Home Scienceकक्षा 11कपड़े - हमारे आस-पासहिंदी

कपड़े - हमारे आस-पास | Class 11 Home Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

कपड़े - हमारे आस-पास | Class 11 Home Science Notes

कपड़े - हमारे आस-पास – this guide gives you a concise, exam-ready overview of कपड़े - हमारे आस-पास from Class 11 Home Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

कपड़ा उत्पादन

कपड़ा उत्पादन सूत को कपड़े में बदलने की प्रक्रिया है। अधिकांश कपड़े सूत से बने होते हैं, लेकिन कुछ कपड़े सीधे रेशों से भी बनाए जाते हैं जैसे फ्रेल्ट्स (नमदा) और बिना बुने कपड़े।

मुख्य कपड़ा निर्माण की विधियाँ हैं:

(i) बुनाई: यह सबसे पुरानी वस्त्र कला है जिसमें दो सूतों के सेट को समकोण पर अंतर्ग्रथित किया जाता है। ताना सूत लंबाई की दिशा में होता है और पूरक सूत चौड़ाई की दिशा में। करघे पर ताना सूत लगाया जाता है और पूरक सूत को अंतर्ग्रथित किया जाता है। डोबी और जैकवार्ड जैसे अटेचमेंट्स से डिजाइन बनाए जाते हैं। बुने हुए कपड़े के किनारों को सेल्वेज कहा जाता है जो मजबूत होता है।

(ii) ऊन की बुनाई (निटिंग): इसमें सूत के फंदे बनाकर कपड़ा तैयार किया जाता है। वेट निटिंग में पूरक सूत का उपयोग होता है, जबकि वार्प निटिंग में ताना सूत का। निटिंग से बने कपड़े अधिक सुनम्य और चुस्त होते हैं, जो खेलकूद के कपड़ों के लिए उपयुक्त हैं।

(iii) ब्रेडिंग (गूँथना): तीन या अधिक सूतों को विकर्ण रूप में गूँथकर बनाया जाता है, जैसे जूते के फीते।

(iv) नेट्स (जाल): खुले जालीदार कपड़े जिनमें सूत के बीच बड़े अंतराल होते हैं।

(v) लेसें: सूक्ष्म डिजाइन वाले विवृत कपड़े जो सूत की बटने, अंतरवयन और गाँठ लगाने से बनते हैं।

इस प्रकार कपड़ा उत्पादन में विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जो कपड़े की बनावट, मजबूती और उपयोगिता को प्रभावित करती हैं।

📊 Diagram: चित्र – 4 वेट निटिंग; चित्र – 5 वार्प निटिंग; Reprint 2026-27

🔗 Connection: कपड़ा उत्पादन के बाद कपड़ों के परिष्करण की प्रक्रिया आती है, जिससे कपड़े की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपड़े हमारे जीवन में किस प्रकार की भूमिका निभाते हैं?

कपड़े हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो हमें आराम और ऊष्मा प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, स्कूल की ड्रेस, चादर, तकिया आदि हमारे दैनिक जीवन के कपड़े हैं।

कपड़े की बनावट में सूत और रेशे किस प्रकार जुड़े होते हैं? इसे स्पष्ट करें।

कपड़े की मूल इकाई रेशे होते हैं जो सूत में बटे होते हैं। सूत धागों के समूह होते हैं जो कपड़ा बनाने के लिए उपयोग होते हैं। उदाहरण के लिए, ऊनी कार्डिगन में रेशे धागों के रूप में अंतर्ग्रथित होते हैं।

रेशे के गुणों में कताई योग्य होना क्यों महत्वपूर्ण है?

कताई योग्य होना रेशे का वह गुण है जिससे वह आसानी से सूत में परिवर्तित हो सकता है। उदाहरण के लिए, लंबाई और मजबूती के कारण सूत बनाना संभव होता है।

निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक सेल्युलोसिक रेशा नहीं है?

नायलॉन

इस अध्याय में महारत हासिल करें

पूरा कपड़े - हमारे आस-पास अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।

ConceptScroll में खोलें →

ConceptScroll के साथ स्मार्ट पढ़ें

रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।

मुफ़्त सीखना शुरू करें
#cbse notes#class 11#home science#ncert

और पढ़ें