NCERTCh 6निःशुल्क

Chapter 6

🎓 Class 11📖 Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-I📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 5अध्याय 6 / 7Chapter 7

Chapter 6अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

संचार और संचार प्रौद्योगिकी

अवधारणा

संचार और संचार प्रौद्योगिकी

संचार मानव जीवन का आधारभूत और अनिवार्य अंग है। यह धरती पर जीवन के आरंभ से ही विद्यमान रहा है और समय के साथ विकसित होता रहा है। संचार का अर्थ है सूचना, विचार, भावनाएँ, ज्ञान आदि का आदान-प्रदान। यह केवल सूचना देने-लेने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें संदेश का ऐसा आदान-प्रदान शामिल है जो संप्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए समान अर्थ रखता हो। संचार की प्रक्रिया में विचारों, मतों, अनुभवों, तथ्यों, भावनाओं का आदान-प्रदान होता है। आधुनिक युग में संचार प्रौद्योगिकी ने संचार के माध्यमों को अत्यंत विकसित कर दिया है, जिससे संचार अधिक त्वरित, सुलभ और प्रभावी हो गया है। संचार के बिना सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक गतिविधियाँ संभव नहीं हैं। संचार माध्यमों और प्रौद्योगिकी के निरंतर विकास से मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस अध्याय में संचार की संकल्पना, प्रकार, प्रक्रिया, माध्यम, और प्रौद्योगिकी के विकास को विस्तार से समझा जाएगा।

  • संचार का अर्थ है सूचना, विचार, भावनाओं और ज्ञान का आदान-प्रदान।
  • संचार मानव जीवन का अनिवार्य अंग है जो सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को संभव बनाता है।
  • संचार प्रक्रिया में संदेश का ऐसा आदान-प्रदान होता है जो संप्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए समान अर्थ रखता हो।
  • आधुनिक संचार प्रौद्योगिकी ने संचार को अधिक त्वरित, सुलभ और प्रभावी बनाया है।
  • संचार माध्यम और प्रौद्योगिकी के विकास से जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
  • 📌 संचार: सूचना, विचार, भावनाओं का आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया।
  • 📌 संचार प्रौद्योगिकी: संचार को सहायता देने के लिए विकसित तकनीकें।

संचार क्या है?

परिभाषा

संचार क्या है?

संचार वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति या समूह विचारों, मतों, अनुभवों, तथ्यों, जानकारी और भावनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। यह प्रक्रिया देखने, सुनने, समझने, विश्लेषण करने और फिर संदेश को विभिन्न माध्यमों से दूसरों तक पहुँचाने से संबंधित है। संचार शब्द अंग्रेजी के 'Communication' का पर्याय है, जो लैटिन शब्द 'Communis' से निकला है, जिसका अर्थ है 'सर्वसामान्य'। इसका मतलब यह है कि संचार केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संदेश का ऐसा आदान-प्रदान शामिल है जो संप्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए समान अर्थ रखता हो। प्रभावी संचार तभी संभव होता है जब संदेश का आशय दोनों पक्षों को स्पष्ट और समान रूप से समझ में आए। संचार एक सतत प्रक्रिया है जो घर, स्कूल, समुदाय और सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में व्याप्त है।

  • संचार सूचना, विचार, भावनाओं का आदान-प्रदान है।
  • यह देखने, सुनने, समझने और विश्लेषण करने की प्रक्रिया है।
  • संचार में संदेश का समान अर्थ होना आवश्यक है।
  • प्रभावी संचार के लिए संदेश का स्पष्ट और सरल होना जरूरी है।
  • संचार जीवन के सभी क्षेत्रों में निरंतर चलता रहता है।
  • 📌 प्रभावी संचार: ऐसा संचार जिसमें संदेश का आशय संप्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों को समान रूप से समझ में आए।

संचार का वर्गीकरण

अवधारणा

संचार का वर्गीकरण

संचार को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है: पारस्परिक क्रिया, स्तर, साधन और इंद्रियों के आधार पर। क. पारस्परिक क्रिया के आधार पर: (i) एकतरफा संचार: इसमें संदेश केवल एक दिशा में जाता है और प्राप्तकर्ता प्रतिक्रिया नहीं देता। उदाहरण हैं रेडिय

