक व्यक्तियों के बीच संवाद, जैसे सभा या समूह चर्चा। (iv) जनसंचार: यांत्रिक माध्यमों से बड़े जनसमूह तक संदेश पहुँचाना, जैसे रेडियो, टीवी, अखबार। (v) अंतरा-संस्था संचार: संस्थाओं के भीतर विभिन्न स्तरों पर संचार। (vi) अंत:संस्था संचार: विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग हेतु संचार।
ग. संचार के साधन पर: (i) शाब्दिक/मौखिक संचार: बोलना, गाना आदि। (ii) गैर-शाब्दिक संचार: हाव-भाव, मुखमुद्राएँ, लिखाई, पहनावा आदि।
घ. इंद्रियों के आधार पर: अधिक इंद्रियाँ शामिल होने पर संचार अधिक प्रभावी होता है। उदाहरण स्वरूप, केवल पढ़ने से 10% याद रहता है, सुनने से 20-25%, देखने से 30-35%, देखने और सुनने से 50% या अधिक, और देखने, सुनने व करने से 20-25% या अधिक।
📊 Diagram: चित्र 3 और चित्र 4 में एकतरफा और दुतरफा संचार के उदाहरण दर्शाए गए हैं। चित्र 5 और चित्र 6 में अंतर्वैयक्तिक और समूह संचार की स्थितियाँ प्रदर्शित हैं। चित्र 7 में विभिन्न संस्थाओं के बीच संचार प्रणाली का चित्रण है। सारणी 1 में संकद्ध इंद्रियों की संख्या के आधार पर संचार का वर्गीकरण दिया गया है।
🧪 Activity: क्रियाकलाप 1: ग्रामीण या छोटे शहर में संचार के विभिन्न साधनों, प्रकारों और स्तरों का अवलोकन कर सूची बनाना।
🔗 Connection: यह वर्गीकरण संचार की प्रक्रिया को समझने के लिए आधार प्रदान करता है।
Table on page 7 (13×3)
| हमारी इंद्रियाँ और संचार | ||
|---|---|---|
| • लोग जो पढ़ते हैं, उसका 10 प्रतिशत याद रखते हैं | पढ़ना | दृश्य |
| • लोग जो सुनते हैं, उसका लगभग 20-25 प्रतिशत याद रखते हैं | सुनना | श्रव्य |
| • लोग जो देखते हैं, उसका लगभग 30-35 प्रतिशत उनके दिमाग में रहता है | देखना | दृश्य |
| • लोग जो देखते और सुनते हैं, उसका 50 प्रतिशत या उससे अधिक वे याद रखते हैं, देखा और सुना | दृश्य | दृश्य-श्रव्य |
| • लोग जो देखते, सुनते और करते हैं, उसका 20-25 प्रतिशत या उससे अधिक याद रखते हैं देखा, सुना और किया | दृश्य | श्रव्य |
| अधिक इंद्रियों से काम लेने पर अध्ययन, अधिक स्पष्ट रूप से समझ में आता है और स्थायी रहता है। | ||
| सारणी 1 – संकद्ध इंद्रियों की संख्या के आधार पर संचार का वर्गीकरण | ||
| संचार का प्रकार | उदाहरण | |
| श्रव्य | रेडियो, श्रव्य रिकॉर्डिंग, सीडी प्लेयर, व्याख्यान, लैंड लाइन या मोबाइल फ़ोन | |
| दृश्य | संकेत या प्रतीक, मुद्रित सामग्री, चार्ट, पोस्टर | |
| श्रव्य-दृश्य | टेलीविजन, वीडियो फ़िल्में, मल्टी-मीडिया, इंटरनेट |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
‘सूचना प्रौद्योगिकी – एक अभिशाप या वरदान?’ पर अपनी कक्षा में एक सामूहिक चर्चा आयोजित करें और उसमें भाग लें।
इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थियों के विचारों पर आधारित होगा। चर्चा में सूचना प्रौद्योगिकी के लाभों जैसे कि संचार को आसान बनाना, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, आर्थिक विकास में योगदान आदि और इसके अभिशाप जैसे कि निजता का हनन, बेरोजगारी, सामाजिक अलगाव आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। विद्यार्थी अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर अपनी राय प्रस्तुत करेंगे।
कोई ऐसे दो संदेश लिखिए, जो सड़क के किनारे लगे विज्ञापनों में से आपको याद हैं – - संदेश अर्थनिरूपण - संदेश अर्थनिरूपण
उत्तर में विद्यार्थी दो ऐसे विज्ञापन संदेश लिखेंगे जो उन्हें याद हों। उदाहरण के लिए: 1. संदेश: 'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' अर्थनिरूपण: यह संदेश सड़क पर सावधानी बरतने और जीवन की सुरक्षा के महत्व को दर्शाता है। 2. संदेश: 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत' अर्थनिरूपण: यह संदेश स्वच्छता के महत्व को बताता है जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है। विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार अन्य संदेश भी लिख सकते हैं।
1. संचार शब्द से आप क्या समझते हैं? मौखिक और गैर-शाब्दिक संचार की विभिन्न विधियाँ क्या हैं?
संचार शब्द का अर्थ है सूचना, विचार, भावनाओं आदि का आदान-प्रदान। यह एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को दूसरों तक पहुँचाता है।
मौखिक संचार की विधियाँ:
- बातचीत
- भाषण
- टेलीफोन
- समूह चर्चा
गैर-शाब्दिक संचार की विधियाँ:
- हाव-भाव
- शारीरिक भाषा
- संकेत
- चेहरे के भाव
- लिखित संदेश
इस प्रकार संचार में मौखिक और गैर-शाब्दिक दोनों प्रकार के माध्यम शामिल होते हैं जो प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक हैं।
2. संचार प्रक्रिया को उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें।
संचार प्रक्रिया में सूचना का प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक पहुँचने का क्रम होता है। उदाहरण के लिए, यदि एक शिक्षक कक्षा में छात्रों को पढ़ा रहा है, तो शिक्षक सूचना का प्रेषक है, और छात्र प्राप्तकर्ता हैं। शिक्षक अपनी बात कहता है (संदेश), जिसे छात्र सुनते हैं और समझते हैं। यदि छात्र प्रश्न पूछते हैं तो वह प्रतिक्रिया होती है। इस प्रकार संचार प्रक्रिया में प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता और प्रतिक्रिया शामिल होती है।
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