अभ्यास प्रश्नChapter 6

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.‘सूचना प्रौद्योगिकी – एक अभिशाप या वरदान?’ पर अपनी कक्षा में एक सामूहिक चर्चा आयोजित करें और उसमें भाग लें।

उत्तर:

इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थियों के विचारों पर आधारित होगा। चर्चा में सूचना प्रौद्योगिकी के लाभों जैसे कि संचार को आसान बनाना, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, आर्थिक विकास में योगदान आदि और इसके अभिशाप जैसे कि निजता का हनन, बेरोजगारी, सामाजिक अलगाव आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। विद्यार्थी अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर अपनी राय प्रस्तुत करेंगे।

व्याख्या:

यह एक सामूहिक चर्चा है जिसमें विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर विचार करते हैं। चर्चा से उनकी समझ और विचार व्यक्त करने की क्षमता विकसित होती है।

EasyNCERT
Q2.कोई ऐसे दो संदेश लिखिए, जो सड़क के किनारे लगे विज्ञापनों में से आपको याद हैं – - संदेश अर्थनिरूपण - संदेश अर्थनिरूपण

उत्तर:

उत्तर में विद्यार्थी दो ऐसे विज्ञापन संदेश लिखेंगे जो उन्हें याद हों। उदाहरण के लिए: 1. संदेश: 'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' अर्थनिरूपण: यह संदेश सड़क पर सावधानी बरतने और जीवन की सुरक्षा के महत्व को दर्शाता है। 2. संदेश: 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत' अर्थनिरूपण: यह संदेश स्वच्छता के महत्व को बताता है जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है। विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार अन्य संदेश भी लिख सकते हैं।

व्याख्या:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को अपने आस-पास के विज्ञापनों पर ध्यान देने और उनके अर्थ को समझने के लिए प्रेरित करता है। इससे उनकी अवलोकन क्षमता और समझ विकसित होती है।

EasyNCERT
Q3.1. संचार शब्द से आप क्या समझते हैं? मौखिक और गैर-शाब्दिक संचार की विभिन्न विधियाँ क्या हैं?

उत्तर:

संचार शब्द का अर्थ है सूचना, विचार, भावनाओं आदि का आदान-प्रदान। यह एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को दूसरों तक पहुँचाता है। मौखिक संचार की विधियाँ: - बातचीत - भाषण - टेलीफोन - समूह चर्चा गैर-शाब्दिक संचार की विधियाँ: - हाव-भाव - शारीरिक भाषा - संकेत - चेहरे के भाव - लिखित संदेश इस प्रकार संचार में मौखिक और गैर-शाब्दिक दोनों प्रकार के माध्यम शामिल होते हैं जो प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक हैं।

व्याख्या:

संचार की परिभाषा और प्रकारों को समझना आवश्यक है क्योंकि यह मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा है। मौखिक और गैर-शाब्दिक संचार दोनों ही विभिन्न परिस्थितियों में उपयोगी होते हैं।

MediumNCERT
Q4.2. संचार प्रक्रिया को उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें।

उत्तर:

संचार प्रक्रिया में सूचना का प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक पहुँचने का क्रम होता है। उदाहरण के लिए, यदि एक शिक्षक कक्षा में छात्रों को पढ़ा रहा है, तो शिक्षक सूचना का प्रेषक है, और छात्र प्राप्तकर्ता हैं। शिक्षक अपनी बात कहता है (संदेश), जिसे छात्र सुनते हैं और समझते हैं। यदि छात्र प्रश्न पूछते हैं तो वह प्रतिक्रिया होती है। इस प्रकार संचार प्रक्रिया में प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता और प्रतिक्रिया शामिल होती है।

व्याख्या:

संचार प्रक्रिया के तत्वों को समझने के लिए उदाहरण देना आवश्यक है जिससे विद्यार्थी इसे व्यवहार में समझ सकें।

MediumNCERT
Q5.3. “संचार प्रक्रिया में जितनी अधिक इंद्रियाँ शामिल होंगी, संचार उतना ही प्रभावी और दीर्घ होगा”। औचित्य सहित टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:

यह कथन सही है क्योंकि जब संचार में अधिक इंद्रियाँ शामिल होती हैं, तो संदेश अधिक स्पष्ट और प्रभावी रूप से प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए, केवल सुनना ही नहीं बल्कि देखना, छूना, और महसूस करना भी संचार को बेहतर बनाता है। इससे संदेश की समझ गहरी होती है और याददाश्त में अधिक समय तक बनी रहती है। इसलिए, बहु-इंद्रिय संचार अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक होता है।

व्याख्या:

इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त जानकारी अधिक सजीव और स्पष्ट होती है, जिससे संचार की गुणवत्ता बढ़ती है।

MediumNCERT
Q6.4. संचार माध्यम दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं? विभिन्न प्रकार के संचार माध्यमों की व्याख्या करें।

उत्तर:

संचार माध्यम हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं क्योंकि वे सूचना के आदान-प्रदान को सरल, तेज और व्यापक बनाते हैं। इनके माध्यम से हम समाचार, शिक्षा, मनोरंजन, और सामाजिक संपर्क प्राप्त करते हैं। विभिन्न प्रकार के संचार माध्यम: - मौखिक माध्यम: बातचीत, भाषण - लिखित माध्यम: पत्र, पुस्तकें, समाचार पत्र - इलेक्ट्रॉनिक माध्यम: रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट - सामाजिक माध्यम: सोशल नेटवर्किंग साइट्स ये सभी माध्यम जीवन को सुविधाजनक और सूचनाप्रद बनाते हैं।

व्याख्या:

संचार माध्यमों की भूमिका को समझना आवश्यक है क्योंकि वे समाज और व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं।

MediumNCERT
Q7.5. संचार प्रौद्योगिकी की परिभाषा लिखिए। ऐसी दो आवश्यक संचार प्रौद्योगिकियों की सविस्तार चर्चा करें, जिनसे संचार क्षेत्र में क्रांति आ गई है। अपने उत्तर का औचित्य भी दें।

उत्तर:

संचार प्रौद्योगिकी वह तकनीक है जो सूचना के संग्रह, प्रसारण, और प्राप्ति के लिए उपयोग की जाती है। दो आवश्यक संचार प्रौद्योगिकियाँ: 1. रेडियो और टेलीविजन: ये माध्यम सूचना को दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुँचाने में सक्षम हैं। रेडियो ने भौगोलिक बाधाओं को पार कर सूचना पहुँचाई और टेलीविजन ने दृश्य और श्रव्य माध्यम से शिक्षा और मनोरंजन को बढ़ावा दिया। 2. इंटरनेट और ई-मेल: इंटरनेट ने विश्व को एक वैश्विक गांव बना दिया है। ई-मेल ने सूचना के त्वरित आदान-प्रदान को संभव बनाया है। औचित्य: इन प्रौद्योगिकियों ने संचार को तेज, सस्ता, और अधिक सुलभ बनाया है, जिससे समाज और अर्थव्यवस्था में व्यापक परिवर्तन आए हैं।

व्याख्या:

संचार प्रौद्योगिकी के महत्व और उसके प्रभाव को समझना आवश्यक है क्योंकि यह आधुनिक जीवन का आधार है।

HardNCERT
Q8.संचार की परिभाषा क्या है? संचार प्रक्रिया में किस प्रकार के आदान-प्रदान शामिल होते हैं?

उत्तर:

संचार वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति या समूह विचारों, मतों, अनुभवों, तथ्यों, जानकारी और भावनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। इसमें देखने, सुनने, समझने, विश्लेषण करने और संदेश को विभिन्न माध्यमों से दूसरों तक पहुँचाने की क्रिया शामिल होती है।

व्याख्या:

संचार का अर्थ केवल सूचना देना नहीं है, बल्कि इसमें संदेश का ऐसा आदान-प्रदान होता है जो संप्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए समान अर्थ रखता हो। यह प्रक्रिया विचारों, भावनाओं, अनुभवों, तथ्यों आदि के आदान-प्रदान से संबंधित है। उदाहरण के लिए, जब कोई व्यक्ति अपने विचार किसी अन्य व्यक्ति को बताता है और वह समझता है, तो संचार होता है।

Easy